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इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर में चीन की एंट्री से सकते में भारत
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 21 Jan 2017 01:30 PM IST
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बिजली सेक्टर से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में चीनी कंपनियों का आगमन भारत के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। बिजली सेक्टर में काम कर रही विभिन्न भारतीय कंपनियों ने आशंका जताई है कि चीनी कंपनियों की मदद से देश का ट्रांसमिशन नेटवर्क हो सकता है। भारतीय कंपनियों ने इसकी वजह चीन की SCADA व्यवस्था में बढ़ती मौजूदगी को बताया है।
SCADA (सूपर्वाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन) एक कंप्यूटर पर आधारित व्यवस्था है जिसकी मदद से कंपनियां बिजली की आपूर्ति पर ऑटोमैटिक तरीके से कंट्रोल करती हैं। इस व्यवस्था से बिजली की मांग और आपूर्ति में संतुलन बना रहता है।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल को लिखे पत्र में इंडियन इक्वीपमेंट मैन्युफैक्चर एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल, सुनील मिश्रा ने लिखा कि, 'एक-दूसरे से जुड़े सिस्टम में इक्विपमेंट्स की मदद से डाटा और इन्फर्मेशन का आदान-प्रदान होता है। इससे सिस्टम बेहतर बनता है। लेकिन, इससे सिस्टम को कुछ ऐसे संदिग्ध लोगों, कंपनियों या देशों से खतरे की आशंका भी बढ़ जाती है, जो अपने फायदे के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।'
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बता दें कि सुरक्षा की दृष्टि से चीनी उपकरणों के प्रयोग को भारत में हमेशा से संदिग्ध माना जाता रहा है। लेकिन इन सबके बावजूद भारत में इनका इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है।
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SCADA (सूपर्वाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन) एक कंप्यूटर पर आधारित व्यवस्था है जिसकी मदद से कंपनियां बिजली की आपूर्ति पर ऑटोमैटिक तरीके से कंट्रोल करती हैं। इस व्यवस्था से बिजली की मांग और आपूर्ति में संतुलन बना रहता है।
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टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल को लिखे पत्र में इंडियन इक्वीपमेंट मैन्युफैक्चर एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल, सुनील मिश्रा ने लिखा कि, 'एक-दूसरे से जुड़े सिस्टम में इक्विपमेंट्स की मदद से डाटा और इन्फर्मेशन का आदान-प्रदान होता है। इससे सिस्टम बेहतर बनता है। लेकिन, इससे सिस्टम को कुछ ऐसे संदिग्ध लोगों, कंपनियों या देशों से खतरे की आशंका भी बढ़ जाती है, जो अपने फायदे के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।'
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बता दें कि सुरक्षा की दृष्टि से चीनी उपकरणों के प्रयोग को भारत में हमेशा से संदिग्ध माना जाता रहा है। लेकिन इन सबके बावजूद भारत में इनका इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है।