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गुजरात: मुहर्रम पर मातम की बजाय ये मुस्लिम समुदाय चला रहा रक्त दान की मुहिम
टीम डिजिटल अमर उजाला
Updated Mon, 02 Oct 2017 10:12 AM IST
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गुजरात में एक मुस्लिम समाज का एक समुदाय मुहर्रम पर मातम की परंपरा मनाने के बजाय रक्त दान करने की मुहिम चला रहा है। ये शिया जाफरी समुदाय गुजरात के साबरकांठा जिले का है जो रक्त के बहे जाने का समर्थन नहीं करता। एक मिसाल बन रहा ये समुदाय कई सालों से ऐसा करता आ रहा है और इसके गांव सुरपुर, केशरपुरा, जेठीपुरा और मग्ध इसमें शामिल हैं।
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इन गांवों के अलावा सिधिपुर और पालनपुर में शिया जाफरी की ओर रक्त दान के केंद्र लगाए जाते हैं। शिया जाफरी से जुड़े सयैद मोहम्मद मुजाहिद हुसैन जाफरी का कहना है कि ये कदम समाज में बदलाव लाने के लिए उठाया गया है।
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रक्त दान करने की ये मुहिम दिन-ब-दिन चर्चित होती जा रही है। इससे जुड़े एक शख्स अखलाक अहमद का कहना है कि पिछले साल ब्लड 3500 यूनिट दान किया गया था और इस साल भी 2800 यूनिट बल्ड दान में आया है।
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दरअसल, इमाम हुसैन की शहादत में मनाए जाने वाले मुहर्रम में मुस्लिम समाज का एक समुदाय ताजिया निकाल कर उन्हें याद करता है। इस दौरान धारदार हथियारों से वे मातम मारकर अपना खून बहाते हैं। इसी के साथ रक्त को किसी जरूरतमंद के इस्तेमाल के लिए ये मुहिम शुरू की गई है।