मंगल लगभग दो वर्ष बाद 4 सितंबर को अपनी राशि बृश्चिक में प्रवेश कर रहे हैं। इस राशि में यह 18 अक्टूबर तक रहेंगें और ज्योतिष की दृष्टि से यह बड़ी घटना है। इन दिनों बना शनि-मंगल योग भंग हो रहा है, नतीजतन चारों ओर फैली अराजकता में कमी आएगी।
मंगल मेटल्स, पावर, पेट्रोरसायन, हैंडीक्राफ्ट, प्रापर्टी, रियलस्टेट, इंफ्रा, सीमेंट, ज्वलनशील पदार्थों, कमोडिटीज के कारक होते हैं अतः स्टॉक मार्केट में इन पदार्थों के सेक्टर्स में भारी उतार चढ़ाव की आशंका बनती है।
शरीर में इनका प्रभाव खून में रहता है, अशुभ प्रभावी होने पर रक्तविकार, लो या हाई ब्लड प्रेशर, ब्लडकैंसर आदि रोग जन्म लेते हैं यही नहीं न्यूरोलोजिकल समस्याएं, एवं विषाणु जनित गुप्त रोगों की समस्याएं देने में भी मंगल पीछे नहीं रहते।