फ्रीडम-251 की बुकिंग बंद, केवल 25 लाख लोगों को मिलेगा लाभ
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दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन फ्रीडम 251 बेचने की घोषणा करने वाली नोएडा की कंपनी रिंगिंग बेल्स भले ही लाखों फोन बेचने का लक्ष्य तय करे, लेकिन अभी तक कंपनी ने स्मार्टफोन बनाने के लिए उत्पाद शुल्क विभाग से अपना पंजीयन नंबर तक नहीं लिया है।
दरअसल किसी भी कंपनी को कोई भी उत्पादन के लिए उत्पाद शुल्क विभाग से पंजीयन नंबर लेना अनिवार्य होता है। रिंगिग बेल्स मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत फोन बनाने का एलान कर चुकी है।
कंपनी का कहना है कि 10 अप्रैल से 30 जून के बीच वह 25 लाख फ्रीडम 251 की डिलीवरी करेगी। हालांकि शनिवार को फ्रीडम 251 की सात करोड़ से ज्यादा यूनिटों की बुकिंग की चर्चा थी, लेकिन कंपनी सिर्फ 25 लाख फोन देने की बात कह रही है। शनिवार को ही फोन की बुकिंग बंद कर दी गई है। पूर्व घोषणा के मुताबिक बुकिंग 21 फरवरी तक की जा सकती थी।
हर दिन बनाना होगा 20,000 फोन
शुक्रवार को कंपनी के प्रबंधकों के यहां आयकर विभाग के अधिकारियों की
एक टीम ने फोन के निर्माण को लेकर जांच की। आयकर विभाग के एक अधिकारी ने
बताया कि टीम की तरफ से कोई छापेमारी नहीं की गई थी। सिर्फ पूछताछ के लिए
टीम गई थी।
उन्होंने यह भी बताया कि रिंगिंग बेल्स ने अब तक उत्पाद शुल्क
पंजीयन नंबर नहीं लिया है, जो कि किसी भी मैन्यूफैक्चरिंग के लिए अनिवार्य
होता है। उत्पाद शुल्क पंजीयन नंबर लेने के दौरान सरकारी टीम उनके प्लांट
का दौरा करेगी। कंपनी ने नोएडा और उत्तराखंड में यूनिट स्थापित करने की
घोषणा की है।
कंपनी स्मार्टफोन के पुर्जों को आयात कर, उन्हें भारत में
असेंबल करेगी। रिंगिंग बेल्स पर दूरसंचार मंत्रालय की नजर पहले से ही है।
फोन निर्माताओं के मुताबिक 30 जून तक 25 लाख फोन बनाने के लिए हर महीने
रिंगिंग बेल्स को छह लाख से अधिक फोन बनाने होंगे। यानी कि एक मार्च से भी
फोन का उत्पादन शुरू किया जाता है, तो 30 जून तक प्रतिदिन 20,000 फोन का
निर्माण करना होगा।
रिंगिंग बेल्स के स्मार्टफोन की बुकिंग के दौरान कंपनी
की तरफ से कोई भुगतान नहीं लिया गया है। कंपनी ने बुकिंग कराने वाले
ग्राहकों को अगले 48 घंटे में भुगतान करने के बारे में जानकारी देने की बात
कही है।