फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   economy boom huge surge in house sale 23 states earned Rs 13 lakh crore from stamp duty in 10 years

अर्थव्यवस्था: 23 राज्यों ने 10 साल में स्टांप शुल्क से कमाए 13 लाख करोड़, मकानों की बिक्री में आया भारी उछाल

Sat, 06 Jul 2024 05:40 AM IST
Ajit Singh Ajit Singh
Updated Sat, 06 Jul 2024 05:40 AM IST
सार

वित्त वर्ष 2015 से 2019 के बीच 23 राज्यों में स्टांप शुल्क की वार्षिक चक्रवृ्द्धि दर 10.4 फीसदी रही है। महामारी के बाद वित्त वर्ष 2019 से 2024 के बीच यह दर 12.5 फीसदी रही है। इससे संकेत मिलता है कि कोरोना के बाद मकानों की बिक्री में अच्छा उछाल आया है। 

विज्ञापन
economy boom huge surge in house sale 23 states earned Rs 13 lakh crore from stamp duty in 10 years
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : Istock

विस्तार

अर्थव्यवस्था में तेजी और कोरोना के बाद बढ़ती मांग से मकानों की बिक्री में भारी उछाल आया है। इससे पिछले 10 वर्षों में 23 राज्यों ने संपत्तियों के पंजीकरण के एवज में 13.7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की स्टांप ड्यूटी वसूली है।

विज्ञापन


बैंक ऑफ बड़ौदा की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2015 से 2019 के बीच 23 राज्यों में स्टांप शुल्क की वार्षिक चक्रवृ्द्धि दर 10.4 फीसदी रही है। महामारी के बाद वित्त वर्ष 2019 से 2024 के बीच यह दर 12.5 फीसदी रही है। इससे संकेत मिलता है कि कोरोना के बाद मकानों की बिक्री में अच्छा उछाल आया है। 23 राज्यों में से 16 राज्यों में स्टांप ड्यूटी बढ़ी है।
विज्ञापन


10 वर्षों में स्टांप शुल्क दर में काफी बदलाव आया है। कोरोना के समय कुछ राज्यों ने शुल्क को शून्य कर दिया था। हालांकि, अब यह कोरोना के पहले के स्तर पर वापस आ गया है। लोगों की आय स्तर में वृद्धि और खुद का घर होने की चाहत से मकानों की बिक्री में तेजी आई है। इससे स्टांप शुल्क की वसूली भी बढ़ी है। 5 वर्षों में तेलंगाना, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, ओडीशा और मेघालय में स्टांप शुल्क में कमी आई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


83 लाख करोड़ रुपये का होगा रियल एस्टेट क्षेत्र
भारतीय अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में मजबूत गति से बढ़ने के लिए तैयार है। रियल एस्टेट क्षेत्र से बुनियादी ढांचे को पर्याप्त बढ़ावा देकर इसे और तेज किया जा सकता है। वर्ष 2030 तक रियल एस्टेट क्षेत्र के 83 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। 

जीडीपी में करेगा 15 फीसदी का योगदान
रियल एस्टेट उद्योग 2047 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में 15 फीसदी से अधिक योगदान कर सकता है। अभी यह सात फीसदी है। महंगी संपत्ति की बिक्री में भी लगातार वृद्धि हुई है, जो बढ़ती आय और दबी हुई मांग का संकेत है।

विदेशी निवेशकों ने लगाए 3.1 अरब डॉलर
विदेशी निवेशकों ने जनवरी से जून के दौरान भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में 3.1 अरब डॉलर का निवेश किया है। जेएलएल इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कुल निवेश का करीब 65 फीसदी हिस्सा है।


उत्तर प्रदेश में शुल्क 12.5 फीसदी से घटकर सात फीसदी
पिछले 10 वर्षों में कई राज्यों ने स्टांप शुल्क बढ़ाया है तो कई ने घटाया है। उत्तर प्रदेश ने सबसे ज्यादा 5.5 फीसदी घटाया है। इस राज्य में पहले स्टांप शुल्क 12.5 फीसदी था जो अब सात फीसदी है। मध्य प्रदेश ने 8 फीसदी से घटाकर 7.5 फीसदी किया है। हरियाणा ने बढ़ाकर 5 से 7 फीसदी कर दिया है जो पहले 3 से 7 फीसदी था। छत्तीसगढ़ ने 8 से घटाकर पांच फीसदी किया है।

स्टांप शुल्क पाने में महाराष्ट्र सबसे आगे
राज्य शुल्क (फीसदी)
महाराष्ट्र 23.40
उत्तर प्रदेश 13.00
तमिलनाडु 9.20
कर्नाटक 8.40
गुजरात 6.70

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed