एम्स ओपीडी में एडवांस बुकिंग की शुरुआत
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देश के सबसे बड़े अस्पताल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की ओपीडी में इलाज के लिए एड़वांस बुकिंग शुरू हो गई है। फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे शुरू किया है, जिसके सफल होने पर इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।
नई व्यवस्था के पूरी तरह लागू होने के बाद देश भर से आने वाले मरीजों को लंबी लाइन लगाकर अपनी पारी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ओपीडी में किसी भी दिन दिखाने के लिए मरीज अपनी सुविधा अनुसार, एडवांस में तारीख बुक कर इलाज के लिए आ सकता है।
फिलहाल एम्स की ओपीडी में नंबर लगाने के लिए मरीज सोमवार से शुक्रवार तक सुबह आठ से दोपहर 3.30 बजे के बीच तारीख ले सकता है। यदि ओपीडी में उस दिन का नंबर नहीं मिल पाता तो वह दूसरे या तीसरे दिन का नंबर अपनी सुविधा के अनुसार ले सकता है।
लाइन में खड़े रहने से मिलेगा छुटकारा
अभी हर विभाग में 30 से 40 मरीजों को ही एडवांस बुकिंग दी जा रही है। धीरे-धीरे मरीजों की संख्या बढ़ाई जाएगी। फिलवक्त एम्स की ओपीडी में प्रतिदिन इलाज कराने के लिए देश भर से सात से आठ हजार मरीज पहुंचते हैं।
हर विभाग में मरीजों को देखने की संख्या सीमित है, लिहाजा कई बार घंटों लाइन में खड़े होने के बाद भी ओपीडी में मरीज का नंबर नहीं आ पाता था। जिसके चलते कई बार मरीज को बिना इलाज के ही लौटना पड़ता है और दूसरे दिन दुबारा उसी प्रक्रिया से गुजरना होना है।
दूसरे दिन भी नंबर लगेगा या नहीं इसकी गारंटी नहीं होती है। नंबर नहीं मिलने से लोग सिफारिश और जान-पहचान की तलाश करते हैं, इससे भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिलता है।
इस तरह होगा सिस्टम
अगर मरीज को दो या तीन दिन बाद की तारीख चाहिए तो वह या परिजन पंजीकरण काउंटर पर जाकर उस तारीख का टोकन प्राप्त कर सकता है।
जिस तारीख का टोकन मिलेगा, उस दिन आकर दस रुपये में सुबह आठ से दोपहर 3.30 बजे के बीच पंजीकरण कराना होगा। शनिवार को यह सुविधा सुबह आठ से 11 बजे तक के लिए ही होगी।
एम्स की कंप्यूटराइजेशन कमेटी के चेयरमैन डॉ. दीपक अग्रवाल के मुताबिक अभी एडवांस बुकिंग में प्रति विभाग 30 से 40 मरीजों को ही सुविधा मिल पा रही है।
एम्स प्रशासन का प्रयास है कि टेलीफोन और इंटरनेट से भी बुकिंग की व्यवस्था बनाई जाए। हालांकि इस सुविधा के दुरुपयोग की रोकथाम पर अभी काम किया जा रहा है।