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बाप, जो विकलांग बेटे के लिए हर रोज चलता है 18 मील

Tue, 11 Mar 2014 03:23 PM IST
Updated Tue, 11 Mar 2014 03:23 PM IST
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chinese father
जब भी मां-बाप की बात होती है, हम मां के दुलार का तो जिक्र जोर-शोर से करते हैं लेकिन इन सबके बीच बीच बाप के प्यार को कहीं न कहीं कुछ अनदेखा कर देते हैं।
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लेकिन इसका ये मतलब तो बिल्कुल भी नहीं कि एक पिता अपने बच्चे को मां की तुलना में कम प्यार करता हो। हां ये जरूर है कि मां अपनी भावनाओं को उड़ेल कर रख देती है और बाप खामोशी से सबकुद करता है। पर चीन के इस पिता की कहानी सुनकर आप रो देंगे।
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कौन है ये शख्स?

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चीन के शिनचुआन प्रांत में रहने वाले यू झुकांग हर रोज अपने बेटे को 18 मील का सफर कराते हैं। पर गाड़ी-घोड़े से नहीं बल्कि पीठ पर बिठाकर।

उनका बच्चा शारीरिक रूप से अक्षम है और वो उसे स्कूल छोड़ने के लिए हर रोज 18 मील का सफर तय करते हैं। ये बताने की जरूरत तो नहीं कि उनका परिवार बेहद गरीब है ओर उनका बच्चा एक सरकारी स्कूल में पढ़ता है।

रोज का नियम है ये

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वो अपने बच्चे को एक टोकरी में बिठा देते हैं और उसके बाद चल पड़ते हैं। उनका कहना है कि वो जानते हैं कि उनका बेटा शारीरिक रूप से अक्षम है लेकिन उसका दिमाग पूरी तरह से ठीक है। उनका कहना है कि वो नहीं चाहते उनका बच्चा वही सबकुछ झेले, जो उन्होंने झेला और अशिक्षित रह जाए।

रही बात स्कूल की तो बच्चे के दाखिले के लिए कोई स्कूल तैयार नहीं था, यही एकमात्र स्कूल ऐसा था‌ जिसने बच्चे को एडमिशन दिया।
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सिंगल पेरेंट है वो

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यू सिंगल पेरेंट हैं। 9 साल पहले ही वो और उनकी बीवी अलग हो गए थे। उस समय उनका बेटा झिआओ केवल तीन साल का था। उसके बाद उन्होंने फैसला किया कि वो अकेले ही उसकी देखभाल करेंगे।

कैसी है दिनचर्या?

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स्कूल बहुत दूर है और स्कूल की न तो कोई बस है और न ही कोई दूसरा साधन। ऐसे में ये पिता अपने बच्चे को पीठ पर लादकर हर रोज स्कूल छोड़ने जाता है।

वो बताते हैं कि वो हर रोज सुबह पांच बजे उठ जाते हैं। उसके बाद बेटे के लिए टिफिन तैयार करते हैं, उसे तैयार करते हैं और फिर स्कूल छोड़ने जाते हैं। उसके बाद ‌जीविका के लिए काम। दोपहर में वो उसे लेने भी जाते हैं।(daily mail)
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