LS में इतनी सीटें जीतेगी AAP: केजरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इनमें से कुछ नामों का खुलासा हो चुका है, जिनमें राजमोहन गांधी, आशुतोष, कुमार विश्वास, अंजलि दमानिया, मीरा सान्याल जैसे नाम शामिल हैं। आगामी चुनावों में जितना ध्यान भाजपा और कांग्रेस की जीती सीटों पर रहेगा, उतनी ही दिलचस्पी आम आदमी पार्टी की सीटों पर भी रहेगी।
अब तक अरविंद केजरीवाल इस बारे में अंदाजा जाहिर करने से बच रहे थे कि आगामी चुनावों में उन्हें कितनी सीटें मिल सकती हैं। लेकिन अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में उन्होंने यह खुलासा कर दिया है।
100 से ज्यादा सीटें जीतेंगे हमः केजरीवाल
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि विधानसभा चुनावों में किसी ने उम्मीद नहीं की थी उनकी पार्टी 28 सीटें जीतेगी, लेकिन पार्टी कमाल कर गई।
अरविंद केजरीवाल ने कहा, "इस मामले में ज्यादा अंदाजा नहीं लगाना चाहिए। लेकिन मुझे पता है कि हम लोकसभा चुनावों में 100 से ज्यादा सीटें जीतेंगे। कम से कम यह तय है कि कांग्रेस से ज्यादा सीटें आम आदमी पार्टी को मिलेंगी।"
इसकी वजह पूछने पर उन्होंने कहा, "कांग्रेस खत्म हो चुकी है और चुनावों से पहले आगामी वक्त में और कमजोर हो जाएगी। ऐसे में आम आदमी पार्टी उससे कहीं ज्यादा सीटें जीतेगी।"
कहां जीतेंगे, यह अभी नहीं बता सकतेः AAP
100 लोकसभा सीटों की उम्मीद लगा रहे केजरीवाल से जब यह सवाल किया गया कि ये सीटें कहां-कहां जीतेंगे और किन राज्यों को लेकर आम आदमी पार्टी सबसे ज्यादा उम्मीद बांध रही है, तो इसका जवाब उन्होंने नपा-तुला लिया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "जहां-जहां जनता मौजूदा तंत्र से त्रस्त होकर आम आदमी पार्टी में विश्वास जताएगी, वहां हमें सीटें मिलेंगी। इस बारे में ज्यादा अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।" उन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनावों का उदाहरण दिया।
केजरीवाल ने कहा, "योगेंद्र यादव का अंदाजा था कि हम दिल्ली विधानसभा में 38 सीटें जीतेंगे, लेकिन 28 मिलीं। कुछ ऐसी सीटें थीं, जिन पर हमें जीत की उम्मीद थी लेकिन हार गए। और कुछ ऐसी थीं, जहां हम हार सोच रहे थे, लेकिन जीतने में कामयाब रहे।"
'इस्तीफा देकर गलत नहीं किया'
जब केजरीवाल से सवाल किया गया कि क्या उन्हें कुछ और दिन सरकार में नहीं रहना चाहिए था, तो उन्होंने अपनी पुरानी बात दोहराई, "हम सरकार में रहना चाहते थे, लेकिन जन लोकपाल बिल के मामले में कांग्रेस और भाजपा, एक हो गए।"
उन्होंने कहा, "यह एक ऐसा मुद्दा था, जिस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता था। जितना काम हमारी सरकार ने 48 दिनों में कर दिखाया, उतना आज तक किसी सरकार ने नहीं किया।"
AAP नेता ने कहा, "हम भागे नहीं हैं, जैसा कि कहा जा रहा है। हम जनता के सामने हैं और उम्मीद थी कि सरकार से इस्तीफा देने के बाद दिल्ली में दोबारा चुनाव कराए जाएंगे और हम 40 सीटों के साथ दोबारा आएंगे। जनता को तय करना है कि 28 सीटों के साथ इतना ही काम हो सकता है। अगर ज्यादा काम कराना है, तो बहुमत दे।"
देहात में भी करेंगे अच्छा प्रदर्शन
दिल्ली-कानपुर रोड शो की तैयारियों में जुटे अरविंद केजरीवाल से जब सवाल किया गया कि शहरी इलाकों की तुलना में देहात में उनका असर सीमित है, इस पर उन्होंने कहा कि वह इत्तफाक नहीं रखते।
उन्होंने कहा, "यह हमारी गलतफहमी है। मीडिया की पहुंच की वजह से अब दूर-दराज के इलाकों तक हर खबर पहुंच रही है। अन्ना आंदोलन के दौरान मैं एक ऐसे पहाड़ी इलाके में गया था, जहां लोगों ने बताया कि जब अन्ना हजारे धरना दे रहे थे, तो गांव के लोग हाथ में मोमबत्तियां लेकर जुलूस निकाल रहे थे।"
केजरीवाल के मुताबिक देश के 90 फीसदी इलाकों तक मीडिया की पहुंच हैं। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अखबारों की मदद से उन्हें पल-पल की जानकारी और घटनाक्रम का अंदाजा हो रहा है। ऐसे में शहरी इलाकों के साथ-साथ देहात में भी आम आदमी पार्टी भी अच्छा प्रदर्शन करेगी।