अमित शाह के निशाने पर केजरीवाल
आम आदमी पार्टी की ओर से अवैध रूप से दो करोड़ रुपये का चंदा लेने के मामले में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने 'आप' पर करारा प्रहार किया है। अमित शाह ने अरविंद केजरीवाल को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि चंदा लेने के बाद कोई ये कैसे कह सकता है कि वह चंदा देने वाले को नहीं जानता।
अमित शाह ने कहा कि कल को दाऊद चंदा देगा और चंदा लेने के बाद आम आदमी पार्टी कहेगी कि वह दाऊद को नहीं जानती।
एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में शाह ने कहा आम आदमी पार्टी ने राजनीतिक मामलों की एक समिति बनाई हुई है जो 10 लाख रुपये से ज्यादा के चंदे की जांच करती है। उन्होंने कहा कि यह समिति सभी चंदे की जांच पड़ताल करती है तो 50 लाख रुपये के चंदे के बारे में 'आप' को जानकारी क्यों नहीं है?
शाह ने कहा कि आम आदमी पार्टी कालेधन के इस्तेमाल से अपना चुनाव प्रचार कर रही है और उसे इस बात का जवाब देना चाहिए?
15 लाख रुपये देने पर क्या कहा शाह ने?
हाल में कई चैनलों की ओर से दिखाए गए चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों को दरकिनार करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब 10 फरवरी को जब चुनाव परिणाम आएगा तो सभी सर्वेक्षण झूठे साबित होंगे।
अमित शाह ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने जा रही है। पार्टी की ओर से घोषणा पत्र की जगह विजन डॉक्यूमेंट लाने पर अमित शाह ने कहा उनका विजन डॉक्यूमेंट घोषणा पत्र ही है। घोषणा पत्र और विजन डॉक्यूमेंट में कोई अंतर नहीं है।
भाजपा अध्यक्ष ने कालेधन की वापसी से लोगों को 15 लाख रुपए देने की बात पर कहा कि यह एक चुनावी जुमले के रूप में इस्तेमाल किया गया था और इसका वास्तिविकता से कोई लेना- देना नहीं है। शाह के इस बयान पर आम आदमी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
आप का बीजेपी को करारा जवाब
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के 15 लाख रुपये जमा कराने के बयान को एक जुमला बताने पर आम आदमी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
'आप' के प्रवक्ता गौरव चड्ढा ने कहा कि बहुत दिन बाद भाजपा ने लोगों को सच्चाई बताई है। उन्होंने कहा के भाजपा चुनावों के दौरान जो वादा करती है वह मात्र एक जुमला होता है।
गौरतलब है कि चुनाव सर्वेक्षणों में आप को मिली बढ़त के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू भी बचाव की मुद्रा में दिखे। दिल्ली चुनाव को लेकर उन्होंने मीडिया से कहा कि दिल्ली का चुनाव एक राज्य का चुनाव है देश का चुनाव नहीं। यह चुनाव दिल्ली का सीएम सुनने के लिए हो रहा है देश का प्रधानमंत्री चुनने के लिए नहीं।
उन्होंने कहा कि देश में 29 राज्य हैं और मोदी पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं। दिल्ली के चुनाव परिणामों को केंद्र सरकार से जोड़कर नहीं देखना चाहिए क्योंकि यह चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों की बजाय क्षेत्रीय मुद्दों पर लड़े जा रहे हैं।