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किसान आंदोलन में महिलाओं ने संभाला मोर्चा
Updated Wed, 21 Jun 2017 12:16 AM IST
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किसान आंदोलन में महिलाओं ने संभाला मोर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 11वें दिन भी लघु सचिवालय में जारी रहा। धरने की अध्यक्षता महिला किसान विद्या देवी ने की। मंगलवार को मोर्चा महिलाओं के हाथों में रहा। महिलाएं सुबह ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर धरनास्थल पर पहुंची।
इस मौके पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए विद्या देवी ने कहा कि महिलाएं भी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन में भाग लेंगी। यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी तो वे अपने बच्चों और पशुओं के साथ लघु सचिवालय में पड़ाव डालेंगी। इस दौरान महिलाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय समक्ष मुख्यमंत्री मनोहर लाल का पुतला भी फूंका। महिलाओं में सरकार के रवैये को लेकर काफी रोष देखा गया। महिलाओं ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। युवतियों में भी काफी आक्रोश देखा गया। इस मौके पर पुलिस बल पूरी तरह से चौकस था।
किसान नेता विकल पचार ने कहा कि पंजाब सरकार की कर्ज माफी की घोषणा के बाद हरियाणा सरकार को भी तुरंत प्रभाव से किसानों के कर्ज माफ करने चाहिए। किसान नेता प्रकाश ममेरां ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार स्वामीनाथन रिपोर्ट का वादा करके सत्ता में आई थी, लेकिन अब वो किसानों की मौत के बाद मौन धारण किए हुए है। जगदीश रूपावास ने कहा कि किसानों की सहनशक्ति का सरकार और इम्तिहान न ले। अगर किसान असहयोग पर आ गया तो सारा देश भूखा मर जाएगा। इस मौके पर कृष्ण ढाका, हरफूल श्योराण, धर्मपाल श्योराण, यालीराम, मनोज जांदू, अजय जांदू, सोनू शर्मा, दीपिका कासनिया, कविता रानी, मनीषा रानी, रेणू बाला, मैना देवी, संतोष देवी, सिलोचना देवी, गिरदावरी देवी, सरोज बाला, बलवंती देवी, शकुंतला रानी, सुमित्रा रानी, दीपिका औलख, रामस्वरूप, राममूर्ति कुसुंबी, महेंद्र, बिंदर सिंहपुरा, नाजर सिंह आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 11वें दिन भी लघु सचिवालय में जारी रहा। धरने की अध्यक्षता महिला किसान विद्या देवी ने की। मंगलवार को मोर्चा महिलाओं के हाथों में रहा। महिलाएं सुबह ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर धरनास्थल पर पहुंची।
इस मौके पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए विद्या देवी ने कहा कि महिलाएं भी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन में भाग लेंगी। यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी तो वे अपने बच्चों और पशुओं के साथ लघु सचिवालय में पड़ाव डालेंगी। इस दौरान महिलाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय समक्ष मुख्यमंत्री मनोहर लाल का पुतला भी फूंका। महिलाओं में सरकार के रवैये को लेकर काफी रोष देखा गया। महिलाओं ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। युवतियों में भी काफी आक्रोश देखा गया। इस मौके पर पुलिस बल पूरी तरह से चौकस था।
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किसान नेता विकल पचार ने कहा कि पंजाब सरकार की कर्ज माफी की घोषणा के बाद हरियाणा सरकार को भी तुरंत प्रभाव से किसानों के कर्ज माफ करने चाहिए। किसान नेता प्रकाश ममेरां ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार स्वामीनाथन रिपोर्ट का वादा करके सत्ता में आई थी, लेकिन अब वो किसानों की मौत के बाद मौन धारण किए हुए है। जगदीश रूपावास ने कहा कि किसानों की सहनशक्ति का सरकार और इम्तिहान न ले। अगर किसान असहयोग पर आ गया तो सारा देश भूखा मर जाएगा। इस मौके पर कृष्ण ढाका, हरफूल श्योराण, धर्मपाल श्योराण, यालीराम, मनोज जांदू, अजय जांदू, सोनू शर्मा, दीपिका कासनिया, कविता रानी, मनीषा रानी, रेणू बाला, मैना देवी, संतोष देवी, सिलोचना देवी, गिरदावरी देवी, सरोज बाला, बलवंती देवी, शकुंतला रानी, सुमित्रा रानी, दीपिका औलख, रामस्वरूप, राममूर्ति कुसुंबी, महेंद्र, बिंदर सिंहपुरा, नाजर सिंह आदि मौजूद रहे।
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