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मोदी PM बने, तो खत्म होगा इनकम टैक्स!

Tue, 07 Jan 2014 08:44 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 07 Jan 2014 08:44 PM IST
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bjp to think on proposal of abolishing income and service tax

अमेरिका के एक टैक्स वकील ने कहा था कि मौत या टैक्स में से कुछ भी अच्छा नहीं लगता। लेकिन अगर आपसे कोई कहे कि वोट देने पर इन्हें खत्म कर दिया जाएगा, तो यह अच्छे लगने लगते हैं।

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भाजपा कुछ ऐसा ही करने के फिराक में है। बीते एक महीने से भाजपा के शीर्ष नेता इनकम, सेल्स और एक्साइज टैक्स लगाने पर विचार कर रहे हैं। इसके बजाय हर ऐसी ट्रांजैक्शन पर टैक्स लगाने पर विचार जारी है, जिसमें डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल होगा।
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रविवार को इस नए प्रस्ताव को मचा हल्ला और बढ़ गया, जबकि भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी ने कहा, "मौजूदा टैक्स सिस्टम आम आदमी पर बोझ की तरह है। नया सिस्टम बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है।"
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मोदी ने जपा नया टैक्स मंत्र!

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नरेंद्र मोदी ने यह बात दिल्ली में आयोजित योग गुरु बाबा रामदेव के कार्यक्रम में कही, जिन्होंने मांग उठाई कि अगर मोदी पीएम बनते हैं, तो सभी टैक्स खत्म कर ‌सिंगल बैंकिंग ट्रांजैक्‍शन टैक्स शुरू क‌िया जाए।

मोदी ने कहा, "पहली नजर में कुछ दिक्कतें नजर आ रही हैं, लेकिन हमें नए समाधान तलाशने होंगे।" उनकी टिप्पणी को इसलिए अहमियत दी जा रही है, क्योंकि भाजपा अध्यक्ष राजनाथ ‌सिंह और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली भी इस पर गंभीरता से विचार करने को तैयार हैं।

पिछले साल यूपीए सरकार डायरेक्ट टैक्स कोड के साथ सामने आई थी, ताकि वह 50 साल पुराने इनकम टैक्स की जगह ले सके। लेकिन पी चिदंबरम की दिमागी उपज से निकले इस बिल में कोई टैक्स नाटकीय तरीके से खत्म करने की बात नहीं है।

AAP की तरह बड़ा खेल करने की कोशिश!

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वास्तव में डायरेक्ट टैक्स बिल में आईटी छूट सीमा को 2 लाख रुपए की कमाई तक न छूने की बात है। इसके अलावा 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की सालाना कमाई के मामले में 35 फीसदी टैक्स रेट के साथ चौथा स्लैब प्रस्तावित है।

इस बिल की पड़ताल करने वाली संसदीय स्‍थाई समिति ने छूट सीमा 3 लाख रुपए तक बढ़ाने और टैक्स स्लैब में बदलाव करने की बात कही। इस समिति की अगुवाई भाजपा के यशवंत सिन्हा है।

पिछले महीने पूर्व भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी पहले ऐसे शख्स थे, जिन्होंने संकेत दिया कि पार्टी आम आदमी पार्टी की तरह ऐसी शपथ पर गौर कर रही है, जो मतदाताओं को तेजी से खींच ले।

भाजपा नेताओं ने किया विचार!

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गडकरी का कहना था कि भाजपा इनकम, सेल्स और एक्साइज टैक्स खत्म करने से जुड़े प्रस्ताव को विजन 2025 दस्तावेज में शामिल कर सकती है, जो चुनावों से पहले जारी किया जाएगा। राजनाथ सिंह ने बाद में इस विचार का समर्थन किया।

2 जनवरी को पुणे के टैक्स विरोधी समूह अर्थक्रांति ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के सामने एक प्रस्तुतिकरण दिया, जिसमें बताया गया था कि बैंकिंग ट्रांजैक्‍शन टैक्स खत्म कर टैक्स प्रणाली को सरल बनाया जा सकता है।

जो नेता इस प्रेजेंटेशन के वक्‍त मौजूद रहे, उनमें भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, लालकृष्‍ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा और नितिन गडकरी मौजूद थे।

एकमत नहीं हैं सभी नेता!

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लेकिन गडकरी और सुब्रमण्यम स्वामी के अलावा कम ही नेता इस प्रस्ताव से खुश हुए। स्वामी उस सब-पैनल की अगुवाई कर रहे हैं, जो आर्थिक मुद्दों पर पार्टी के विजन डॉक्यूमेंट का मसौदा तैयार कर रहा है।

लेकिन सिन्हा अपनी चिंता जाहिर करने से नहीं चूके। उन्होंने कहा, "अगर हम इनकम, सेल्स और एक्साइज टैक्स खत्म करते हैं, तो हमें वेदिक युग में लौटना होगा।" जेटली का भी मानना है कि यह जटिल विचार है और वह टैक्स सिस्टम को दुरुस्त बनाने के पक्ष में है।

रामदेव के कार्यक्रम में उन्होंने कहा, "आप अमीर और गरीब पर एक जैसा टैक्स नहीं लगा सकते। इसके अलावा कुछ टैक्स राज्य वसूलते हैं, दूसरे केंद्र। कानूनी मुद्दें भी शामिल हैं। हमें सभी पहलुओं पर गौर करना होगा।"

कांग्रेस-भाजपा की अपनी-अपनी रणनीति!

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मौजूदा इनकम टैक्स दरों, यूपीए सरकार की ओर से प्रस्तावित बदलावों और जिन समाधानों पर भाजपा गौर कर रही है, उन पर निगाह डालना भी जरूरी है। फिलहाल 2 से 5 लाख रुपए की सालाना कमाई पर 10 फीसदी, 5 से 10 लाख रुपए के आमदनी पर 20 फीसदी और 10 लाख रुपए से ज्यादा की सालाना कमाई पर 30 फीसदी आय कर लगता है। इसके अलावा 1 करोड़ रुपए से ऊपर तनख्वाह है, तो 10 फीसदी सरचार्ज लगता है।

भाजपा के सामने यह प्रस्ताव है कि वह इनकम, सेल्स और एक्साइज जैसे टैक्स खत्म कर इनके बजाय 2 फीसदी बैंकिंग ट्रांजैक्‍शन टैक्स लगाने पर विचार किया जा रहा है। अगर यह टैक्स लगाया जाता है, तो सालाना 15 लाख करोड़ रुपए की आमदनी होगी, जो केंद्र और राज्यों की मौजूदा सालाना टैक्स आय 11-12.5 करोड़ रुपए से ज्यादा होगी।

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