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नाभा जेल ब्रेक कांड, एनआरआई को सुप्रीम कोर्ट से भी न मिली राहत

Mon, 10 Jul 2017 10:59 PM IST
Updated Mon, 10 Jul 2017 10:59 PM IST
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नाभा जेल ब्रेक कांड, एनआरआई को सुप्रीम कोर्ट से भी न मिली राहत
नाभा जेल ब्रेक कांड के आरोपियों के मददगार को एनआरआई राहत नहीं
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- सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज की बेल अर्जी, हाईकोर्ट में पेशी के बाद से ही फरार है कुलतार सिंह
दविंदर पाल सिंह
मोगा ।
नाभा जेल ब्रेक कांड में नामजद गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह सेखों और उसके साथियों को पनाह देने के अलावा उन्हें हथियार खरीदने के मामले में आर्थिक मदद करने के आरोपी एनआरआई को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी बेल अर्जी खारिज कर दी। इससे पूर्व पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भी उसे जमानत देने से इंकार कर दिया था। हाईकोर्ट में पेशी के बाद से ही वह फरार है। अब थाना अजीतवाल की पुलिस ने एएसआई कुलतार सिंह को भगौड़ा घोषित करने की तैयारी की है।
जांच अधिकारी एएसआई सुखविंदर सिंह ने बताया कि एनआरआई कुलतार सिंह उर्फ गोल्डी गांव ढुडीके की सुप्रीम कोर्ट से और उसके साथी गुरविंदर सिंह उर्फ गोरी निवासी दशमेश नगर मोगा की पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत की अर्जी रद्द हो चुकी है। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों को भगोड़ा करार देने की प्रक्रिया चल रही है। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ जिला पुलिस प्रमुख, पटियाला की शिकायत पर 15 फरवरी 2017 को थाना अजीतवाल में केस दर्ज किया गया था।
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इस वर्ष 12 फरवरी में पुलिस टीम ने एनआरआई कुलतार सिंह उर्फ गोल्डी के गांव ढुडीके की रिहायश से नाभा जेल ब्रेक कांड के आरोपी नामी गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों सरीखे गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया था। इन गैंगस्टरों की पूछताछ के बाद एनआरआई कुलतार सिंह उर्फ गोल्डी के खिलाफ गैंगस्टरों को पनाह देने और उन्हें हथियार उपलब्ध कराने के मामले में आर्थिक मदद करने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। आरोपी एनआरआई ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दायर की थी। अदालत में पेश हुए आरोपी एनआरआई गोल्डी को हाईकोर्ट ने जांच अधिकारी के पास पासपोर्ट जमा करवाने का निर्देश दिया था। पुलिस के मुताबिक वह विशेष जांच टीम(सेट) आगे पेश तो हो गया, लेकिन उसने हाईकोर्ट की हिदायत के मुताबिक पासपोर्ट जमा नहीं करवाया। इसी आधार पर उसकी जमानत अर्जी रद्द हो गई थी। इसके बाद से ही वह फरार है। इस बीच उसने अपने वकील के जरिये सुप्रीम कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी।
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विस चुनाव में किया था आप का प्रचार
इसी वर्ष पंजाब में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान आरोपी एनआरआई कुलतार सिंह उर्फ गोल्डी ने आम आदमी पार्टी ’आप ’के पक्ष में डट कर चुनाव-प्रचार किया था। उसने अपनी जमानत अर्जी में दावा किया था कि वह साल 2009 से आस्ट्रेलिया में रहता है। इस वर्ष एक महीने के लिए 23 जनवरी को भारत आया और 24 फरवरी को उसे वापस जाना था।


फाइल फोटो कैप्शन - गांव ढुडीके में 12 फरवरी को पटियाला और मोगा पुलिस के सांझे ऑपरेशन में आरोपी एनआरआई के घर से गिरफ्तार नामी गैंगस्टरों बारे जानकारी देते मोगा के तत्कालीन जिला पुलिस प्रमुख की फाइल फोटो
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