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नहीं खुल पा रही टिकट खिड़की, यात्री बिना टिकट यात्रा करने को मजबूर
Updated Tue, 11 Jul 2017 01:15 AM IST
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गोहाना। रेलवे स्टेशन पर पिछले कई दिनों से यात्रा बिना टिकट यात्रा करने को मजबूर हो रहे हैं। टिकट बुकिंग क्लर्क समय पर न आने के कारण टिकट खिड़की बंद रहती है। यात्री चाहकर भी टिकट नहीं खरीद पा रहे हैं। रेलवे के अधिकारियों को शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह सिलसिला काफी समय से चल रहा है।
गोहाना रेलवे स्टेशन अब जंक्शन का रूप ले चुका है। यहां से रोजाना दर्जनों रेलगाड़ियां रोहतक, पानीपत जींद और सोनीपत की ओर आ-जा रही हैं। इन शहरों में जाने वाले सैकड़ों यात्रियों ने सोमवार को भी बिना टिकट लिए ही यात्रा की। गोहाना रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन सैकड़ों यात्री रोहतक, पानीपत, करनाल, अंबाला, सोनीपत और जींद आते-जाते हैं। स्टेशन पर सुबह से दोपहर तक टिकट बुकिंग स्टाफ ही नजर नहीं आया। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। यात्रियों को मजबूरी में फ्री में रेल यात्रा करनी पड़ी। रोहताश, संजीव, सुरेश, अमन, संदीप, अशोक, रणबीर और कुलदीप आदि यात्रियों ने बताया कि वे टिकट लेकर यात्रा करना चाहते हैं लेकिन यहां स्टाफ न होने के कारण टिकट ही नहीं ले पाए। ऐसे में उन्हें मुफ्त में यात्रा करनी पड़ी।
बताया जा रहा है कि रात को ड्यूटी करने वाला बुकिंग क्लर्क तड़के छह बजे चला जाता है। उसके स्थान पर पानीपत से दूसरा क्लर्क आता है तथा वह देरी से आता है। जिस कारण टिकट खिड़की समय पर नहीं खुल पाती है। समय पर टिकट खिड़की न खुलने से रोजाना रेलवे को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। विभाग के अधिकारियों के पास सूचना होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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कोई कर्मचारी न आने से बंद रखनी पड़ती है खिड़की
टिकट खिड़की समय पर न खुलने के बारे में विभाग के आलाधिकारियों को सूचित किया जा चुका है। बुकिंग क्लर्क न होने पर विभाग द्वारा उसके स्थान पर दूसरा क्लर्क भेजा जाता है। वह रोजाना पानीपत से आता है। देरी से आने के कारण समय पर खिड़की नहीं खुलती। उनका काम उच्चाधिकारियों को सूचना देना है। व्यवस्था करना विभाग का काम है।
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गोहाना रेलवे स्टेशन अब जंक्शन का रूप ले चुका है। यहां से रोजाना दर्जनों रेलगाड़ियां रोहतक, पानीपत जींद और सोनीपत की ओर आ-जा रही हैं। इन शहरों में जाने वाले सैकड़ों यात्रियों ने सोमवार को भी बिना टिकट लिए ही यात्रा की। गोहाना रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन सैकड़ों यात्री रोहतक, पानीपत, करनाल, अंबाला, सोनीपत और जींद आते-जाते हैं। स्टेशन पर सुबह से दोपहर तक टिकट बुकिंग स्टाफ ही नजर नहीं आया। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। यात्रियों को मजबूरी में फ्री में रेल यात्रा करनी पड़ी। रोहताश, संजीव, सुरेश, अमन, संदीप, अशोक, रणबीर और कुलदीप आदि यात्रियों ने बताया कि वे टिकट लेकर यात्रा करना चाहते हैं लेकिन यहां स्टाफ न होने के कारण टिकट ही नहीं ले पाए। ऐसे में उन्हें मुफ्त में यात्रा करनी पड़ी।
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बताया जा रहा है कि रात को ड्यूटी करने वाला बुकिंग क्लर्क तड़के छह बजे चला जाता है। उसके स्थान पर पानीपत से दूसरा क्लर्क आता है तथा वह देरी से आता है। जिस कारण टिकट खिड़की समय पर नहीं खुल पाती है। समय पर टिकट खिड़की न खुलने से रोजाना रेलवे को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। विभाग के अधिकारियों के पास सूचना होने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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कोई कर्मचारी न आने से बंद रखनी पड़ती है खिड़की
टिकट खिड़की समय पर न खुलने के बारे में विभाग के आलाधिकारियों को सूचित किया जा चुका है। बुकिंग क्लर्क न होने पर विभाग द्वारा उसके स्थान पर दूसरा क्लर्क भेजा जाता है। वह रोजाना पानीपत से आता है। देरी से आने के कारण समय पर खिड़की नहीं खुलती। उनका काम उच्चाधिकारियों को सूचना देना है। व्यवस्था करना विभाग का काम है।