'56 इंच' पर सपा का मोदी पर तंज
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भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर रैली के दौरान समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को ललकारते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को गुजरात बनाने के लिए 56 इंच का सीना चाहिए।
इससे पहले मुलायम सिंह यादव बनारस में बोल रहे थे और उन्होंने कहा कि मोदी उत्तर प्रदेश को गुजरात बनाना चाहते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाएंगे। उनके हाथ बेगुनाहों के खून से सने हैं।
सपा ने मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मोदी की इसी बात का मजाक बनाते हुए सपा ने कहा है कि 56 इंच की छाती वाली बात पर चंबल घाटी के बागी इतराया करते थे, जहां से मुलायम सिंह यादव ताल्लुक रखते हैं।
'चंबल के डाकू बोलते थे 56 इंच का सीना'
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और मुलायम के भाई रामगोपाल यादव ने टीओआई को दिए इंटरव्यू में कहा, "जो लोग चंबल घाटी चले जाते थे, बड़े गर्व से कहते फिरते थे कि उनकी छाती 56 इंच की है। उन सभी का अंत का काफी बुरा हुआ।"
मोदी की ललकार पर तंज कसते हुए यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की नींव रखने वाले परिवार के लोग कई साल तक '56 इंच की छाती' के लिए जाने जाते थे, क्योंकि मुलायम की पुश्तैनी जगह यही चंबल घाटी रही है।
रामगोपाल यादव ने कहा, "हमने कई बार छाती के बड़े आकार देखे हैं। वे सभी यह बात कहा करते थे और उन सभी का काफी बुरा हश्र हुआ। वे सभी हार गए और उनके साथ कोई नहीं खड़ा था।"
मुलायम पर बोला था मोदी ने हमला
यह तंज गोरखपुर की रैली में नरेंद्र मोदी की ओर से किए गए दावे के जवाब में आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश में गुजरात की तरह विकास नहीं कर सकते, क्योंकि इसके लिए उन्हें 56 इंच का सीना चाहिए।
पहलवान रह चुके मुलायम सिंह यादव के सामने मोदी का यूं चौड़े सीने की बात करना एक बार को चौंकाता जरूर है, लेकिन राजनीतिक तौर पर देखें, तो यह समाजवादी पार्टी प्रमुख के साथ शुरू हुई ऐसी जंग है, जो लोकसभा चुनावों तक जारी रह सकती है।
गुरुवार को मोदी और मुलायम एक तरह से आमने-सामने थे। मुलामय बोले कि यूपी को गुजरात नहीं बनने दिया जाएगा और मोदी ने जवाब दिया कि वह ऐसा कर नहीं सकते, क्योंकि गुजरात का मतलब है विकास, चौबीसों घंटे बिजली और पानी।
आगे और बढ़ सकती है मोदी-मुलायम की जंग
समाजवादी पार्टी ने 56 इंच की छाती वाले जुमले को चंबल के डकैतों से जोड़ दिया है, जिससे यह दिलचस्प जंग और बढ़ सकती है। इस जंग को नरेंद्र मोदी अपनी तरफ से खूब हवा दे रहे हैं।
इन दिनों चुनावी रैलियों में वह अन्य पिछड़ा वर्ग की बात करते हैं, जिससे मुलायम सिंह यादव के वोटबैंक में सेंध लगाई जा सके। इसके अलावा गुजरात के विकास मॉडल और उत्तर प्रदेश के पिछड़ने को भी रेखांकित कर रहे हैं।
रामगोपाल का कहना है कि मोदी की खुद के ओबीसी नेता के रूप में पेश करने की कोशिश कामयाब नहीं होगी। उन्होंने कहा, "क्या उत्तर प्रदेश में दाखिल होने से पहले उन्होंने कभी अपने पिछड़े होने की बात कही थी? कोई ओबीसी हो सकता है, लेकिन रातोंरात ओबीसी नेता नहीं बन सकता।"
जानबूझकर एक दिन रखी सपा ने रैली
मोदी ने गोरखपुर रैली में कहा था कि वह जहां-जहां जाते हैं पिता और पुत्र (मुलायम सिंह और अखिलेश यादव) उनके पीछे-पीछे आ जाते हैं। इस पर समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल का कहना है कि पार्टी ने जानबूझकर मुलायम सिंह यादव की रैली बनारस में उसी दिन रखी, जब मोदी को गोरखपुर में सभा को संबोधित करना था।
उन्होंने कहा, "हम चाहते थे कि मीडिया दोनों रैलियों को एकसाथ कवर करे और यह साफ हो सके कि जो भीड़ मोदी की रैली में जुट रही है, उसमें कुछ भी खास नहीं है।"
रामगोपाल ने कहा, "मोदी गोरखपुर में बोल रहे थे, जो भाजपा का किला माना जाता है, जबकि बनारस में सपा सिर्फ एक बार जीती है। लेकिन आपने हमारी रैली में भीड़ देखी होगी।"