हैरतअंगेज! यहां पापों से मुक्ति के लिए जला दी जाती है पीठ!
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हमारे देश में लोग संगम में स्नान करने के बाद ऐसा मानते हैं कि हमें सभी पापों से मुक्ति मिलती है। ये एक ऐसा काम है जिसे करने के लिए लोग दूर-दराज से आते हैं।
इसी तरह से दुनिया के अन्य देशों में भी तन और मन की शुद्घि के लिए कई परंपराएं प्रचलित हैं।
शरीर और आत्मा की शुद्घि के लिए एक ऐसी ही अपनाई जाने वाली परंपरा है जिसे माना जाता है कि वो एक हिंदू परंपरा है।
क्या है परंपरा?
इस परंपरा को इंडोनेशिया में अपनाया जाता है। रूह कंपा देने वाली इस परंपरा में लोग एक-दूसरे की पीठ को नारियल की जटा से जलाते हैं। ऐसा करते वक्त वो खुद भी आग में खेलते रहते हैं।
इंडोनेशिया में रहने वाले लोगों के इस परंपरा को मेसाबटीन अपी नाम दिया गया है। ये एक त्योहार भी है जो साल में एक ही बार आता है।
वहां रहने वाले लोगों का मानना है कि इस त्योहार में जो लोग आग का खेल खेलते हैं और खाली बदन अपनी पीठ को जलाते हैं, उनके मोक्ष का रास्ता साफ हो जाता है।
नाचते-गाते भी हैं
आपको सुनकर बेहद हैरानी होगी लेकिन इस त्योहार को इंडोनेशिया के लोग मजे के साथ अपनाते हैं।
आग के साथ खेलते हुए वो लोग दर्द तो झेलते हैं लेकिन ये कुछ ऐसा होता है जिसमें उनकी रजामंदी शामिल होती है।
हैरान करने की बात ये है कि ऐसा करते हुए ये लोग खुशी से झूमते और गाते भी हैं।
ऐसा होने के दौरान लोगों को काम करना, टीवी देखना या फिर घूमना भी मना होता है।
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