फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Relationship ›   why do humans kiss each other when most animals don't?

जानिए, आखिर हम एक-दूसरे को किस क्यों करते हैं?

Thu, 16 Jul 2015 08:19 PM IST
Updated Thu, 16 Jul 2015 08:19 PM IST
विज्ञापन
 why do humans kiss each other when most animals don't?

जब हम किसी को 'किस' करते हैं तो एक 'किस' के दौरान करीब 8 करोड़ बैक्टीरिया का आदान प्रदान होता है। इनमें से सभी बैक्टीरिया नुकसान पहुंचाने वाले नहीं हों, ऐसा भी नहीं है।

विज्ञापन


इसके बावजूद कोई भी व्यक्ति शायद ही अपनी पहली 'किस' भूल पाता हो। इतना ही नहीं रोमांटिक जीवन में चुंबन की अपनी अहम भूमिका भी है।

पश्चिमी समाज में एक दूसरे को 'किस' करने का चलन कुछ ज्यादा है। पश्चिमी दुनिया के लोग ये भी मानते हैं कि 'किसिंग' करना दुनिया भर का सामान्य व्यवहार है।

लेकिन एक नए अध्ययन के मुताबिक मनुष्यों में ये चलन दुनिया की सभी संस्कृतियों में नहीं है, आधे से भी कम में ही 'किस' का प्रचलन है।

इतना ही नहीं 'किस' करने की प्रवृति जानवरों की दुनिया में भी दुर्लभ ही है।

'किस' करने का चलन

 why do humans kiss each other when most animals don't?

ऐसे में 'किस' करने के व्यवहार का चलन क्या है? अगर यह उपयोगी है तो फिर ऐसा तो सभी जानवरों को करना चाहिए, या फिर सभी इंसानों को करना चाहिए? हालांकि हकीकत यह है कि ज्यादातर जानवर 'किस' नहीं करते हैं।

इस नए अध्ययन में दुनिया के 168 संस्कृतियों का अध्ययन किया गया है, जिसमें केवल 46 प्रतिशत संस्कृतियों में लोग रोमांटिक पलों में अपने साथी को 'किस' करते हैं।

पहले यह अनुमान लगाया जाता रहा है कि 90 प्रतिशत संस्कृतियों में लोग रोमांस के पलों में अपने साथी को 'किस' करते हैं। लेकिन ऐसा है नहीं।

इस अध्ययन में केवल 'लिप किस' का अध्ययन किया गया है। माता-पिता अपने बच्चों को जो 'किस' करते हैं उसे अध्ययन में शामिल नहीं किया गया है।

कई आदिम समुदाय के लोगों में 'किस' करने के कोई सबूत नहीं मिले हैं। ब्राजील के मेहिनाकू जनजातीय समुदाय में इसे अशिष्टता माना जाता है।

ऐसे समुदाय आधुनिक मानव के सबसे नजदीकी पूर्वज माने जाते हैं, इस लिहाज से देखें तो हमारे पूर्वजों में भी 'किस' करने का चलन शायद नहीं रहा होगा।

इस अध्ययन दल के प्रमुख और लॉस वेगास यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर विलियम जानकोवायक के मुताबिक यह सभी मानवों के स्वभाव में नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पश्चिमी सभ्यता की देन

 why do humans kiss each other when most animals don't?

प्रोफेसर विलियम जानकोवायक के मुताबिक 'किस' करना पश्चिमी समुदाय की देन है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाता रहा है।

इस विचार को सत्य के करीब मानने के लिए कुछ ऐतिहासिक कारण भी मौजूद हैं।

ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के प्रोफेसर राफेल वलोडारस्की कहते हैं कि 'किस' करना हाल-फिलहाल का चलन है।

'किस' जैसी किसी क्रिया का सबसे पुराना उदाहरण हिंदुओं की वैदिक संस्कृति में मिलता है जो करीब 3500 साल पुराना है।

वहीं मिस्र की प्राचीन संस्कृति में 'किस' करने की बजाए लोग एक दूसरे को बाहों में समेट कर करीब आते थे।

बहरहाल बड़ा सवाल यह है कि क्या हम प्राकृतिक तौर पर 'किस' करते आए हैं या आधुनिक इंसानों ने इसकी खोज की है।

मानव समुदाय का सबसे नजदीकी रिश्ता चिम्पांजी से रहा है।

जॉर्जिया, अटलांटा स्थित एमरी यूनिवर्सिटी के जीव विज्ञानी फ्रांस डि वाल के मुताबिक चिम्पांजी एक दूसरे से लड़ने झगड़ने के बाद एक दूसरे को 'किस' करते हैं या एक दूसरे को 'हग' करते हैं।

यह मादा चिम्पांजियों में ज्यादा होता है। लेकिन चिम्पांजी के लिए 'किस' का रोमांस से कोई लेना देना नहीं है।

विज्ञापन

जानवरों में भी चलन नहीं

 why do humans kiss each other when most animals don't?

चिम्पांजियों की एक प्रजाति बोनोवो के सदस्य ज्यादा मौकों पर 'किस' करते हैं और 'किस' करते वक़्त जीभ का इस्तेमाल भी करते हैं।

बोनोबो सेक्स के मामले में ज्यादा सक्रिय भी होते हैं। जब दो इंसान मिलते हैं तो आपस में हाथ मिलाते हैं, जब दो बोनोबो मिलते हैं तो सेक्स करते हैं। लेकिन उनमें भी 'किसिंग' की प्रवृति का रोमांस से लेना-देना नहीं है।

ये दोनों जीव इस मामले में अपवाद हैं। जहां तक हम जानते हैं, दूसरे जीवों में 'किसिंग' का चलन नहीं है।

हालांकि कई दूसरे अध्ययनों से यह जरूर जाहिर हुआ है कि अपने साथी के शरीर से निकलने वाली गंध के प्रति जानवर आकर्षित होते हैं और वे अपने साथी की तरफ खिंचे चले आते हैं। ऐसा जंगली सुअर सहित दूसरे जीवों में भी देखा गया है।

2013 में वलोडारस्की ने 'किस' करने की प्रवृति पर विस्तार से अध्ययन किया। उन्होंने सैकड़ों लोगों से ये पूछा कि एक दूसरे को 'किस' करते वक्त उनके लिए सबसे खास बात क्या थी। इसमें पता चला कि शरीर की सुगंध से लोग एक दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं।

वलोडारस्की कहते हैं, "हममें स्तनधारियों के सारे गुण हैं, इसमें समय के साथ हमने कुछ चीजें जोड़ भी ली हैं।"

इस नजरिए से देखें तो 'किस' करने को सांस्कृतिक तौर पर स्वीकार कर लिया गया। यह इंसानों के एक दूसरे के करीब पहुंचने की कोशिश है। वलोडारस्की के मुताबिक इसकी शुरुआत कब हुई, ये पता लगाना बेहद मुश्किल है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed