सरकारी बैंकों के मुखिया बनेगें प्राइवेट बैंक वाले!
केंद्र सरकार ने सरकारी बैंकों में निजी बैंकों के अधिकारियों को एमडी कम सीईओ बनाने का रास्ता साफ़ कर दिया है. केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने 5 सरकारी बैंकों में प्रबंध निदेशक काम मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद के लिए आवेदन मांगे हैं. यह सभी पांच सरकारी सेक्टर के बड़े बैंक हैं.
इस पद लिए सरकार ने निजी बैंकों के साथ-साथ सरकारी बैंकों के बोर्ड लेवल के अधिकारियों का अनुभव रखने वाले 45 से 47 की उम्र वाले लोगों से आवेदन मांगे हैं. इन पांच बैंकों में बैंक ऑफ़ बड़ौदा, बैंक ऑफ़ इंडिया, केनरा बैंक, आईडीबीआई और पंजाब नेशनल बैंक शामिल हैं.
5 मई तक इन पांचों बैंक में इस पद के लिए आवेदन किया जा सकता है. यह पद तीन साल के लिए होगा। यह पांचों बैंक देश के बड़े बैंक हैं और इनमे लाखों की संख्या में सरकारी कर्मचारी काम कर रहे हैं.
निजी सेक्टर के लोगों को रखने की योजना बनाई जा रही
इससे पहले रेलवे बोर्ड में निजी सेक्टर के लोगों को रखा जा चुका है और नीति आयोग में भी निजी सेक्टर के लोगों को रखने की योजना बनाई जा रही है. योजना आयोग की जगह बने नीति आयोग में डॉयचे बैंक के संजीव सान्याल और मणिपाल एजुकेशन के टीवी मोहनदास पाई को सदस्य बनाया जा सकता है.
वही रेलवे बोर्ड में अमेरिकन कंपनी पीएंडजी में सीईओ रह चुके गुरचरण दास को रेलवे की उच्च स्तरीय समिति का सदस्य बनाया जा चुका है. अब सरकार ने निजी सेक्टर के बैंक अधिकारियों से इन पदों के लिए आवेदन मांग कर निजी सेक्टर की सरकारी बैंकों में एंट्री का रास्ता खोल दिया हैं.
वित्त मंत्रालय ने इन पांचों बैंको में एमडी कम सीईओ के पद को भरने के लिए 25 अप्रैल को एक अंग्रेजी अखबार में विज्ञापन भी दिया है.