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खुश है जमाना आज पहली तारीख है! जानें आज से कैसे बदलेगी आपकी जिंदगी

Sat, 01 Apr 2017 11:48 AM IST
amarujala.com- presented by: संदीप भट्ट
amarujala.com- presented by: संदीप भट्ट Updated Sat, 01 Apr 2017 11:48 AM IST
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Beginning of new financial year 2017
कई चीजों में होगा बदलाव

एक अप्रैल 2017 से शुरू हो रहे नए वित्त वर्ष की शुरूआत के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था में कई परिवर्तन हो रहे हैं। हम यहां प्रमुख बदलाव का आकलन कर रहे हैं, जो आम नागरिकों को प्रभावित करेगा।

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वैयक्तिक आय कर के मोर्चे पर
वित्त वर्ष 2017-18 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कम आमदनी वाले करदाताओं को कुछ राहत देने की घोषणा की थी। उसके मुताबिक नए वित्त वर्ष में सालाना ढाई लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक कमाने वाले व्यक्तियों को अब 10 फीसदी की बजाय 5 फीसदी ही टैक्स देना होगा।
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हालांकि साथ ही सालाना 3.5 लाख रुपये तक की आय वाले लोगों के लिए टैक्स रिबेट को घटाकर 5000 रुपये से घटा कर 2500 रुपये कर दिया गया है। पहले यह छूट 5 लाख रुपये तक की आमदनी वालों केलिए थी।
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अब 50 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक की सालाना आय वाले करदाताओं को कुल देय कर पर 10 फीसदी का सरचार्ज देना होगा तो एक करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी वाले सुपर अमीर लोगों पर पहले की तरह ही 15 पर्सेंट सरचार्ज लगता रहेगा।

अब अचल संपत्ति की होल्डिंग पीरियड के आधार पर तय होने वाली लांग टर्म की परिभाषा भी बदल जाएगी। पहले 3 साल तक के होल्डिंग अवधि को लांग टर्म माना जाता था जो अब दो साल कर दिया गया है। 

इस बार आकलन वर्ष 2018-19 के लिए राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम में निवेश करने वालों के लिए कोई डिडक्शन का लाभ नहीं मिलेगा। इसी के साथ आयकर कानून में बदलाव की वजह से विभागीय अधिकारी बीते 10 वर्षों के उन सभी मामलों की फिर से जांच कर सकेंगे, जिनकी आय और संपत्ति 50 लाख रुपये से अधिक है। मौजूदा समय में आयकर अधिकार अधिकतम 6 वर्ष पुराने मामले ही खोल सकता है।

नोटबंदी के दौरान जमा रकम की देनी होगी जानकारी

Beginning of new financial year 2017
नोटबंदी के दौरान जमा रकम की देनी होगी जानकारी
उन्होंने बताया कि इस बार के रिटर्न फॉर्म में एक नया कॉलम बनाया है। इसमें किसी व्यक्ति या इकाई द्वारा पिछले साल नौ नवंबर से 30 दिसंबर के दौरान जमा कराई गई राशि का ब्यौरा देने को कहा गया है। यह नया कॉलम वेतनभोगियों के लिए सहज फार्म (आईटीआर1) में भी जोड़ा गया है। हालांकि इस कॉलम में उन्हीं को जानकारी देनी होगी, जिन्होंने उक्त अवधि में दो लाख रुपये या उससे अधिक राशि खाते में जमा की है।

आधार अब पैन के लिए भी
अब आयकर विभाग का स्थायी खाता संख्या नंबर या पैन कार्ड के आवेदन के लिए भी आधार कार्ड जरूरी होगा। इसके साथ ही इसे टैक्स रिटर्न भरते वक्त भी अधार संख्या बताना जरूरी कर दिया गया है।

सोना की बिक्री दस हजार रुपये की ही
एक अप्रैल से सोने की बिक्री पर एक दिन में 10 हजार रुपये से ज्यादा नकद राशि नहीं मिलेगी। ऐसा काले निर्णय काले धन पर अंकुश लगाने के लिए लिया गया है।

अब सिर्फ बिकेंगे बीएस 4 मानक वाले वाहन
पर्यावरण की बिगड़ती हालत को देखते हुए उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर शनिवार से देश भर में बीएस3 मानक वाले मोटर वाहन नहीं बिकेंगे। अब सिर्फ बीएस 4 मानक वाले वाहन ही बिक पायेंगे। 

एनपीएस और बेहतर
सरकार ने नए वित्त वर्ष से नेशनल पेंशन सिस्टम -एनपीएस- को और बेहतर कर दिया है। अब इस कोष से आंशिक निकासी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे पहले एनपीएस कोष से निकासी कर आकर्षित करती थी। 

छोटी बचत की ब्याज दरों में फिर कटौती

Beginning of new financial year 2017
सरकार ने पीपीएफ, किसान विकास पत्र और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी छोटी बचत की योजनाओं की ब्याज दरों में एक बार फिर से कटौती कर दी है। वित्त मंत्रालय से जारी अधिसूचना के मुताबिक इस साल अप्रैल-जून की तिमाही से इन योजनाओं की ब्याज दरों में 0.1 फीसदी की कटौती की गई है।

यह परिवर्तन एक अप्रैल 2017 से प्रभावी हो रहा है। वित्त मंत्रालय से शुक्रवार को जारी एक बयान के मुताबिक वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही के लिए लघु बचत योजनाओं की  ब्याज दरों में परिवर्तन किया गया है। हालांकि डाकघर बचत खातों में  यह कटौती लागू नहीं  होगी।

इस कटौती के बाद  पीपीएफ में निवेश पर अब  हर साल 7.9 फीसदी का ब्याज  मिलेगा जबकि पहले इस पर आठ फीसदी का ब्याज मिलता था। इसी  तरह पांच साल की मियाद वाली राष्ट्रीय बचत पत्र पर भी 7.9 फीसदी का  ब्याज मिलेगा।  112 महीने की परिपक्वता वाले किसान विकास पत्र -केवीपी- में निवेश पर 7.6 फीसदी का ब्याज  मिलेगा।

 वरिष्ठ नागरिक बचत जमा योजना पर भी ब्याज दर घटा कर 8.4 फीसदी कर दी गई है। इसके अलावा पांच साल की आवर्ती जमा -आरडी- पर ब्याज दर  7.2 फीसदी होगी। बालिकाओं के लिए शुरू की गई निवेश की विशेष योजना सुकन्या समृद्धि योजना में भी ब्याज दर घटा कर  8.4 फीसदी कर दी गई है।

ई-वीजा में बदलाव, चलन से हटाये गए नोट नहीं बदलेंगे

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वैसे भारतीय नागरिक जो नोटबंदी की अवधि में किसी वजह से देश से बाहर थे, वे अब चलन से हटाये गए 500 और 1000 रुपये के नोट नहीं बदल पायेंगे। उनके लिए नोट बदलने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2017 ही थी। हालांकि अनिवासी भारतीय 30 जून 2017 तक पुराने नोट रिजर्व बैंक में बदल सकेंगे। 

स्टेट बैंक देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक -एसबीआई- में बचत खाता है तो एक अप्रैल से कुछ विशेष सेवा के लिए शुल्क या ज्यादा शुल्क चुकाने के लिए तैयार रहिये। यही नहीं, यदि खाते में न्यूनतम शेष राशि नहेीं है तो भी जुर्माना लिया जाएगा। बैंक ने ग्रामीण इलाकों में हर महीने 1000 रुपये का औसत, अर्द्घ शहरी में 2000 रुपये, शहरी में 3000 रुपये और मेट्रो शहरों में 5000 रुपये का न्यूनतम औसत निर्धारित किया है। जन धन खाता, बुनियादी बचत खाता या किसी विशेष योजना के तहत खुलवाये गए खातों को शुल्क से अलग रखा गया है। 

बैंक ने ग्रामीण इलाकों के बचत खाता में न्यूनतम शेष नहीं रखने पर कम से कम 20 रुपये और देय कर का शुल्क लगाया है जबकि अर्द्घ शहरी इलाकों में 25 रुपये, शहरी में 40 रुपये और मेट्रो शहरों में 50 रुपये और देय कर रखा गया है। खाते की शेष राशि औसत न्यूनतम राशि से 50 फीसदी सल्े भी ज्यादा कम होगी तो शुल्क दूना या इससे ज्यादा भी हो सकता है। इस पर कर अलग से देय होगा। 
 बैंक ने डिमांड ड्राफ्ट बनाने के शुल्क में भी बढ़ोतरी की है। आगामी एक अप्रैल से एसबीआई में चाहे पांच रुपये का ड्राफ्ट बनायें या पांच हजार रुपये का, कमीशन कम से कम 25 रुपये और देय कर लगेगा। पांच हजार से दस हजार रुपये के बीच कमीशन 50 रुपये जबकि दस हजार रुपये से एक लाख रुपये तक का कमीशन पांच रुपये प्रति हजार तय किया है। शुल्क में देय सेवा कर और सेस अलग से लगेगा। एक लाख रुपये से ऊपर की राशि का ड्राफ्ट बनाने पर प्रति हजार चार रुपये, -न्यूनतम 600 और अधिकतम 2000 रुपये- का कमीशन लगेगा। 

 एक अप्रैल से ही स्टेट बैंक के पांच सहायक बैंकों- स्टेट बैंक ऑफ  पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ  हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैक ऑफ  त्रावणकोर और स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर का विलय प्रभावी होंगे। नई व्यवस्था में भारतीय स्टेट बैंक की 23 हजार शाखाएं होंगी और कुल 21 हजार एटीएम होंगे।

ई-वीजा में बदलाव
एक अप्रैल 2017 के प्रभाव से ई-वीजा को तीन श्रेणियों में विभाजित कर दिया गया है। ये तीन श्रेणियां हैं- ई-टूरिस्ट वीजा, ई-बिजनेस वीजा और ई-मेडिकल वीजा। ई-वीजा की सुविधा 24 हवाईअड्डों पर 161 देशों के नागरिकों को दी गई है।

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