{"_id":"595a031f4f1c1be20a8b46a4","slug":"five-points-which-show-china-is-going-to-make-a-new-pakistan-for-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिर क्यों भारत के लिए दूसरा 'पाक' बनता जा रहा है चीन!","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
आखिर क्यों भारत के लिए दूसरा 'पाक' बनता जा रहा है चीन!
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
Updated Mon, 03 Jul 2017 02:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिक्किम-भूटान-तिब्बत ट्राई जंक्शन पर चीन और भारत के बीच सीमा विवाद कुछ इस कदर बढ़ गया है कि हालात 1962 की जंग जैसे लगने लगे हैं। चीन ने साफ तौर पर धमकी दी है कि अगर सीमा विवाद नहीं सुलझा तो इसका अंजाम एक बड़ी लड़ाई तक पहुंच सकता है। हालांकि, चीन की इस धमकी का जवाब केंद्रीय रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने दिया। उन्होंने कहा कि अब हालात 1962 जैसे नहीं हैं।
विज्ञापन
दरअसल, डोकलाम में चीन की ओर से बनाई जा रही सड़क पर रिश्तों में खटास आ रही है। चीन के इस अड़ीयल रवैये के बाद भारत को डोकलाम बॉर्डर पर भारी सुरक्षा बल तैनात करना पड़ गया है। चीन का ये रवैया ठीक वैसा ही होता जा रहा है जैसा की पाकिस्तान भारत के प्रति हमेशा से रखता आया है। आईए आपको बताते हैं वो पांच कारण जिनसे लगने लगा है कि चीन भारत के लिए दूसरा पाकिस्तान बनता जा रहा है।
विज्ञापन
पहला मुद्दा- डोकलाम
पाकिस्तान की ओर से एलओसी पर लगातार सीजफायर और फिर आतंकियों की घुसपैठ में मदद कराना भारत के लिए बड़ी चिंता है। भारतीय सैनिकों पर हमले इसमें शामिल हैं। ऐसा ही कुछ चीनी सेना की तरफ से भी किया जा रहा है। डोकलाम में चीनी सेना ने भारतीय सैनिका के बंकर तोड़े और फिर उन पर घुसपैठ का आरोप भी लगा दिया।
विज्ञापन
जंग की धमकी
जिस तरह पाकिस्तान भारत को बार-बार जंग की धमकी देता है, ठीक वैसे हालात चीन भी बनाए जा रहा है। जिसका स्पष्ट उदाहरण है चीन का 1962 की जंग की यादें ताजा करना।
आतंकवाद पर समर्थन
साउथ एशिया में आतंकवादी गतिविधियों बढ़ती जा रही है। भारत में आतंकी हमलों के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार रहता है। ऐसा इसिलए क्योंकि वो हाफिज सईद, सैयद सलाहुद्दीन भारत के बड़े दुश्मनों को पनाह देता आया है। ऐसा ही चीन की तरफ से भी दिखने लगा है, क्योंकि भारत मसूद अजहर पर यूएन बैन की मांग करता आया है, लेकिन चीन इसके खिलाफ सार्वजनिक तौर पर बोलता हुआ दिखा है।