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...और ऐन मौके पर फिसड्डी साबित हुए यूपी के पुलिसवाले

Sat, 13 Jun 2015 01:27 PM IST
Updated Sat, 13 Jun 2015 01:27 PM IST
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up police fail in weapon test

यूपी के मथुरा में चौकी प्रभारी की चमक में खोए दरोगा बाबू अपना मूल काम ही भूल बैठे हैं। यह हकीकत एसएसपी की क्लास में तब सामने आई, जब अधिकतर चौकी प्रभारी शस्त्र चलाना, उसे खोलना और फिर से फिट करने की कसौटी पर खरे नहीं उतरे।

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खाकी के कौशल में इतनी कमी देख एसएसपी डॉ. राकेश सिंह ने यहां तक कह डाला कि इसीलिए पुलिस कई बार बैकफुट पर आ जाती है। यह परीक्षण पुलिस लाइन की परेड में किया गया था।
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हर शुक्रवार की सुबह पुलिस लाइन में परेड होती है। एसएसपी डॉ. राकेश सिंह प्रत्येक शुक्रवार को थानाध्यक्षों, चौकी प्रभारियों और दरोगाओं की परेड का निरीक्षण करते हैं। पिछले शुक्रवार को परेड में ज्यादातर थानाध्यक्ष पुलिस के हथियार नहीं चला सके थे। उनकी जगहंसाई के बाद भी चौकी प्रभारियों ने सीखने में कोई रुचि नहीं दिखाई।

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दंगा नियंत्रण में भी खुली पोल

up police fail in weapon test

इस शुक्रवार को एसएसपी ने जिले के एसपी सिटी क्षेत्र की 28 और देहात क्षेत्र की 20 चौकियों के प्रभारियों और दरोगाओं को परेड में बुलाया।

एसएसपी ने सभी दरोगाओं को स्वचालित हथियार कारबाइन, इंसास राइफल, पिस्टल, रिवाल्वर, एसएलआर चलाने, लोड करने, मैग्जीन डालने, उनकी सफाई करने, खोलने, फिट करने आदि को दी तो इस टेस्ट में ज्यादातर दरोगा फेल हो गए। इस पर एसएसपी बेहद नाराज हुए। फेल चौकी प्रभारियों को एक हफ्ते का अल्टीमेटम देकर उन्हें अगले शुक्रवार को हथियार चलाने की प्रैक्टिस करके आने को कहा है।

शस्त्र कौशल में दयनीय हालत के बाद एसएसपी को यह उम्मीद थी कि शायद उनके जांबाज दंगा नियंत्रण के बारे में कुछ जानकारी रखते होंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एसएसपी डॉ. राकेश सिंह ने दंगा नियंत्रण के लिए जरूरी संसाधन प्रयोग करने के संदर्भ में जो सवाल पूछे उस पर अधिकतर चौकी प्रभारी चुप रहे। एसएसपी ने पुलिस लाइन के अस्पताल का निरीक्षण कर हालात सुधारने को कहा।

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