भारत पाकिस्तान विवाद का रहस्यमय कारण, जिसे कभी समझा नहीं गया
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जब से भारत और पाकिस्तान दो अलग राष्ट्र बने हैं उस समय से ही इनका आपसी बैर बना हुआ है। समय-समय पर इनके बीच शांति वर्ता चलती रहती है, इसके बावजूद भी दोनों देशों के बीच की आपसी करवाहट दूर नहीं हो पा रही है।
सरकार आती हैं और चली जाती है लेकिन स्थिति जस की तस बनी रहती है। सीमा पार से समय-समय पर गोलाबारी और शांतिवर्ता का उल्लंघन किया जाता रहा है।
इन सबके पीछे ऊपरी तौर पर राजनीतिक कारण नजर आता है। लेकिन जो एक बड़ा कारण है उस पर कभी गौर नहीं किया जाता।
यह है भारत पाकिस्तान विवाद का छुपा कारण
यह छुपा हुआ कारण है भारत पाकिस्तान विभाजन से बना वास्तु दोष। वास्तुगुरू कुलदीप सालूजा बताते हैं कि वास्तु सिद्धान्त के अनुसार पूर्व आग्नेय के दोष मकान में हो तो परिवार में विवाद पैदा होता है।
यदि किसी देश के पूर्व आग्नेय (पूर्व दक्षिण) में भी दोष हो तो उस देश में तनाव और युद्ध का कारण बनता रहता है।
कैसे बनती है यह दिशा दोषपूर्ण
आग्नेय कोण में दोष तब बनता है जब पूर्व आग्नेय कोण बढ़ होता है, आग्नेय कोण का नीचा होना या किसी भी प्रकार पानी का जमा होना भी इस दिशा को दोषपूर्ण बनाता है।
इसी सन्दर्भ में यदि हम भारत और पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति पर नजर डालें तो यह स्पष्ट हो जाता है कि यह दोनों देशों की भौगोलिक स्थिति ही ऐसी कि दोनों देश के बीच हमेशा मतभेद और तनाव बना रहेगा। इनमें कभी-भी स्थायी सुलह या मित्रता हो ही नहीं सकती।
इसलिए भारत के हैं कई शत्रु
आजादी के बाद भारत को पास्कितान और चीन से कई युद्ध लड़ने पड़े। इन सब घटनाओं का कारण है भारत की भौगोलिक स्थिति या कहें वास्तु। भारत के पूर्व में बंगाल की खाड़ी है, दक्षिण मे हिन्द महासागर है और पश्चिम में अरब सागर है। इसके आग्नेय और नैऋत्य कोण में भी जल ही जल है।
इसीलिए भारत पर अनेक विदेशियों ने आक्रमण किए। जम्मू कश्मीर एवं पंजाब से निकलने वाली नदियों का पानी पश्चिम वायव्य होता हुआ पाकिस्तान तक चला जाता है। इस कारण हमारे शत्रुओं की संख्या ज्यादा है।
भारत पाकिस्तान सीमा पर विवाद का कारण
पाकिस्तान का सिंध वाला भाग जो पाकिस्तान का पूर्व आग्नेय है भारत के राजस्थान गुजरात के मध्य में स्थित होकर बढ़ रहा है। इस कारण यहां आपसी विवाद और गृहयुद्ध की स्थिति बनती रहेगी।
पाकिस्तान के पूर्व दिशा में लाहौर से जमीन नीची होती हुई फैसलाबाद, मुल्तान में और नीची होती हुई मध्यपूर्व स्थित रहीम यार खान से नीची होती हुई हैदराबाद होते हुए कराची तक नीचे चली गई है और इसी के साथ थार पारकर पूर्व आग्नेय कोण बढ़ाव लिए हुए है।
पाकिस्तान में भारत और अफगानिस्तान से आने वाली नदियों का पानी पूर्व आग्नेय होता हुआ दक्षिण आग्नेय की ओर बहता हुआ समुद्र में मिल रहा है। दक्षिण आग्नेय स्थित कराची और इसके बीच भारत की सीमा वाला भाग ज्यादा निचाई लिए हुए है। जहां पर नदियों का पानी भी गिर रहा है। इसी कारण यहाँ आर्थिक स्थिति खराब है, विवाद है, लड़ाइयां होती है।
अमेरिका के शक्तिशाली होने का कारण
पूर्व आग्नेय के दोष के कारण अन्य देशों को भी आपस में संघर्ष करना पड़ा और आगे भी करना पड़ेगा। जैसे - अमेरिका का पूर्व आग्नेय कोण बढ़ा हुआ है जहां फ्लोरिड़ा है। पूर्व आग्नेय के इसी बढ़ाव के कारण दूसरे देशों से युद्ध करने पड़े, आज भी कई देशों में लड़ाई लड़नी पड़ रही है और आगे भी यही स्थिति बनती रहेगी।
अमेरिका की पश्चिम दिशा में रांकी माउंटेन, कोलोराडो प्लेटियो है। पश्चिम दिशा की इस ऊंचाई वाली भौगोलिक स्थिति के कारण ही अमेरिका को हमेशा युद्ध में सफलता और यश मिलता है।
ईराक में उग्रवाद का कारण कहीं वास्तु दोष तो नहीं?
ईराक का बसरा स्थित पूर्व आग्नेय वाला भाग बढ़ा हुआ है इसी भाग में परशीयन गल्फ है जो कि युद्ध, उग्रवाद का कारण बना हुआ है।