संत ने किया दुराचार, मां-बेटी को गोलियों से भूना!
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वृंदावन के प्रमुख संत गोविंदानंद तीर्थ पर एक किशोरी ने दुराचार का आरोप लगाया है। वह अपनी मां के साथ इस मामले की सुवनाई के लिए कोर्ट जा रही थी, तभी रास्ते में दोनों को गोलियों से भून दिया गया।
किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी मां की हालत गंभीर बनी हुई है। इस हत्याकांड से यमुनापार क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने संत गोविंदानंद तीर्थ सहित तीन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
घर से निकलीं, और बरसा दी गोलियां
पीड़ित किशोरी (17) का परिवार मूलरूप से उत्तर प्रदेश में हाथरस जिले के एक गांव का रहने वाला है। फिलहाल किशोरी अपनी मां के साथ यमुना पार क्षेत्र में बलदेव रोड पर रह रही थी। दोनों गुरुवार की सुबह दस बजे कोर्ट जाने के लिए घर से निकली थीं।
जैसे ही वे एमटीएस इंटर कॉलेज के पास पहुंची, तभी सामने से आए कार सवारों ने उन्हें रोक लिया। इसी बीच बाइकों पर आए चार लोगों ने इन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। किशोरी की मौके पर मौत हो गई।
स्थानीय लोगों ने उसकी मां को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, उसकी गंभीर हालत को देखते हुए आगरा रेफर कर दिया गया।
गोविंदानंद समेत तीन के खिलाफ मामला दर्ज
किशोरी की मां ने जुलाई, 2013 में वृंदावन कोतवाली में संत गोविंदानंद तीर्थ के खिलाफ बेटी से दुराचार करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुए इस मामले में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी।
पीड़ित पक्ष ने फिर से सुनवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया और इसी की तारीख पर दोनों कोर्ट जा रही थीं। उनके परिजनों ने वृंदावन निवासी गोविंदानंद तीर्थ, बाबा वैराग्य स्वरूप और नरेंद्र श्रीवास्तव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
घटना के बाद पुलिस ने गोविंदानंद तीर्थ के आश्रम में दबिश दी और आश्रम के मैनेजर नरेंद्र श्रीवास्तव को पकड़ा। उनसे पूछताछ की गई है।
बदले की कार्रवाई तो नहीं?
बताया जाता है कि दो साल पहले संत गोविंदानंद तीर्थ का अपहरण हुआ था। अपहरण के दौरान उनसे लाखों के चेक पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए थे। रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर करा ली गई थी।
इस मामले में 14 के खिलाफ के रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी और रकम निकालते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। किशोरी इन्हीं दो गिरफ्तार आरोपियों में से एक की बेटी है।
मथुरा के एसएसपी गुलाब सिंह का कहना है कि संत गोविंदानंद तीर्थ का दो साल पहले अपहरण हुआ था। सुरक्षा मांगने पर दो सिपाही आश्रम में रहते हैं। फिलहाल संत गोविंदानंद तीर्थ दो दिन से बाहर हैं। हत्या के मामले में उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है। जांच में हकीकत पता चलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।