घोटाले के पैसों से बैंक खोलना चाहता था ये शख्स
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घोटालों में फंसे शारदा समूह के गिरफ्तार चेयरमैन सुदिप्त सेन की योजना ‘शारदा बैंक’ खोलने की थी।
सेन 1,000 करोड़ रुपये की पूंजी के साथ बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन करेन पर विचार कर रहा था। लेकिन पिछले साल निवेशकों द्वारा धोखाधड़ी की बात सामने लाने के बाद इस योजना पर अमल नहीं किया जा सका।
मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को वे दस्तावेज मिले हैं, जिसका उपयोग बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन में किया जाना था।
रिजर्व बैंक ने नए बैंक लाइसेंस के बारे में फरवरी 2013 में घोषणा की थी। रिजर्व बैंक को बैंक लाइसेंस के लिए 25 आवेदन मिले, जिसमें से दो को लाइसेंस मिला।
बैंक के लाइसेंस के आवेदन की थी योजना
ईडी तथा अन्य जांच एजेंसियों द्वारा तैयार जांच नोट के अनुसार शारदा समूह के परिसरों की तलाशी के दौरान जो दस्तावेज मिले हैं, उससे यह पता चलता है कि सेन ने बैंक लाइसेंस के लिए आवेदन की योजना बनाई थी।
सूत्र के अनुसार, "इस बैंक के लिए पूंजी 1,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती थी। कंपनियों द्वारा पोंजी योजनाओं द्वारा जुटाया गया फंड ही इसका मूल आधार था। अगर घोटाले की बात सामने नहीं आती तो समूह जरूर लाइसेंस के लिए आवेदन करता। हमें यह पता चला है कि इस बैंक का नाम ‘शारदा बैंक’ होता।"