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संदिग्ध बुखार से एक की मौत, दूसरा दिल्ली भर्ती
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
Updated Fri, 23 Sep 2016 12:32 AM IST
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- फोटो : Demo pic
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जिले में डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अब तक जिले में डेंगू के कई संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। असंध रोड स्थित दत्ता कॉलोनी में एक युवक की संदिग्ध बुखार से मौत हो गई। वह दो दिन से संदिग्ध बुखार से ग्रस्त था। नगर निगम का एक ठेकेदार भी संदिग्ध डेंगू की चपेट में आ चुका है। परिजनों ने उसे दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। बुखार को बेकाबू होता देख स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। सिविल अस्पताल में डेंगू वार्ड बना दिया गया है। साथ ही निजी अस्पताल के डॉक्टरों से किसी भी संदिग्ध बीमारी की सूचना देने को कहा गया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग अधिकारी अभी भी डेंगू और चिकनगुनिया के फैलने से इनकार कर रहे हैं।
संदिग्ध बुखार के चलते बिंद्र निवासी दत्ता कॉलोनी की मौत हो गई। परिजनों ने उसको एक अस्पताल में दाखिल कराया था। दूसरी तरफ नगर निगम के ठेकेदार संदीप सिंह निवासी तहसील कैंप भी संदिग्ध डेंगू हो गया है। संदीप ने बताया कि चार दिन पहले उसको बुखार आया था। वह इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में गया।
अस्पताल में ब्लड जांच रिपोर्ट में उसको डेंगू से ग्रस्त बताया। उसका दो दिन शहर के निजी अस्पताल में इलाज चला। तबीयत में सुधार न होने पर परिजनों ने उसको दिल्ली के निजी अस्पताल में दाखिल कराया। यहां भी उसका डेंगू टेस्ट पॉजीटिव आया है।
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निजी अस्पतालों से मांगी रिपोर्ट
शहर के कई निजी अस्पतालों ने संदिग्ध डेंगू की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भेज दी है। निजी अस्पतालों की रिपोर्ट पर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपनी टीम को कॉलोनी और गांवों में डेंगू जांच के लिए भेज दिया है।
अस्पताल में बनाया अलग वार्ड
डेंगू के खतरों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सिविल अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित बर्न वार्ड को डेंगू वार्ड में बदल दिया है। वार्ड में सभी बेड के चारो तरफ मच्छरदानी लगाई गई है। किसी भी व्यक्ति को चप्पलों के साथ वार्ड में नहीं जाने दिया जा रहा है। यहां 24 घंटे दो स्टाफ नर्सों की ड्यूटी लगाई गई है।
गांवों, कॉलोनियों से लिए जा रहे सैंपल
स्वास्थ्य विभाग गांवों, कॉलोनियों के लोगों को कूलर का पानी हर रोज बदलने और पानी की टंकी को ढक कर रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग गांवों और कॉलोनियों में इसकी जांच भी कर रहा है। डेंगू या मलेरिया का लारवा मिलने पर लोगों को नोटिस भी दिया जा रहा है।
झोलाछापों पर पैनी नजर
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गांवों और कॉलोनियों में झोलाछाप डॉक्टरों पर नजर रख रहे है। गत वर्ष गांव डाडोला में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने एक झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ लोगों को गुमराह करने का केस दर्ज किया था। पिछले वर्ष झोलाछाप डॉक्टरों ने डेंगू का डर दिखा कर लोगों को जमकर ठगा था।
स्वास्थ्य विभाग कर रहा फॉगिंग
डेंगू के कई संदिग्ध मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की एक दर्जन टीमें गांवों और कॉलोनियों में फॉगिंग कर रही हैं। अब तक जिले के लगभग 70 प्रतिशत गांवों और कॉलोनियों में स्वास्थ्य विभाग ने फॉगिंग करवा दी है।
जिले में अब तक डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से निपटने के लिए ठोस प्रबंध किए हैं। जिले के हर गांव और कॉलोनी में फॉगिंग करवाई जा रही है। सिविल अस्पताल में डेंगू के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। कई जगहों पर झोलाछाप डॉक्टर अपनी जेबों को भरने के लिए लोगों को डेंगू के नाम पर डरा देते हैं। ऐसे लोगों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर है।
डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़, सीएमओ पानीपत।
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संदिग्ध बुखार के चलते बिंद्र निवासी दत्ता कॉलोनी की मौत हो गई। परिजनों ने उसको एक अस्पताल में दाखिल कराया था। दूसरी तरफ नगर निगम के ठेकेदार संदीप सिंह निवासी तहसील कैंप भी संदिग्ध डेंगू हो गया है। संदीप ने बताया कि चार दिन पहले उसको बुखार आया था। वह इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में गया।
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अस्पताल में ब्लड जांच रिपोर्ट में उसको डेंगू से ग्रस्त बताया। उसका दो दिन शहर के निजी अस्पताल में इलाज चला। तबीयत में सुधार न होने पर परिजनों ने उसको दिल्ली के निजी अस्पताल में दाखिल कराया। यहां भी उसका डेंगू टेस्ट पॉजीटिव आया है।
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निजी अस्पतालों से मांगी रिपोर्ट
शहर के कई निजी अस्पतालों ने संदिग्ध डेंगू की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भेज दी है। निजी अस्पतालों की रिपोर्ट पर स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अपनी टीम को कॉलोनी और गांवों में डेंगू जांच के लिए भेज दिया है।
अस्पताल में बनाया अलग वार्ड
डेंगू के खतरों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सिविल अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित बर्न वार्ड को डेंगू वार्ड में बदल दिया है। वार्ड में सभी बेड के चारो तरफ मच्छरदानी लगाई गई है। किसी भी व्यक्ति को चप्पलों के साथ वार्ड में नहीं जाने दिया जा रहा है। यहां 24 घंटे दो स्टाफ नर्सों की ड्यूटी लगाई गई है।
गांवों, कॉलोनियों से लिए जा रहे सैंपल
स्वास्थ्य विभाग गांवों, कॉलोनियों के लोगों को कूलर का पानी हर रोज बदलने और पानी की टंकी को ढक कर रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग गांवों और कॉलोनियों में इसकी जांच भी कर रहा है। डेंगू या मलेरिया का लारवा मिलने पर लोगों को नोटिस भी दिया जा रहा है।
झोलाछापों पर पैनी नजर
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी गांवों और कॉलोनियों में झोलाछाप डॉक्टरों पर नजर रख रहे है। गत वर्ष गांव डाडोला में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने एक झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ लोगों को गुमराह करने का केस दर्ज किया था। पिछले वर्ष झोलाछाप डॉक्टरों ने डेंगू का डर दिखा कर लोगों को जमकर ठगा था।
स्वास्थ्य विभाग कर रहा फॉगिंग
डेंगू के कई संदिग्ध मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की एक दर्जन टीमें गांवों और कॉलोनियों में फॉगिंग कर रही हैं। अब तक जिले के लगभग 70 प्रतिशत गांवों और कॉलोनियों में स्वास्थ्य विभाग ने फॉगिंग करवा दी है।
जिले में अब तक डेंगू का कोई मामला सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से निपटने के लिए ठोस प्रबंध किए हैं। जिले के हर गांव और कॉलोनी में फॉगिंग करवाई जा रही है। सिविल अस्पताल में डेंगू के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। कई जगहों पर झोलाछाप डॉक्टर अपनी जेबों को भरने के लिए लोगों को डेंगू के नाम पर डरा देते हैं। ऐसे लोगों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर है।
डॉ. इंद्रजीत सिंह धनखड़, सीएमओ पानीपत।