झूठ बोल रहे हैं दिल्ली के सीएम केजरीवाल?
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सेक्स और मादक पदार्थ तस्करी से ताल्लुक होने के आधार पर 'युगांडा और नाइजीरिया' की महिलाओं को निशाना बनाकर मारा गया छापा जहां दिल्ली के विधि मंत्री सोमनाथ भारती के लिए जी का जंजाल बन गया है, वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने साथी के बचाव में कूद गए हैं।
केजरीवाल का दावा है कि युगांडा दूतावास के एक अधिकारी ने हाल में सोमनाथ भारती से मुलाकात कर इस कार्रवाई का समर्थन किया था। हालांकि, विदेश मामलों के मंत्रालय का कहना है कि युगांडा के तमाम दूत दिल्ली से बाहर गए हुए हैं।
रेल भवन के बाहर धरने पर बैठे केजरीवाल ने एक चिट्ठी भी दिखाई, जो कथित तौर पर दूतावास के अधिकारियों की तरफ से लिखी गई थी। और इस चिट्ठी में सोमनाथ के दावों का समर्थन करने की बात कही गई है।
विदेश मंत्रालय का दावा, झूठ है यह सब
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि युगांडा दूतावास की एक महिला रविवार शाम सोमनाथ भारती से मिलने आई थी और उसने कहा, "आपने बहुत अच्छा किया, हमारे देश की कई महिलाओं की तस्करी की जाती है।" वह एक चिट्ठी भी लाई थी।
हालांकि, कुछ घंटे बाद विदेश मंत्रालय ने इस बात से साफ इनकार किया कि युगांडा दूतावास ने बीते कुछ दिनों में भारत सरकार से संपर्क साधा है, क्योंकि उसके ज्यादातर दूत शहर में हैं ही नहीं।
आम आदमी पार्टी और केजरीवाल की तरफ से यह भी कहा गया था कि यह पत्र उन्हें सौंपा गया था, जबकि यह मुमकिन नहीं है। दिल्ली सरकार को यह पत्र सौंपने का कोई मतलब नहीं बनता।
पत्र अब का नहीं, पिछले साल जून का
विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह पत्र जून 2013 का है और तब से अब तक युगांडा सरकार ने यह मामला भारत सरकार के सामने उठाया ही नहीं है।
सूत्रों का कहना है कि युगांडा उच्चायोग के सभी अधिकारी अवकाश पर हैं और इस वक्त दिल्ली में नहीं हैं। एक शख्स ही सोमवार को लौटा है।
जूनियर रैंक के एक अधिकारी ने विदेश मंत्रालय को बताया अब तक किसी ने युगांडा दूतावास से संपर्क नहीं साधा है। मंत्रालय के प्रवक्ता सय्यद अकबरुद्दीन ने बताया, "हमें युगांडा मिशन ने बताया है कि उसके किसी भी अधिकारी ने दिल्ली सरकार के मंत्रियों से मुलाकात नहीं की है।"
मना किया, तो कहां से आ गए समर्थक?
मुख्यमंत्री ने कहा था कि राजधानी में गणतंत्र दिवस को लेकर तैयारियां की जा रही हैं ऐसे में धरने पर बैठने के लिए जनता और समर्थकों को नहीं आना चाहिए। लेकिन तब तक हरियाणा और उत्तर प्रदेश वाली AAP इकाइयों को मैदान में उतार दिया था।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि समर्थकों को बुलावा भेजने वाले एसएमएस पड़ोसी राज्यों में रविवार दोपहर ही भेज दिए गए थे। पार्टी की प्रदेश इकाइयों के नेताओं का कहना है कि वे पिछले दिन शाम में ही दिल्ली लौटे।
उन्होंने कहा, "हम में से कई रविवार को ही दिल्ली आ गए, क्योंकि जानते थे कि पुलिस वहां बैरिकेड लगा देगी, जहां धरना दिया जाना है। हरियाणा के करीब 150 लोग धरनास्थल पर हैं, जबकि 800 से ज्यादा बैरिकेड के पीछे खड़े हैं। अगर जरूरत पड़ी, तो हम केजरीवालजी के साथ दस दिन अनशन पर बैठने के लिए भी तैयार हैं।"
पहले से तैयारी करके आए AAP के समर्थक
आम आदमी पार्टी की भिवानी, रेवाड़ी और फतेहाबाद की AAP इकाइयों का कहना है कि उन्हें रविवार दोपहर ही धरने से जुड़ी योजना के बारे में पता चल गया था।
भिवानी जिला इकाई के एक सदस्य ने बताया, "हम पिछली रात ही निकल गए थे, ताकि वक्त पर पहुंच सके। हमें संदेश मिला था कि जिले से निकल जाएं और दिल्ली में आंकड़े बढ़ा सकें।"
उन्होंने कहा, "आगे कोई जानकारी नहीं दी गई है और हम वापस नहीं लौट पा रहे हैं, क्योंकि गणतंत्र दिवस की वजह से दिल्ली में कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं।"
खुर्शीद ने सुनाई खरी-खरी
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद का कहना है कि आम आदमी पार्टी मित्र देशों के साथ भी दिक्कतें खड़ी कर रही है। उन्होंने कहा, "यह पूरी तरह गलत है। वे यहां नहीं हैं। उच्चायुक्त यहां नहीं हैं...।"
उन्होंने कहा, "मैं इस तरह के पत्र देखना का आदी हूं, जो वो लोग दिखा रहे हैं और जिनसे खेल रहे हैं। यह जून 2013 का पत्र है...यह काफी दुख की बात है कि वे लोग देश की साख के साथ खेल रहे हैं।"
युगांडाई अधिकारी की पहचान के बारे में पूछने पर सोमनाथ ने सिर्फ इतना ने कहा, "मैं उस अधिकारी की पहचान नहीं बता सकता, जिसने इस मामले से पर्दा हटाया है। मैं पता है कि युगांडा उच्चायोग अवकाश की वजह से बंद है। अगर छुट्टी न होती, तो और चीजें सामने आ सकती थीं।"
शिंदे ने केजरीवाल को लपेटा
इस बीच केजरीवाल के हमले के जवाब में गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को अपने पद की गरिमा बनाई रखनी चाहिए।
शिंदे ने कहा, "उन्हें मुख्यमंत्री पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए और न्यायिक जांच पूरी होने तक इंतजार करना चाहिए। आखिरकार वह मुख्यमंत्री हैं...जो काफी ऊंचा पद है। उन्हें सहयोग देना चाहिए।"
कुछ घंटे बाद शिंदे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की। हालांकि, इस बारे में जानकारी नहीं मिली है कि इस बैठक में क्या-क्या बातें हुई हैं।