भाजपा पिलाती रहेगी नमो चाय, EC का यू-टर्न
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भाजपा के 'चाय पर चर्चा' अभियान को अब चुनावा आयोग से नई ताकत मिली है। इस अभियान पर चुनाव आयोग को कोई ऐतराज नहीं है।
हाल ही में उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग ने 'चाय पर चर्चा' अभियान के तहत भाजपा की ओर से लोगों को मुफ्त में चाय बांटने को लेकर ऐतराज जताया था।
उसने कहा था इस तरह मुफ्त में चाय बांटना चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है, क्योंकि यह मतदाताओं को लुभाने का साधन हो सकता है।
कई पार्टियों ने जताया था ऐतराज
भाजपा की ओर से चलाए जा रहे 'चाय पर चर्चा' अभियान पर कई राजनीतिक पार्टियों और मीडिया में चर्चा हुई। कुछ राजनीतिक पार्टियों ने फ्री चाय पिलाने पर ऐतराज जताया था।
'चाय पर चर्चा' पर यूपी चुनाव आयोग के इस बयान को सुधारते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग ने मीडिया को बताया कि है कि भाजपा की ओर से लोगों को पिलाई जा रही नमो टी से उसे कोई ऐतराज नहीं है, बशर्ते पार्टी इस पर लगने वाली रकम को अपने चुनावी खर्चे में शामिल करे।
चुनावी खर्च में शामिल होगी रकम
लोगों को "नमो टी" पिलाने से पहले अब भाजपा को चुनाव आयोग से इसके लिए अनुमति लेनी होगी।
साथ ही पार्टी को आयोग को यह भी बताना होगा अब तक "नमो टी" पर पार्टी की ओर से कितना खर्च किया जा चुका है।
चुनाव आयोग ने यह भी साफ किया है कि अब तक मुफ्त में बंटी "नमो टी" भी पार्टी के चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा।