ग्रह बताते हैं किसकी मृत्यु के समय कैसी स्थिति होगी
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दुनिया में जो भी आया है उसकी मृत्यु निश्चित है। इससे कोई बच नहीं सकता लेकिन, मृत्यु के समय किसकी कैसी स्थिति होगी यह महत्वपूर्ण है। किसी व्यक्ति की मृत्यु बिना कष्ट के होती है तो कई दुर्घटना या भयंकर पीड़ा सहते हुए प्राण त्याग करता है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति के मृत्यु के समय की स्थिति उसके जन्म के समय ही तय हो जाती है। जन्मकुण्डली का आठवां भाव जिसे आकस्मिक घटनाओं का घर एवं मृत्यु का घर कहा गया है अगर उस घर में स्थित ग्रहों को देखें तो इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि मृत्यु के समय व्यक्ति की क्या स्थिति होगी।
सूर्य से जानें मृत्यु के समय का हाल
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति के जन्मकुंडली में सूर्य आठवें घर में बैठा होता है उसकी मृत्यु का कारण गंभीर बीमारी, तेज बुखार, मूत्र संबंधी रोग, अग्नि हो सकती है।
अगर चंद्रमा हो मृत्यु के घर में
चन्द्रमा को जल तत्व का कारक माना गया है। इसलिए मृत्यु स्थान में चन्द्रमा के होने पर व्यक्ति को जलक्षेत्र से सावधान रहना चाहिए।
मंगल हो मृत्यु स्थान में बैठा
जिनकी जन्मपत्री में मंगल ग्रह आठवें घर में बैठा होता है उन्हें आग से खिलवाड़ करने बचना चाहिए। ऐसे लोगों को आग से दुर्घटना की संभावना अधिक रहती है।
ऐसे व्यक्तियों की मृत्यु कारण त्वचा रोग, वाहन दुर्घटना, जादू-टोना, पीलिया, आकस्मिक दुर्घटना और ऊंचाई से गिरना जैसी घटना हो सकती है।
जब बुध हो मृत्यु के घर में
जिन व्यक्तियों की कुण्डली में बुध मृत्यु स्थान में बैठा होता है उनके विषय में माना जाता है इनकी मृत्यु का कारण पक्षाघात, वात, पोलियो, नसों की कमजोरी, अण्डकोष से संबंधित दोष, अपच और बुखार हो सकता है।
जब गुरू हो आठवें घर में
जिस व्यक्ति की जन्मपत्री में गुरू मृत्यु स्थान यानी आठवें घर में होता है तो उनकी मृत्यु का कारण हृदय संबंधी रोग, बुखार, शारीरिक दुर्बलता, मोटापा होता है।
शुक्र कुण्डली में आठवें घर में बैठा हो
शुक्र का आठवें घर में होना इस बात का संकेत देता है कि मृत्यु के समय व्यक्ति यौन संबंधी रोग से पीड़ित हो सकता है। मूत्र संबंधी रोग, उदर रोग या भूख के कारण भी इनकी मृत्यु की संभावना रहती है। इनकी मृत्यु का कारण कोई स्त्री भी हो सकती है।
मृत्यु के घर में बैठा शनि
जिनकी कुण्डली में मृत्यु स्थान में शनि मौजूद होता है उनकी मृत्यु का कारण वात रोग, घाव, लंबी बीमारी और बुखार होता है। वैसे इस घर में जिनके शनि मौजूद होता है वह दीर्घायु होते हैं।