सरकारी बैंकों में आधार केंद्र खोलने को तैयार नहीं बैंककर्मी, पड़ेगी 1.20 लाख लोगों की जरूरत
निजी क्षेत्र में खोले गए आधार केंद्र में तयशुदा रकम से ज्यादा पैसे वसूले जाने और कुछ और धांधली की वजह से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में आधार पंजीकरण केन्द्र खोलने की सरकार की योजना को बैंककर्मियों का साथ नहीं मिल पा रहा है। बैंककर्मियों का कहना है कि पहले से ही उनकी शाखाओं में जरूरत से कम कर्मचारी तैनात हैं, ऊपर से उनके जिम्मे बैंकिंग कार्य के अलावा बीमा पॉलिसी और म्यूचुअल फंड बेचने का भी काम है।
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ऐसे में बैंक शाखाओं में आधार पंजीकरण केन्द्र चलाना संभव नहीं है। इनका कहना है कि यदि सरकार की योजनानुसार बैंकों में आधार पंजीकरण केन्द्र खोला गया तो सिर्फ इसी काम के लिए कम से कम 1.20 लाख अतिरिक्त कर्मचारियों की दरकार होगी।
स्टेट बैंक समेत सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों में काम करने वाले अधिकारियों का सबसे बड़ा संगठन आल इंडिया बैंक आफिसर्स कंफेडरेशन -एआईबीओसी- के महासचिव डी टी फ्रेंको ने इसी बात को रेखांकित करते हुए पिछले दिनों केंद्रीय वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाओं के विभाग के सचिव के साथ साथ भारतीय बैंक संघ -आईबीए- तथा भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को पत्र लिखा है।
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पत्र में कहा गया है कि सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में आधार पंजीकरण केन्द्र खोलने की जो योजना बनाई है, उसके मुताबिक सभी बैंक की कुल शाखा में से करीब दस फीसदी में यह केन्द्र खुलेगा। हर केन्द्र में एक प्रशिक्षित पर्यवेक्षक, तकनीकी व्यक्ति और प्रशिक्षित ऑपरेटर तैनात होना है।
मतलब कि हर केन्द्र में कम से कम चार व्यक्ति। दूसरे शब्दों में कहा जाए, तो सिर्फ इसी काम के लिए बैंक को 1.20 लाख अतिरिक्त कर्मचारियों एवं अधिकारियों की दरकार पड़ेगी।
इसलिए अभी तक नहीं खुल रहे हैं केन्द्र
एआईबीओसी के एक पदाधिकारी का कहना है कि सभी बैंक प्रबंधन ने तो अपने क्षेत्रीय और शाखा कार्यालयों में बीते 18 अक्टूबर को ही आधार पंजीकरण केन्द्र खोलने का संदेश भेज दिया है, लेकिन अभी तक केन्द्र चालू नहीं हुआ है। स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक ने इस दिशा में कुछ काम शुरू किया है लेकिन अभी तक काम जोर नहीं पकड़ा है।
बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाबाद बैंक आदि में तो अभी तक एक की आधार केन्द्र नहीं खुल पाया है। इनके मुताबिक कर्मचारियों की कमी की वजह से बैंक के दैनंदिन काम हो नहीं पा रहे हैं, जिन्होंने बैक से ऋण लिया है, उनसे संपर्क नहीं हो पाने की वजह से बैंक का एनपीए बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में आधार केंद्र चलाने के लिए चार व्यक्ति कहां से लायें।
बैंकों में खुलेंगे आधार केन्द्र
हालांकि वित्त मंत्रालय के अधिकारी का कहना है कि यह निर्णय सोच-समझ कर लिया गया है और बैंकों में आधार केन्द्र खुलेगा। उनका कहना है कि सरकारी बैंकों और डाकघर की पहुंच करीब करीब देश के हर हिस्से में है, इसी वजह से बैंक और डाकघर में आधार केन्द्र खोलने का फैसला हुआ है।