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न किसी ने ऐसा हंसाया-न किसी ने इतना हंसाया, बहुत याद आते हो उत्पल दत्त साहब
amarujala.com- Written by: श्रवण शुक्ला
Updated Sat, 19 Aug 2017 09:51 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : storypick
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उत्पल दत्त को हमारे बीच से गए हुए 24 साल हो चुके हैं, पर नई पीढ़ी भी उनसे अपरिचित नहीं है। साल 1979 की सुपरहिट फिल्म गोलमाल के 'भवानी शंकर' जिनकी कॉमेडी आज भी लोगों को हंसा देती है और तो और 'शौकीन' में एक एक पैसे का हिसाब रखने वाले कंजूस को भी आप भूले नही होंगे। देश के महान कलाकारों में से एक उत्पल दत्त आज भी लोगों के जहन में अपनी अनोखी अदाकारी के लिए याद किए जाते हैं। आज ही के दिन साल 1993 में दत्त साहब हमेशा के लिए खामोश हो गए, पर उनकी अदाकारी आज भी लोगों के जेहन में उन्हें जिंदा रखे हुए है। अभी 5 दिनों पहले ही उनकी पत्नी शोभा सेन का भी निधन हो गया।
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अपने नाटक की वजह से जेल भी भेजे गए थे उत्पल साहब
उत्पल दत्त का जन्म में 29 मार्च 1929 को हुआ और उन्होंने कलकत्ते से पढ़ाई की। अंग्रेजी लिटरेचर में ग्रेजुएट उत्पल साहब 1940 में ही थिएटर से जुड़ गए। शेक्सपियर से बेहद लगा था तो शेक्सपियर के ही नाटक ओथेलो ने उन्हें शुरुआती पहचान दी। उन्होंने नाटकों का निर्देशन भी किया, साथ ही कई नाटक भी लिखे। कुछ काफी विवादित भी रहे। हिंदी फिल्मों में आए तो गुड्डी, गोल-माल, नरम-गरम, रंग बिरंगी, उलटा-सीधा, बात बन जए जैसी फिल्मों के जरिए आम लोगों के दिलो-दिमाग पर छा गए। गोलमाल के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट कॉमेडियन अवार्ड से नवाजा गया। बंगाली सिनेमा में फ़िल्म 'भुवन शोमे' के लिए उन्हें 'बेस्ट एक्टर' के तौर पर 'नेशनल फ़िल्म अवार्ड' भी मिला। कभी केंद्र की सरकार को अपने नाटकों से हिलाने वाले कट्टर वामपंथी रहे उत्पल साहब को साल 1965 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जेल भी भेज दिया था।
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दमदार डायलॉग डिलीवरी के दम पर बनाई अलग पहचान
अपने कई डायलॉग्स की वजह से उत्पल साहब आज भी याद किए जाते हैं। गोलमाल फिल्म में उनका डायलॉग है कि 'जो व्यक्ति अपने नाम को छोटा कर सकता है, वो काम भी छोटा ही करता होगा'। इसके साथ ही 'माफ नहीं, मै तुझे साफ कर दूंगा' जैसे डायलॉग लोगों को लोटपोट करते रहे। फिल्म गोलमाल में कैस्ट्रो मुखर्जी के साथ उनकी केमेस्ट्री को कौन भूल सकता है? आप भी वीडियो देखें...
उल्टा-सीधा फिल्म में वकील के किरदार में कोर्टरूम को ही उन्होंने मजाक बनाकर रख दिया।
...और बात बन जाए फिल्म में उनके कन्फ्यूजन पर तो आज भी लोग हंस हंसकर लोट-पोट हो जाते हैं।
उल्टा-सीधा फिल्म में वकील के किरदार में कोर्टरूम को ही उन्होंने मजाक बनाकर रख दिया।
...और बात बन जाए फिल्म में उनके कन्फ्यूजन पर तो आज भी लोग हंस हंसकर लोट-पोट हो जाते हैं।
देखें उत्पल दत्त की बॉयोग्राफी
आप यहां उत्पल दत्त की बॉयोग्राफी भी देख सकते हैं, जिसमें उनकी जिंदगी का थोड़ा-बहुत ब्यौरा है।