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गुजरात चुनाव: अनजाने भय ने बढ़ाया कांग्रेस का डर, भाजपा में उम्मीद

Tue, 05 Dec 2017 09:21 PM IST
शशिधर पाठक/ नई दिल्ली
शशिधर पाठक/ नई दिल्ली Updated Tue, 05 Dec 2017 09:21 PM IST
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Congress is afraid of Amit Shah's strategy for Gujarat assembly elections

अनजाना भय एक फोबिया की तरह है। राजनीति में हमेशा रहता है और गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर इस बार कांग्रेस मुख्यालय के करीब हर बड़े नेता के मन में छाया हुआ है। 

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एक तरफ सर्वे कांग्रेस के लिए अच्छी खबर दे रहे हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के दिमाग में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अगली रणनीति सता रही है। दिलचस्प यह है कि इस रणनीति के बारे में किसी को पता नहीं है। वहीं, भाजपा मुख्यालय से लेकर दिल्ली के गुजरात भवन और गुजरात कॉडर के कुछ नौकरशाह इसको लेकर बड़ी उम्मीद पाले हैं।
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भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनके अध्यक्ष हमेशा नये सिरे से सोचते हैं। उनके पास हमेशा करने के लिए कुछ नया, चौंकाने वाला और पार्टी हित में होता है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और केन्द्र सरकार में राज्यमंत्री रहे राजीव प्रताप रूडी अमित शाह की राजनीति और उनके साथ काम करने के कायल हैं। 
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रूडी का कहना है कि जहां से आम तौर पर नेताओं की सोच अपनी सीमा पूरी कर लेती है, उसके आगे से उनकी पार्टी के अध्यक्ष सोचना शुरू करते हैं। रूडी ने यह टिप्पणी बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान की थी। 

पार्टी के करीब-करीब तमाम वरिष्ठ नेता इससे सहमत है। गुजरात चुनाव के परिप्रेक्ष्य में  इस अनजाने से भय और भाजपा के जीत के आखिरी दांव के बारे में पूछने पर बिना चर्चा में आए तमाम भाजपा के नेताओं का कहना है कि 18 दिसंबर 2017 का इंतजार कीजिए। 

पार्टी के एक केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि सर्वे चाहे जो कह रहा हो, लेकिन गुजरात में सरकार भाजपा की बनेगी। गुजरात के संयुक्त सचिव स्तर के नौकरशाह का कहना है कि वह भी सर्वे से ज्यादा समय पर भरोसा करते हैं। उन्हें विश्वास है कि अंतिम समय तक कुछ ऐसा हो जाएगा, जिससे गुजरात की जनता भाजपा की सरकार बनवा देगी। 

सूत्र का कहना है कि वह हर बार विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार सुनते रहते हैं और अंत में नतीजा कुछ और आता है। गुजरात भवन में तैनात एक अफसर का भी यही मानना है।

सोनिया गांधी की हर पल पर नजर

Congress is afraid of Amit Shah's strategy for Gujarat assembly elections
सोनिया गांधी

इसके बरअक्स आखिरी दौर में पहुंच चुके गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार को लेकर कांग्रेस अपनी तैयारी के साथ-साथ भाजपा की हर चाल को लेकर बेहद सतर्क है। सोमनाथ मंदिर में रजिस्टर में नाम दर्ज करने के दौरान हुई चूक जैसी स्थिति से भी पार्टी बचना चाह रही है। 

सूत्र बताते हैं कि मणि शंकर अय्यर जैसे तमाम नेताओं को बयान में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बुधवार को राहुल गांधी द्वारा ट्वीट किए गए सवाल में आंकड़ों की गड़बड़ी के चलते ट्वीट हटाकर नया ट्वीट जारी करना पड़ा। इसको लेकर खास एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अपने मीडिया कोआडिनेटर से लेकर सचिव तक को कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।

सोनिया गांधी की हर पल पर नजर
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अपने अध्यक्ष पद के कार्यकाल के अंतिम दौर में गिफ्ट के तौर पर गुजरात विधानसभा चुनाव में जीत चाहती हैं। कांग्रेस अध्यक्ष को इसकी अहमियत का पूरा एहसास है। 

सूत्र बताते हैं कि अपने घर में ही रहकर कांग्रेस अध्यक्ष उच्च स्तर पर सक्रिय हैं। रणनीति बनाने, चुनाव प्रचार में सावधानी बरतने, मुद्दे, गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के घटनाक्रम समेत अन्य पर वह पूरी नजर रख रही हैं।

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं से जरूरत पड़ने पर लगातार सलाह ले रही हैं। वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारी के बाबत भी चर्चा कर रही हैं। इसके अलावा सोनिया की हर पल कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के चुनाव प्रचार अभियान पर नजर है। कहा जा सकता है कि काफी समय बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को फ्रंट में रखकर जोरदर राजनीतिक पारी खेल रही हैं।

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