फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Astrology Archives ›   reson of death according astrology

ग्रह बताते हैं किसकी मृत्यु के समय कैसी स्थिति होगी

Thu, 12 Jun 2014 03:36 PM IST
Updated Thu, 12 Jun 2014 03:36 PM IST
विज्ञापन
reson of death according astrology

दुनिया में जो भी आया है उसकी मृत्यु निश्चित है। इससे कोई बच नहीं सकता लेकिन, मृत्यु के समय किसकी कैसी स्थिति होगी यह महत्वपूर्ण है। किसी व्यक्ति की मृत्यु बिना कष्ट के होती है तो कई दुर्घटना या भयंकर पीड़ा सहते हुए प्राण त्याग करता है।

विज्ञापन


ज्योतिषशास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति के मृत्यु के समय की स्थिति उसके जन्म के समय ही तय हो जाती है। जन्मकुण्डली का आठवां भाव जिसे आकस्मिक घटनाओं का घर एवं मृत्यु का घर कहा गया है अगर उस घर में स्थित ग्रहों को देखें तो इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि मृत्यु के समय व्यक्ति की क्या स्थिति होगी।

विज्ञापन

सूर्य से जानें मृत्यु के समय का हाल

reson of death according astrology

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति के जन्मकुंडली में सूर्य आठवें घर में बैठा होता है उसकी मृत्यु का कारण गंभीर बीमारी, तेज बुखार, मूत्र संबंधी रोग, अग्नि हो सकती है।

अगर चंद्रमा हो मृत्यु के घर में

reson of death according astrology

चन्द्रमा को जल तत्व का कारक माना गया है। इसलिए मृत्यु स्थान में चन्द्रमा के होने पर व्यक्ति को जलक्षेत्र से सावधान रहना चाहिए।

विज्ञापन

मंगल हो मृत्यु स्थान में बैठा

reson of death according astrology

जिनकी जन्मपत्री में मंगल ग्रह आठवें घर में बैठा होता है उन्हें आग से खिलवाड़ करने बचना चाहिए। ऐसे लोगों को आग से दुर्घटना की संभावना अधिक रहती है।

ऐसे व्यक्तियों की मृत्यु कारण त्वचा रोग, वाहन दुर्घटना, जादू-टोना, पीलिया, आकस्मिक दुर्घटना और ऊंचाई से गिरना जैसी घटना हो सकती है।

जब बुध हो मृत्यु के घर में

reson of death according astrology

जिन व्यक्तियों की कुण्डली में बुध मृत्यु स्थान में बैठा होता है उनके विषय में माना जाता है इनकी मृत्यु का कारण पक्षाघात, वात, पोलियो, नसों की कमजोरी, अण्डकोष से संबंधित दोष, अपच और बुखार हो सकता है।

जब गुरू हो आठवें घर में

reson of death according astrology

जिस व्यक्ति की जन्मपत्री में गुरू मृत्यु स्थान यानी आठवें घर में होता है तो उनकी मृत्यु का कारण हृदय संबंधी रोग, बुखार, शारीरिक दुर्बलता, मोटापा होता है।

शुक्र कुण्डली में आठवें घर में बैठा हो

reson of death according astrology

शुक्र का आठवें घर में होना इस बात का संकेत देता है कि मृत्यु के समय व्यक्ति यौन संबंधी रोग से पीड़ित हो सकता है। मूत्र संबंधी रोग, उदर रोग या भूख के कारण भी इनकी मृत्यु की संभावना रहती है। इनकी मृत्यु का कारण कोई स्त्री भी हो सकती है।

मृत्यु के घर में बैठा शनि

reson of death according astrology

जिनकी कुण्डली में मृत्यु स्थान में शनि मौजूद होता है उनकी मृत्यु का कारण वात रोग, घाव, लंबी बीमारी और बुखार होता है। वैसे इस घर में जिनके शनि मौजूद होता है वह दीर्घायु होते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed