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'जब हैरी मेट सेजल' देखने से पहले जान लें ये 10 बातें
रवि बुले
Updated Sat, 05 Aug 2017 10:11 AM IST
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जब हैरी मेट सेजल
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इस हफ्ते रिलीज हुई शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा की जब हैरी मेट सेजल का फैंस को बेसब्री से इंतजार था। दर्शकों और क्रिटिक्स को अंदाजा था कि इम्तियाज अली का निर्देशन और शाहरुख-अनुष्का की केमेस्ट्री बड़े पर्दे पर धमाल मचा देगी लेकिन अफसोस ऐसा नहीं हुआ। अगर आप भी इस वीकेंड इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म को देखने का मन बना रहे हैं तो पहले ये 10 बातें जरूर पढ़ लें-
1. क्या दो घिसे हुए सिक्के मिलकर एक खनकता कॉइन बन सकते हैं? शाहरुख खान और इम्तियाज अली के मेल-मिलाप से बनी 'जब हैरी मैट सेजल' देखें तो सीधा जवाब है, नहीं।
2. कहने को दोनों दिग्गज हैं मगर चमक खो चुके हैं। इस फिल्म में दोनों ने एक-दूसरे को सहारा देने की कोशिश की परंतु बुरी तरह लड़खड़ाए हैं।
3. कभी लवस्टोरी के माहिर रहे इम्तियाज की यह कहानी बेदम है और शाहरुख के स्टबल उगे चेहरे में रूमानियत सूख चुकी है। अपनी जवानी खोकर वह पर्दे पर भी बढ़ती उम्र के बच्चों के पिता ही नजर आते हैं।
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4. कहानी की बड़ी कमी यह है कि हैरी के अतीत से जुड़े सवाल अनसुलझे हैं। हैरी बीच-बीच में एकदम सैड हो जाता है और फिल्म अचानक खत्म हो जाती है। हैरान दर्शक पाते हैं कि इस सफर में उनकी जेब कट गई!!
5. फिल्म में शाहरुख किसी एंगल से हॉट नहीं हैं और अनुष्का हर लिहाज से ठंडी हैं। इम्तियाज ने उन्हें टोटल बहनजी और चीनी-गमले टाइप सुंदर बताया है।
6. सेजल लगातार हैरी को जताने की कोशिश करती है कि वह उतनी ठंडी नहीं जितनी वह सोच रहा है। इस चक्कर में फिल्म रेफ्रिजरेटर में रखे महंगे टमाटर जैसी फ्रीज हो जाती है, जो अब मासिक-बजट में भारी लगने लगे हैं।
7. फिल्म गवाह है कि इम्तियाज अली रचनात्मक-शून्य में बदल चुके हैं। अनुष्का में पारंपरिक हीरोइनों वाली बात नहीं, यह फिल्म फिर स्थापित करती है।
8. शाहरुख के लिए यह आत्मा में झांकने का समय है। उनमें अनिल कपूर या अमिताभ बच्चन वाली बात नहीं, जो बढ़ती उम्र में और आकर्षक दिख रहे हैं। यह वक्त गुजारने लायक फिल्म भी नहीं है।
9. यूरोप के लोकेशन कहानी का हिस्सा नहीं बन पाते क्योंकि निर्देशक नक्शे में रास्ते दिखाता है। शहरों के बजाय सस्ते रेस्तरां-होटलों में घुमाता है।
10. कुल जमा एक रिंग के कथित रूप से खोने-पाने की इस कहानी में अंगूठी का नगीना गायब है। इम्तियाज-शाहरुख के इस बेरौनक प्रस्ताव को स्वीकारना चाहें तो आपकी मर्जी।
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1. क्या दो घिसे हुए सिक्के मिलकर एक खनकता कॉइन बन सकते हैं? शाहरुख खान और इम्तियाज अली के मेल-मिलाप से बनी 'जब हैरी मैट सेजल' देखें तो सीधा जवाब है, नहीं।
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2. कहने को दोनों दिग्गज हैं मगर चमक खो चुके हैं। इस फिल्म में दोनों ने एक-दूसरे को सहारा देने की कोशिश की परंतु बुरी तरह लड़खड़ाए हैं।
3. कभी लवस्टोरी के माहिर रहे इम्तियाज की यह कहानी बेदम है और शाहरुख के स्टबल उगे चेहरे में रूमानियत सूख चुकी है। अपनी जवानी खोकर वह पर्दे पर भी बढ़ती उम्र के बच्चों के पिता ही नजर आते हैं।
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4. कहानी की बड़ी कमी यह है कि हैरी के अतीत से जुड़े सवाल अनसुलझे हैं। हैरी बीच-बीच में एकदम सैड हो जाता है और फिल्म अचानक खत्म हो जाती है। हैरान दर्शक पाते हैं कि इस सफर में उनकी जेब कट गई!!
5. फिल्म में शाहरुख किसी एंगल से हॉट नहीं हैं और अनुष्का हर लिहाज से ठंडी हैं। इम्तियाज ने उन्हें टोटल बहनजी और चीनी-गमले टाइप सुंदर बताया है।
6. सेजल लगातार हैरी को जताने की कोशिश करती है कि वह उतनी ठंडी नहीं जितनी वह सोच रहा है। इस चक्कर में फिल्म रेफ्रिजरेटर में रखे महंगे टमाटर जैसी फ्रीज हो जाती है, जो अब मासिक-बजट में भारी लगने लगे हैं।
7. फिल्म गवाह है कि इम्तियाज अली रचनात्मक-शून्य में बदल चुके हैं। अनुष्का में पारंपरिक हीरोइनों वाली बात नहीं, यह फिल्म फिर स्थापित करती है।
8. शाहरुख के लिए यह आत्मा में झांकने का समय है। उनमें अनिल कपूर या अमिताभ बच्चन वाली बात नहीं, जो बढ़ती उम्र में और आकर्षक दिख रहे हैं। यह वक्त गुजारने लायक फिल्म भी नहीं है।
9. यूरोप के लोकेशन कहानी का हिस्सा नहीं बन पाते क्योंकि निर्देशक नक्शे में रास्ते दिखाता है। शहरों के बजाय सस्ते रेस्तरां-होटलों में घुमाता है।
10. कुल जमा एक रिंग के कथित रूप से खोने-पाने की इस कहानी में अंगूठी का नगीना गायब है। इम्तियाज-शाहरुख के इस बेरौनक प्रस्ताव को स्वीकारना चाहें तो आपकी मर्जी।