बसपा प्रत्याशी हत्याकांड: 'यूपी पुलिस पर अब नहीं रहा भरोसा'
अतरौली के बसपा प्रत्याशी व महानगर के प्रख्यात बिल्डर धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड में लगातार हाथ पैर मार रही पुलिस को अब तक क्या सफलता मिल रही या नहीं? यह तो पुलिस ही बेहतर जाने, मगर पुलिस की अब तक की कार्यवाही को देख परिवार को पुलिस पर अब भरोसा नहीं। साफ-साफ कहा है कि लगता है कि पुलिस लीपापोती में लगी है और हकीकत के बजाय लोगों को पूछताछ के नाम पर बुलाकर बातचीत कर वापस भेजा जा रहा है। यह बात बुधवार देर शाम धर्मेंद्र के पिता चंद्रपाल सिंह ने कहीं।
17 करोड़ के मांग रहे थे कई अरब
धर्मेंद्र के पिता कहना था कि यह सही है कि उनके बेटे की कंपनी का कुछ बिल्डरों से व्यापारिक विवाद चल रहा था। यह भी सही है कि अब हमको भी उन्हीं बिल्डरों पर शक गहरा रहा है। मगर पुलिस उनके प्रति सख्ती से पेश नहीं आ रही। विवाद के नाम पर उनका कहना था कि इन बिल्डरों से ग्लोबल के लिए जो जमीन बिल्डरों से 17 करोड़ में तय हुई थी। अब वही बिल्डर इस जमीन के कई अरब रुपये मांग रहे थे। बस इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ था। हालांकि विवाद निपट भी चुका था और किश्तों में रुपया देना तय हो गया था। कुछ रकम पहुंच भी गई थी। इसी बीच यह घटना हो गई। अब घटना क्यों हुई, यह पुलिस जांच का विषय है। मगर पुलिस गंभीरता से जांच नहीं कर रही।
'न्याय के लिए सड़क से संसद तक जाऊंगा'
चंद्रपाल सिंह ने कहा कि पुलिस की जांच का दो दिन और इंतजार किया जा रहा है। अगर दो दिन में कोई रिजल्ट सामने नहीं आया तो वह स्थानीय अधिकारियों से लेकर विधानसभा, मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, संसद तक जाएंगे। हत्याकांड के खुलासे के लिए सीबीआई जांच की मांग की जाएगी, क्योंकि पुलिस इस मामले में लीपापोती जैसा कर रही है।
दो दिन पहले तक चालू थे धर्मेंद्र के मोबाइल
धर्मेंद्र के पिता ने जो सवाल उठाए हैं, वह वाकई चौंकाने वाले हैं। उनका कहना है कि बेटे के पास चार मोबाइल थे, जिनमें से दो नंबर जीपीआरएस से एक्टिवेट थे। उन दोनों नंबरों पर सोमवार देर रात तक घंटी जाती रही है। उनकी लोकेशन जीपीआरएस के जरिये ट्रैस की गई तो एक की लोकेशन गूलर रोड और दूसरे की नगला तिकौना आई है। यह बात पुलिस को बताई गई। मगर पुलिस ने इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। रहा सवाल शक के गिरफ्त में आए बिल्डरों से पूछताछ का तो उन्हें मेहमानों की तरह बुलाया जा रहा है। वह सफेदपोशों के साथ उनकी गाड़ियों में आ रहे हैं। आज भी कुछ बिल्डर बुलाए थे, जिनके साथ उनके वकील आए और पचास-साठ लोग आए। ऐसे में पूछताछ कैसे संभव है।
पिता के सख्त रुख पर पुलिस जांच हुई तेज
पिता के सख्त रुख के बाद पुलिस की जांच तेज हो गई है। बुधवार को महानगर के कई प्रमुख बिल्डरों से पूछताछ हुई। कुछ को थाने बुलाया गया तो कुछ को टीम ने उनके घरों पर जाकर कुरेदा। इस दौरान पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। मगर अब पुलिस कई दिशाओं में काम तेज कर चुकी है। एक बिल्डर के साथ तो पचास-साथ लोग थाने पहुंचे।
पुलिस की आधा दर्जन टीमों ने दुपहर बाद पूछताछ का काम शुरू किया। एक टीम कई घंटे खुद बिल्डर धर्मेंद्र के घर पहुंची और उनके पिता व पत्नी से बंद कमरे में घंटों बातचीत की। इसके अलावा एक टीम ने महानगर के कुछ बिल्डरों व सफेदपोशों के घर पहुंचकर पूछताछ की। इनमें से कुछ तो इस कदर नतमस्तक हो गए कि पुलिस जो चाहे कसम ले ले, उनका इस मामले से दूर तक कोई लेनादेना नहीं है। कुछ को थाने बुलाया गया। इनमें वह बिल्डर भी शामिल थे, जिनसे विवाद था और सबसे करीबी पार्टनर भी शामिल थे।
महिला के पहलू पर अब गंभीर पुलिस
कई दिशाओं में भटकने के बाद पुलिस अब महिला के पहलू पर भी गंभीर हो गई है। कहा जा रहा है कि उस महिला का जिक्र भी जांच में आ गया है, जिसके गाड़ी से कूदकर भागने की चर्चा प्रत्यक्षदर्शियों के स्तर से घटना वाले दिन हुई थी। इसे लेकर पुलिस ने उस महिला की तलाश व जांच शुरू कर दी है।
एसपी सिटी पंकज पांडेय ने बताया कि यह सही है कि तमाम लोगों को, बिल्डरों को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। मगर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। महिला के मामले पर भी गंभीर रुख अपनाया गया है। कुछ चीजें साफ हो रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही पर्दा उठ जाएगा।