अरविंद केजरीवाल ने 1 करोड़ देकर होश उड़ाए!
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दिल्ली के घिटोरनी गांव में शनिवार को शराब माफिया से मारपीट में शहीद हुए सिपाही विनोद कुमार के परिजनों को एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।
सोमवार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने शहीद की पत्नी को सांत्वना पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने मुआवजा राशि को सरकार की ओर से श्रद्धासुमन बताते हुए हर परिस्थितियों में साथ खड़ा रहने का वादा किया।
विनोद की पत्नी सविता के नाम पत्र में सीएम अरविंद केजरीवाल ने लिखा है कि अपार शोक के इस समय में दिल्ली सरकार की संवेदना उनके साथ है।
अरविंद केजरीवाल ने क्या लिखा?
दिल्ली के नए मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने कर्तव्य पालन के दौरान अक्सर पुलिसकर्मी शहीद हो जाते हैं। मगर कानून व्यवस्था बनाने के लिए उनका यह कर्तव्य हमेशा इतिहास के पन्नों में लिखा जाता है।
अरविंद ने लिखा कि स्वास्थ्य खराब होने के चलते वे खुद घर पर नहीं आ पा रहे हैं। मगर श्रद्धासुमन के रूप में एक करोड़ रुपए की राशि दिल्ली सरकार की ओर से परिजनों को दी जा रही है।
सीएम ने लिखा है कि सरकार उनके परिवार की हर जरूरत में उनका साथ देगी। चिट्ठी जारी करने से पहले दिल्ली के आबकारी कमिश्नर एके सिंह सीएम से मिलने पहुंचे। करीब 15 मिनट तक बैठक कर उन्होंने दिल्ली में शराब माफिया के बारे में सीएम को जानकारी दी। इसके बाद मुआवजे की घोषणा की गई।
‘पापा को दीजिए शहीद का दर्जा’
दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के नुमाइंदों ने अथाई गांव पहुंचकर दिवंगत सिपाही विनोद कुमार के परिजनों को एक करोड़ रुपए आर्थिक सहायता राशि दिए जाने की जानकारी दी। 21 वर्षीय बेटी आयुषी ने कहा कि पापा को शहीद का दर्जा और राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा जाना चाहिए।
भोपा क्षेत्र के अथाई गांव निवासी दिवंगत किरण सिंह के घर में सन्नाटा पसरा है। तीन दिन पहले दिल्ली में शराब माफियाओं ने इस घर के चिराग विनोद कुमार को पीट-पीटकर मार डाला था।
सिपाही की पत्नी सविता अब तक होश में नहीं है। सोमवार शाम करीब पांच बजे दिल्ली पुलिस और आम आदमी पार्टी का दिल्ली से प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचा।
आयुषी ने की आम आदमी पार्टी की तारीफ
सिपाही की बेटी आयुषी ने बताया कि आप नेताओं ने ही उन्हें एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि दिए जाने की जानकारी दी। मातम के माहौल में सरकार के प्रयास की सबने सराहना की, लेकिन आयुषी ने कहा कि उसके पिता को दिल्ली सरकार शहीद का दर्जा दें और राष्ट्रीय सम्मान से अंलकृत करें।
हर संभव सहायता और साथ निभाने का वादा कर टीम दिल्ली लौट गई। आबकारी विभाग के सिपाही विनोद कुमार को याद कर गांव में गम और सन्नाटा है।
देश को कई बड़े वॉलीबाल खिलाड़ी देने वाले गांव के किरण सिंह के तीन बेटों में विनोद कुमार दूसरे नंबर का था। 1989 में वह दिल्ली पुलिस में भर्ती हुआ। शराब माफियाओं ने सिपाही को पी-पीटकर मार डाला।
क्यों नहीं जागती यूपी सरकार!
सिपाहियों की शहादत पर यूपी सरकार की नींद नहीं टूटती। 86 लाख रुपए की लूट का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाने वाले शहीद सचिन के परिवार को भी केवल 15 लाख रुपए दिए गए थे। यही नहीं सचिन ने भाजपा विधानमंडल दल के नेता हुकुम सिंह की पत्नी रेवती सिंह की हत्या के खुलासे में भी अहम भूमिका निभाई थी।
अथाई के शहीद सिपाही विनोद कुमार को दिल्ली की ‘आप’ सरकार ने एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देकर यूपी सरकार के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। वेस्ट यूपी में आतंक का पर्याय बने कग्गा गैंग का शिकार बने सिपाही सचिन के परिवार को केवल 15 लाख रुपये की सहायता दी गई थी।
सर्विलांस के मास्टर सचिन ने सबसे बड़ी 85 लाख रुपए की लूट का खुलासा करने में बड़ी भूमिका निभाई थी। यही नहीं इससे कुछ साल पहले ही भाजपा विधानमंडल दल के नेता हुकुम सिंह की पत्नी की मर्डर मिस्ट्री और हत्यारोपियों को पकड़ने में सचिन की खास भूमिका थी, लेकिन यूपी सरकार ने कग्गा गैंग का शिकार बने इस जांबाज को केवल 15 लाख रुपये की सहायता राशि ही दी थी।
कारगिल शहीदों को मिले थे 10-10 लाख
कारगिल की लड़ाई में मुजफ्फरनगर के पांच वीरों ने जान की बाजी लगाई थी। शराब माफियाओं के खिलाफ अभियान में सिपाही विनोद की शहादत पर दिल्ली सरकार ने एक करोड़ रुपये दिए जाने की घोषणा की है, जबकि कारगिल के शहीदों को यूपी सरकार ने केवल 10-10 लाख रुपये दिए थे।
मुजफ्फरनगर के वीरों ने देश की आन के लिए समय-समय पर बलिदान दिया है। 1962 के भारत-चीन युद्ध में लांस नायक करन सिंह, रोहताश कमार, रामस्वरूप, भोपाल सिंह और रामदास ने बलिदान दिया था। 1965 के भारत-पाक युद्ध में धर्मवीर सिंह, रामभज, नर सिंह, नवाब सिंह, हरपाल सिंह शहीद हुए।
वर्ष 1971 में धर्मपाल सिंह, राधेश्याम, चरण सिंह, जयपाल सिंह और जगदीश प्रसाद ने बलिदान दिया था। कारगिल की लड़ाई में नरेंद्र सिंह राठी, बचन सिंह, अमरेश पाल, रिजवान और सतीश कुमार ने शहादत दी थी। कारगिल शहीदों को यूपी सरकार ने 10-10 लाख रुपये दिए थे। इससे कहीं आगे जाकर ‘आप’ की दिल्ली सरकार ने आबकारी विभाग के सिपाही विनोद कुमार के परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि दिए जाने की घोषणा की है।
विनोद की हत्या मामले में एक और गिरफ्तार
वसंत कुंज इलाके में आबकारी विभाग में प्रतिनियुक्ति पर तैनात सिपाही विनोद की पीट कर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने रविंद्र उर्फ रब्बन (32) को गिरफ्तार किया है। रविंद्र शराब तस्करी करने वाले गिरोह का सक्रिय सदस्य है और इसपर सिपाही की डंडे मारकर हत्या करने का आरोप है।
रविंद्र की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तारी हो चुकी है। इससे पहले पुलिस ने पवन को गिरफ्तार किया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सिपाही पर कुल 15 लोगों ने हमला किया था। सभी शराब तस्कर योगेंद्र उर्फ योगा के गिरोह के सक्रिय सदस्य हैं। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार हैं।
जिनकी तलाश में पुलिस दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में दबिश दे रही है। पुलिस को इस मामले में शामिल रविंद्र के बारे में सोमवार को जानकारी मिली और पुलिस ने उसे वसंत कुंज इलाके से ही दबोच लिया।