फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   neel kanth mahadev sawan somwar

सावन में नीलकंठ महादेव के दर्शन और जलाभिषेक का महत्व

Sun, 13 Jul 2014 07:26 AM IST
Updated Sun, 13 Jul 2014 07:26 AM IST
विज्ञापन
neel kanth mahadev sawan somwar

सावन का महीना भगवान भोलेनाथ का महीना है। शास्त्रों के अनुसार इस पूरे महीने भगवान शिव पृथ्वी पर रहते हैं। इसलिए हर शिवलिंग में शिव का वास माना जाता है। लेकिन जो महत्व सावन में नीलकंड महादेव के दर्शन और जलाभिषेक का है अद्भुत और अनुपम है।

विज्ञापन


सावन में नीलकंड महादेव का दर्शन अनुपम क्यों?

neel kanth mahadev sawan somwar

पुराणों के अनुसार सागर मंथन के समय जब सागर से सृष्टि का अंत करने वाला कालकूट विष हलाहल निकलने लगा तब सभी देवी देवता भगवान भोलेनाथ से रक्षा की प्रार्थना करने लगे।

भगवान शिव ने अपनी अंजुली में विष को समेट लिया और पी लिया। विष पीने से भगवान शिव का कंठ नीला पड़ गया इसके बाद से शिव जी नीलकंठ कहलाने लगे।


विज्ञापन
विज्ञापन

जहां भोलेनाथ ने पीया हलाहल विष

neel kanth mahadev sawan somwar

ऐसी मान्यता है कि जहां पर भोलेनाथ ने विष पीया था वह स्थान ऋषिकेष से करीब 50 किलोमीटर दूर पर्वत पर स्थित। विष पीने से शिव जी यहां अचेत हो गए थे।

ब्रह्मा जी के कहने पर देवताओं ने जड़ी बूटियों के साथ भगवन शिव का यहां जलाभिषेक किया इसके बाद शिव जी की चेतना लौटी। इस घटना के प्रतीक स्वरूप एक शिवलिंग यहां प्रकट हुआ जो नीलकंठ महादेव के नाम से जाना जाता है।


विज्ञापन

इसलिए यहां जलाभिषेक का बड़ा है महत्व

neel kanth mahadev sawan somwar

चूंकि भगवान शिव का पहली बार जलाभिषेक नीलकंठ तीर्थ में हुआ था। इसके बाद से ही शिव का जलाभिषेक करने की परंपरा शुरू हुई। इसलिए इस शिवलिंग का जलाभिषेक बड़ा ही पुण्यदायी माना जाता है।

जिस महीने में शिव जी ने विष पीया और उनका जलाभिषेक देवताओं ने किया वह सावन का महीना था। इसलिए सावन में नीलकंठ महादेव का जलाभिषेक उत्तम माना जाता है।


विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed