{"_id":"584239db4f1c1bd823de534e","slug":"arun-jaitley-statement-over-gst-and-demonetisation","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सितंबर 2017 से पहले लागू होगा GST, बदलेगी देश की अर्थव्यवस्था: जेटली","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
सितंबर 2017 से पहले लागू होगा GST, बदलेगी देश की अर्थव्यवस्था: जेटली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 03 Dec 2016 09:03 AM IST
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अरून
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि इस साल के अंत तक नोटों की तंगी दूर हो जाएगी। 500 एवं 2,000 रुपये के नोट छापे जा रहे हैं, जिस वजह से आगामी 30 दिसंबर तक बाजार में पर्याप्त नकदी हो जाएगी। शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान जेटली ने कहा कि नोटबंदी के बाद पर्याप्त मात्रा में नए नोट छापे जा रहे हैं। इनमें 500 एवं 2,000 रुपये के बड़े नोट भी हैं। इसलिए इस साल के अंत तक नोटों की तंगी दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से पहले जितनी मात्रा में नोट चलन में थे, उतने नोट जारी करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्योंकि अब बड़े नोटों के छापने पर जोर है। इसके साथ ही देश में डिजिटल करेंसी का प्रसार बढ़ रहा है।
नोटबंदी के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि इस साल रबी फसल की बुवाई पिछले साल से अधिक है, वाहनों की बिक्री का रूझान मिला-जुला है। इस बदलाव से अर्थव्यवस्था में थोड़ी उथल-पुथल हो सकती है लेकिन दीर्घकालीन लाभ होंगे। नोटों ती कमी पर जेटली ने कहा कि सुरक्षा मानकों के साथ नोटों की छपाई करने में समय लगता है और रिजर्व बैंक नोट जारी करने का काम कर रहा है।
सितंबर 2017 से पहले लागू करना होगा जीएसटी
जीएसटी के सवाल पर जेटली ने कहा कि संविधान संशोधन के अनुसार, जीएसटी लागू करने में ज्यादा देर नहीं की जा सकती। 16 सितंबर, 2016 को हुये संविधान संशोधन के मुताबिक, मौजूदा अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को वर्ष के दौरान चलाया जा सकता है, लेकिन इसमें किसी तरह की देरी का मतलब होगा 17 सितंबर, 2017 के बाद कोई वाणिज्यिक कर वसूली नहीं।
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नोटबंदी के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि इस साल रबी फसल की बुवाई पिछले साल से अधिक है, वाहनों की बिक्री का रूझान मिला-जुला है। इस बदलाव से अर्थव्यवस्था में थोड़ी उथल-पुथल हो सकती है लेकिन दीर्घकालीन लाभ होंगे। नोटों ती कमी पर जेटली ने कहा कि सुरक्षा मानकों के साथ नोटों की छपाई करने में समय लगता है और रिजर्व बैंक नोट जारी करने का काम कर रहा है।
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सितंबर 2017 से पहले लागू करना होगा जीएसटी
जीएसटी के सवाल पर जेटली ने कहा कि संविधान संशोधन के अनुसार, जीएसटी लागू करने में ज्यादा देर नहीं की जा सकती। 16 सितंबर, 2016 को हुये संविधान संशोधन के मुताबिक, मौजूदा अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था को वर्ष के दौरान चलाया जा सकता है, लेकिन इसमें किसी तरह की देरी का मतलब होगा 17 सितंबर, 2017 के बाद कोई वाणिज्यिक कर वसूली नहीं।
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जीएसटी और नोटबंदी बदलेंगे अर्थव्यवस्था की तस्वीर
arun jetly
- फोटो : ani
जीएसटी और नोटबंदी बदलेंगे अर्थव्यवस्था की तस्वीर
जेटली ने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी दोनों ही अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलने वाले होंगे, लेकिन सुधारों का विरोध करने वाले राज्यों को लेकर निवेशक सतर्कता बरतेंगे।
इस तिमाही प्रतिकूल प्रभाव की अभी भविष्यवाणी मुश्किल
नोटबंदी का इस तिमाही में प्रतिकूल परिणाम पड़ने की आशंका पर उन्होंने कहा कि देश ने नोटबंदी का आम तौर पर स्वागत किया गया है। जहां तक इस तिमाही में प्रतिकूल प्रभाव के अनुमान की बात है तो इस बात की भविष्यवाणी अभी करना मुश्किल है। इसका असर जरूर होगा लेकिन यह ज्यादा दिन नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत पिछले साल की तरह इस साल भी दुनिया की सबसे तीव्र रफ्तार से वृद्धि कर रही प्रमुख अर्थव्यवस्था हो सकता है। जेटली ने कहा कि अब से एक वर्ष में भारत ऊंची (जीडीपी) वाली साफ-सुथरी बड़ी अर्थव्यवस्था होगा, जिसमें ब्याज दरें भी तर्कसंगत होंगी।
जेटली ने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी दोनों ही अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदलने वाले होंगे, लेकिन सुधारों का विरोध करने वाले राज्यों को लेकर निवेशक सतर्कता बरतेंगे।
इस तिमाही प्रतिकूल प्रभाव की अभी भविष्यवाणी मुश्किल
नोटबंदी का इस तिमाही में प्रतिकूल परिणाम पड़ने की आशंका पर उन्होंने कहा कि देश ने नोटबंदी का आम तौर पर स्वागत किया गया है। जहां तक इस तिमाही में प्रतिकूल प्रभाव के अनुमान की बात है तो इस बात की भविष्यवाणी अभी करना मुश्किल है। इसका असर जरूर होगा लेकिन यह ज्यादा दिन नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत पिछले साल की तरह इस साल भी दुनिया की सबसे तीव्र रफ्तार से वृद्धि कर रही प्रमुख अर्थव्यवस्था हो सकता है। जेटली ने कहा कि अब से एक वर्ष में भारत ऊंची (जीडीपी) वाली साफ-सुथरी बड़ी अर्थव्यवस्था होगा, जिसमें ब्याज दरें भी तर्कसंगत होंगी।