शक्ति मिल केस में फैसला, पढ़ें हैवानियत की पूरी कहानी
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मुंबई के महालक्ष्मी में सुनसान पड़ी शक्ति मिल गैंगरेप कांड के सभी आरोपियों को मुंबई की सेशंस कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए दोषी दे करार दिया है।
इस दौरान महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर आर पाटिल भी फैसला सुनाए जाने के वक्त कोर्ट में मौजूद थे।
अदालत ने पांच आरोपियों में से चार आरोपी सिराज खान, सलीम अंसारी, मोहम्मद कासिम उर्फ कासिम बंगाली और विजय जाधव को दोषी करार दिया है।
इन्हें धारा 376डी, 377 और 354 के तहत दोषी करार दिया गया। जबकि पांचवें नाबालिग अभियुक्त का मामला जुविनायल कोर्ट में चल रहा है।
महिला पत्रकार को बनाया था हवस का शिकार
दरअसल, महालक्ष्मी इलाके में सालों से बंद पड़ी यह मिल वीरान रहती है। उस दिन शाम के 6 बज रहे थे। महिला पत्रकार और उसका साथी जब वहां पहुंचे तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने खुद को पुलिस बताते हुए उन्हें फोटो लेने से रोका।
उन लोगों ने कहा कि पहले आप लोग हमारे अधिकारी से इजाजत लें तब फोटो लेना। फिर वे महिला पत्रकार और उसके साथी को अंदर ले गए। अंदर ले जाकर दोनों पर हमला कर महिला पत्रकार के साथी को वहीं बांध दिया।
पुलिस ने 72 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को दबोचा
उसके बाद उस महिला पत्रकार के साथ पांच लोगों ने गैंगरेप किया। दो घंटे बाद किसी तरह वे दोनों अपनी जान बचाकर वहां से अस्पताल भागे। अस्पताल में डॉक्टरों ने जैसे ही लड़की की हालत देखी सारा मामला समझ गए।
डॉक्टरों ने पुलिस को सूचना दी। महिला पत्रकार के साथ गैंगरेप होने की खबर से मानो पुलिस भी सन्न रह गई। आनन-फानन में कई टीमें बना कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई। 72 घंटे के भीतर ही पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान एक और गैंगरेप का मामला सामने आया। इनमें से तीन आरोपियों ने शक्ति मिल में ही गैंगरेप की एक और वारदात को अंजाम दिया था।
शक्ति मिल में एक और दरिंदगी आई सामने
दरअसल, इन आरोपियों की गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद ही एक कालसेंटर में काम करने वाली टेलीफोन ऑपरेटर सामने आई और उसने भी इनमें से 3 युवकों पर उसके साथ गैंगरेप करने का आरोप लगाया।
उस युवती ने पुलिस को बताया कि इनमें से तीन युवकों ने उसके साथ भी 31 जुलाई 2013 को शक्ति मिल परिसर में ही सामूहिक बलात्कार किया। उस दौरान उससे मार-पीट भी की गई थी।
इन दोनों गैंगरेप मामले में पुलिस ने गिरफ्तार पांचों आरोपियों पर अक्टूबर में उनके खिलाफ 362 पन्नों की चार्जशीट फाइल की थी। गैंगरेप के इन दोनों मामले में पीडितों की तरफ से सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने बहस की, जिसके उपरांत कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। सजा पर फैसला कल यानी शुक्रवार को आएगा।
पोर्न फिल्में देख आरोपी ढूंढ़ते थे शिकार
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को जो बयान दिया था, उससे साफ है कि वे सभी सेक्स को लेकर दीवाने थे और हवस मिटाने के लिए शिकार तलाशा करते थे।
आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि वे लोग मदनपुरा, बाइकुला और अग्रीपाड़ा में नियमित रूप से पोर्न फिल्में देखा करते थे। इसके अलावा रेड लाइट एरिया में उनका आना-जाना लगा रहता था।
आरोपी विजय जाधव, कासिम बंगाली और नाबालिग ने पूछताछ के दौरान बताया था कि वे अकसर पॉर्न देखने जाया करते थे। पिछले हफ्ते जाधव वास्तव में ऐसे ही एक पार्लर के भीतर सोते हुए पाया गया था।
'रात के बादशाह' ने रेप के बाद खाई थी पाव-भाजी
फोटो पत्रकार के साथ गैंगरेप करने वाला एक नाबालिग आरोपी जब रेप के बाद अपने घर लौटा, तो उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। बल्कि उसने उस रात छककर पाव-भाजी का मजा लिया।
उसके व्यवहार से यह कतई नहीं लगा कि तीन घंटे पहले ही उसने एक युवती की जिंदगी उजाड़ी है। चिकेन काटकर पैसा कमाने वाले 16 साल के इस लड़के ने अपनी दादी और भाई के साथ पाव-भाजी का मजा लिया और चैन से सो गया।
पड़ोसियों का कहना है कि अपने मोहल्ले में 'रात के बादशाह' नाम से कुख्यात आरोपी और उसके भाई सूरज ढलने के बाद ही घर से बाहर निकलते थे। एक पड़ोसी ने बताया, 'हाल में रेलवे पुलिस ने उन्हें चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था।'