9 मई के बाद हर रविवार को बंद रहेंगे देश के सभी पेट्रोल पंप
कंसोरटियम ऑफ इंडियन पेट्रोलियम डीलर्स (सीआईपीडी) सीधे तौर पर देश की तीनों आयल कंपनियों से टकराव की मुद्रा में आ चुकी है और 9 मई तक अपूर्व चंद्रा कमेटी की सिफारिशें लागू ना करने पर प्रत्येक डीलर रविवार को पेट्रोल पंप बंद रखेगा। पेट्रोल पंपों पर 24 घंटे सर्विस की जगह सिर्फ सुबह 9 से शाम पांच बजे तक ही पेट्रोल-डीजल की सप्लाई मिलेगी। एसोसिएशन ने भारत, हिंदुस्तान व इंडियन आयल कार्पोरेशन सहित तीनों कंपनियों को मांगें मानने के लिए 9 मई तक का समय दिया है। इसके बाद देश के 55 हजार पेट्रोल-डीजल डीलर हर रविवार को फीलिंग स्टेशनों पर अवकाश रखेंगे और इसके के साथ सरकारी दफ्तरों की तर्ज पर पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल की सेवा सुबह 9 से शाम पांच बजे तक ही मिलेगी।
रविवार को सीआईपीडी के पदाधिकारियों से विचार विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया। बैठक के बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनारायण ने पत्रकारों को उपरोक्त जानकारी दी। सीआईपीडी अध्यक्ष सत्यनारायण के मुताबिक वर्ष 2011 में पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा गठित की गई अपूर्व चंद्रा कमेटी ने कई सिफारिशें की थी। उन्होंने बताया कि इन डीलरों के हित में की गई सिफारिशों को आज तक नहीं माना गया। इनमें प्रमुख सिफारिश डीलरों को मार्जन मनी देने की है। उन्होंने बताया कि डीजल पर एक रुपया 40 पैसे और पेट्रोल पर 2 रुपये 20 पैसे मार्जन मनी वर्ष 2011 से बनती है, लेकिन अभी तक यह मार्जन नहीं मिला।
वहीं एसोसिएशन ने कहा कि अब तीनों कंपनियों को 9 मई तक तय करना होगा कि वे डीजल पर 2 रुपये 10 और पेट्रोल पर 3 रुपये 33 पैसे मार्जन मनी चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस मार्जन मनी के बगैर डीलरों को खर्चा निकलना बेहद मुश्किल हो रहा है और खर्चों को कम करने के लिए उन्हें शाम पांच बजे के बाद पैट्रोल पंप बंद करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। वहीं इसके अलावा रविवार को पूरा दिन बंद करने के बाद ही डीलरों के खर्चे में कुछ कमी होगी। एसोसिएशन के मुताबिक यह करना डीलरों की मजबूरी है, क्योंकि बढ़ते खर्चों की वजह से डीलर दिवालिया होने की स्थिति में आ चुके हैं। इस मौके पर स्टेयरिंग कमेटी के चेयरमैन रमेश कुंदनमल, राष्ट्रीय महासचिव रवि शिंदे, प्रदेश कोषाध्यक्ष अरुण गुप्ता, प्रदेश महासचिव रवि गुप्ता व राजेंद्र कलेर सहित देशभर से आए सैकड़ों पंप संचालक उपस्थित रहे।
दिसंबर के बाद तीन बार टरका चुके हैं
तीन आयल कंपनियों के डायरेक्टर (रिटेल) नवंबर 2016 में डीलर एसोसिएशन को आश्वासन दे चुके हैं कि जल्द उनकी मांगें पूरी होंगी, लेकिन इसके बाद तीन बार बार एसोसिएशन को टरकाया जा चुका है और अप्रूव चंद्रा कमेटी की सिफारिशों के अनुसार आज डीलरों को लाभ नहीं मिला। अब 9 मई के बाद सीधे एसोसिएशन अल्टीमेटम के अनुसार काम करेगी।
प्राइवेट आयल कंपनियों के दबाव में हो रहा है सब
एसोसिएशन का कहना है कि प्राइवेट आयल कंपनियों के दबाव में देश के 55 हजार डीलरों को परेशान किया जा रहा है। इसी वजह से आज तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि डीलरों के हित में की गई सिफारिशों को लागू करना तो दूर उल्टा सेल बढ़ाने के नाम पर उन्हें धमकाया जा रहा है। अधिकारी सेल ना बढ़ने पर डीलरशिप को टर्मिनेट करने की भी धमकी देते हैं।
अब शिफ्टों में काम करेंगे पेट्रोल पंप कर्मी
हरियाणा प्रदेश के अध्यक्ष शमशेर गोगी ने बताया कि जनवरी 2011 के बाद से डीलर मार्जन के कारण फंड की कमी के चलते बैंकों के कर्जदार हो गए है तथा दीवालिया होने की स्थिति पैदा हो चुकी है। पूरे डीलर नेटवर्क में 75 प्रतिशत छोटे डीलर है जो फंड की कमी का सामना कर रहे है। उन्होंने बताया कि अपने नुकसान को पूरा करने के लिए सप्ताह में एक दिन अवकाश रहेगा और एक दिन पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। पेट्रोल पंप कर्मचारी अब शिफ्टों मे काम करेंगे, इससे डीलर अपनी कटौती को पूरा करने के लिए ऐसा करने को विवश हैं। यह नियम 10 मई के बाद लागू होंगे।
कणदेव कंबोज ने कहा मैं जानता हूं डीलरों का दर्द
बैठक में शामिल होने पहुंचे प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री कर्णदेव कंबोज ने कहा कि तेल, पेट्रोल, इंधन का एक संवेदनशील मामला है। तेल के डीलरों को भी मुश्किलें उठानी पड़ती है। इस प्रकार की समस्या बहुत है, इसमें मै भी शामिल हूं क्योंकि मैं भी एक डीलर रहा हूं। कंबोज ने कहा कि वे जानते हैं कि कई अधिकारी डीलरों के साथ अभद्रता भी करते हैं। उन्होंने कहा कि वह भी एसोसिएशन के सहयोगी हैं, उनकी समस्या का हल कराने में थोड़ा समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि अगर अब अधिकारियों का व्यवहार सही नहीं हुआ तो इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।