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जेटली की जसवंत को नसीहत, 'ना' स्वीकार करना भी सीखें नेता

Sun, 23 Mar 2014 05:11 PM IST
Updated Sun, 23 Mar 2014 05:11 PM IST
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leaders should learn to accept 'no' says jaitley

भाजपा के सीनियर नेता अरुण जेटली ने जसवंत सिंह को नसीहत दी है। जेटली की यह नसीहत हाल ही में जसवंत की पार्टी से नाराजगी और बिना पार्टी टिकट के भी बाड़मेर से चुनाव लड़ने की बात पर दी गई है।

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अरुण जेटली ने कहा है कि जब नेताओं के ऊपर विशेषाधिकार प्रयोग में लिया गया हो तो कभी-कभार 'न' भी स्वीकार करना चाहिए। इस समय तो नेताओं की निष्ठा की परीक्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी की सदस्यता भी एक विशेषाधिकार है।
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गौरतलब है कि जसवंत सिंह ने पार्टी की ओर से बाड़मेर (राजस्थान) सीट से टिकट न मिलने पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। इससे पहले वह टिकट न मिलने पर पार्टी के प्रति खुलेआम नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।

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अपनी वेबसाइट पर लिखा

leaders should learn to accept 'no' says jaitley

जसवंत सिंह की पार्टी से नाराजगी के बारे में अरुण जेटली ने अपनी वेबसाइट में लिखा है कि जहां पार्टी में सामूहिक विचार से निर्णय लिए जाते हैं वहां व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का महत्व कम हो जाता है। पार्टी समय-समय पर नेताओं को पद और विशेषाधिकार देती रहती है।

उन्होंने आगे लिखा है कि नेताओं की इस व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का जवाब 'न' भी हो सकता है। इसके लिए नेताओं को तैयार रहना चाहिए और निर्णय को स्वीकार करना चाहिए जो उनके अनुशासन और निष्ठा का प्रतीक है। उनके अनुसार ऐसे मौके पर धैर्य व शांति का विकल्प ही ‌बढ़िया है।

भाजपा की ओर से अमृतसर सीट से प्रत्यासी बनाए गए जेटली ने कहा कि चुनावी मौसम में कुछ राजनीतिक लोगों की इच्छा पार्टी का प्रत्याशी बनने पर सफलता में बदल जाती है लेकिन बहुत से लोगों के साथ ऐसा नहीं हो पाता।

पार्टी नेताओं की आपसी फूट

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हाल ही में जेटली के इस बयान से पहले पार्टी की ही वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने जसवंत सिंह के पक्ष में बयान दिया था। स्वराज ने जसवंत के समर्थन में कहा था कि उनके साथ जो हुआ उससे वह दुखी हैं।

लेकिन जेटली के इस बयान से पार्टी दो गुटों में बंटी नजर आ रही है। पार्टी के ही कुछ नेता जसवंत स‌िंह जैसे वरिष्ठ नेताओं को साइड करने की कोशिश में है तो वहीं कुछ नेता ऐसे भी हैं जो जसवंत सिंह जैसे नेता को टिकट देने के पक्ष में हैं।

हां‌लाकि इस मसले पर पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने मीडिया से कहा था कि वह जसवंत सिंह का इस्तेमाल कहीं और करना चाहते हैं और पार्टी उनका पूरा सम्‍मान करती है।

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