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प्री मानसून से सब्जी उत्पादकों को झटका, महंगी हुई सब्जी
Updated Mon, 03 Jul 2017 01:31 AM IST
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घटा सब्जी उत्पादन, बढ़ा बाजार भाव
- बारिश के चलते हरियाणा में साढ़े तीन लाख हेक्टेयर सब्जी की खेती प्रभावित
- सब्जी मंडियों में तीस फीसद तक बढ़ने लगे दाम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
प्री मानसूनी बारिश से हरियाणा के सब्जी उत्पादकों को झटका लगा है। बरसात के कारण सब्जी की उपज घटी है। ऐसे में इसके बाजार भाव में तेजी आई है। बारिश का विपरित असर हरियाणा की बागवानी पर पड़ा है, जिसके चलते प्रदेश में साढ़े तीन लाख हेक्टेयर से अधिक की सब्जी की खेतीबाड़ी प्रभावित हुई है। सब्जियों के रेट में तीस फीसदी तक इजाफ दर्ज किया गया है। बारिश का सबसे ज्यादा असर टमाटर, मटर, तोरी, घिया व गोभी की फसल को हुआ है। सूबे की तमाम सब्जी मंडियों में इन सब्जियों की आवक भी कम हो गई है। उधर, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल का कहना है कि राज्य में किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होने दी जाएगी।
हरियाणा में वैसे तो धान और गेहूं की खेती सबसे अधिक होती है, लेकिन यहां बैंगन की करीबन 19 हजार हेक्टेयर, बंदगोभी की 15 हजार हेक्टेयर, फूलगोभी की 31 हजार हेक्टेयर, भिंडी की 19 हजार हेक्टेयर, प्याज की 28 हजार हेक्टेयर, मटर की 16 हजार हेक्टेयर, आलू की 30 हजार हेक्टेयर, टमाटर की 28 हजार हेक्टेयर व अन्य सब्जियाें की 179 हजार हेक्टेयर में भी खेती होती है। अब प्री-मानसून की इस झमाझम बारिश की वजह से लोकल सब्जियां खेतों में ही सड़ने लगी है। लिहाजा मंडियों में इनकी आवक भी कम है।
पहाड़ों में बारिश से भी आवक पर पड़ा असर
थोक सब्जी कारोबारी सुरेंद्र बिंद्रा, सुधीर कुमार और अनिल तिवारी ने बताया कि हरियाणा में हिमाचल प्रदेश से भी इन दिनों काफी मात्रा में सब्जी आती है, लेकिन मैदान ही नहीं पहाड़ों पर भी पिछले दिनों अच्छी बारिश हुई है। लिहाजा वहां से भी सब्जियाें की आवक प्रभावित हुई है। यही वजह है कि सब्जी के भाव में तेजी दर्ज की जा रही है।
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- बारिश के चलते हरियाणा में साढ़े तीन लाख हेक्टेयर सब्जी की खेती प्रभावित
- सब्जी मंडियों में तीस फीसद तक बढ़ने लगे दाम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
प्री मानसूनी बारिश से हरियाणा के सब्जी उत्पादकों को झटका लगा है। बरसात के कारण सब्जी की उपज घटी है। ऐसे में इसके बाजार भाव में तेजी आई है। बारिश का विपरित असर हरियाणा की बागवानी पर पड़ा है, जिसके चलते प्रदेश में साढ़े तीन लाख हेक्टेयर से अधिक की सब्जी की खेतीबाड़ी प्रभावित हुई है। सब्जियों के रेट में तीस फीसदी तक इजाफ दर्ज किया गया है। बारिश का सबसे ज्यादा असर टमाटर, मटर, तोरी, घिया व गोभी की फसल को हुआ है। सूबे की तमाम सब्जी मंडियों में इन सब्जियों की आवक भी कम हो गई है। उधर, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल का कहना है कि राज्य में किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होने दी जाएगी।
हरियाणा में वैसे तो धान और गेहूं की खेती सबसे अधिक होती है, लेकिन यहां बैंगन की करीबन 19 हजार हेक्टेयर, बंदगोभी की 15 हजार हेक्टेयर, फूलगोभी की 31 हजार हेक्टेयर, भिंडी की 19 हजार हेक्टेयर, प्याज की 28 हजार हेक्टेयर, मटर की 16 हजार हेक्टेयर, आलू की 30 हजार हेक्टेयर, टमाटर की 28 हजार हेक्टेयर व अन्य सब्जियाें की 179 हजार हेक्टेयर में भी खेती होती है। अब प्री-मानसून की इस झमाझम बारिश की वजह से लोकल सब्जियां खेतों में ही सड़ने लगी है। लिहाजा मंडियों में इनकी आवक भी कम है।
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पहाड़ों में बारिश से भी आवक पर पड़ा असर
थोक सब्जी कारोबारी सुरेंद्र बिंद्रा, सुधीर कुमार और अनिल तिवारी ने बताया कि हरियाणा में हिमाचल प्रदेश से भी इन दिनों काफी मात्रा में सब्जी आती है, लेकिन मैदान ही नहीं पहाड़ों पर भी पिछले दिनों अच्छी बारिश हुई है। लिहाजा वहां से भी सब्जियाें की आवक प्रभावित हुई है। यही वजह है कि सब्जी के भाव में तेजी दर्ज की जा रही है।
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