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पीएमओ की एचआरडी मिनिस्ट्री को सलाह, सैनिक स्कूल के मॉडल को अपनाएं सभी स्कूल

Fri, 21 Jul 2017 09:16 AM IST
amarujala.com, Presented by: विपुल प्रकाश
amarujala.com, Presented by: विपुल प्रकाश Updated Fri, 21 Jul 2017 09:16 AM IST
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Copy Sainik School model in all schools: PMO to HRD
सैनिक स्कूल

प्रधान मंत्री कार्यालय ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सैनिक स्कूल के एलिमेंट को रेग्यूलर स्कूलों में भी शामिल करने की सलाह दी है। जिसका लक्ष्य अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और देशभक्ति के दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है। एचआरडी मिनिस्ट्री के सीनियर अधिकारियों ने मंगलवार को पीएमओ द्वारा इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बुलाए बैठक में भाग लिया। पीएमओ ने छात्रों के "समग्र विकास" के लिए सभी स्कूलों में ऐसे एलिमेंट को शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। 

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प्रकाश जावड़ेकर की अगुवाई वाली मंत्रालय, केन्द्रीय विद्यालयों और जवाहर नवोदय विद्यालय में सैनिक विद्यालय जैसी सुविधाओं को लागू करने की तैयारी में है। वहीं  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के साथ भी पीएमओ के सुझाव पर विचार-विमर्श किया गया है। देश भर में करीब 20,000 प्राइवेट स्कूलों को सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है। सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय का मानना है कि जवाहर नवोदय विद्यालय में इस तरह के एलिमेंट को लाना आसान होगा। केंद्र के द्वारा संचालित ये विद्यालय, ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हैं। छात्रों को एंट्रेंस एग्जाम के द्वारा चुना जाता है।
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मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडे ने छात्रों को देशभक्ति और राष्ट्रवाद के विचार को प्रोत्साहित करने के लिए सैन्य शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि नालंदा विश्वविद्यालय में 10,000 छात्रों में से 2,000 छात्रों को भी सैन्य शिक्षा में प्रशिक्षित किया गया होता तो संस्थान को किसी भी समस्या से जुझना नहीं पड़ता। मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि सरकार द्वारा अधिक सैनिक स्कूलों की स्थापना की जानी चाहिए क्योंकि इस समय देश को "राष्ट्रवाद और देशभक्ति की आवश्यकता है"।
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एनडीए-2 सरकार ने इस आइडिया को पहली बार पिछले साल अक्टूबर में CABE की 64 वीं बैठक में रखा था। CABE शिक्षा से संबंधित मामलों पर केंद्र सरकार और राज्यों का मार्गदर्शन करता है।


1961 में तत्कालीन रक्षा मंत्री वी के कृष्ण मेनन द्वारा सैनिक स्कूल को डिफेंस सर्विस के लिए युवाओं को तैयार करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था। सैनिक स्कूलों में छात्रों को एनसीसी में शामिल होना, कठोर शारीरिक प्रशिक्षण से गुजरना एवं अनुशासित जीवन जीना और देशभक्ति के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। फिलहाल लगभग 25 ऐसे स्कूल हैं, जो रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं।

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