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10वीं के इन छात्रों को 'आइडिया' के लिए मिले 3 करोड़

Wed, 15 Mar 2017 06:11 PM IST
amarujala.com- Presented by: शिवेंदु शेखर
amarujala.com- Presented by: शिवेंदु शेखर Updated Wed, 15 Mar 2017 06:11 PM IST
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these class 10th students got funding of rs 3 crore for their start-up idea
जयपुर - फोटो : source

जयपुर के दसवीं क्लास के तीन बच्चों को उनके स्टार्ट-अप आइडिया 'इन्फ्यूजन बीवरेज' के लिए करीब 3 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है और साथ ही इनके इस आइडिया को पेटेंट रजिस्टर के लिए भेज दिया गया है जो अभी एडवांस स्टेज में है। 

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चेतन्य गोलछा, मृगांक गुज्जर और उत्सव जैन को उनके इस आइडिया के लिए ये फंडिंग मिली है। तीनों ही छात्र जयपुर के निरजा मोदी स्कूल के छात्र हैं। फंडिंग मिलने की कहानी इनके स्कूल में आयोजित होने वाले औंत्र्प्रेंयोर्शिप फेस्ट से शुरू होती है और ये सब कुछ सिर्फ एक साल के दरमयान में हुआ। 
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चेतन्य जो कि इस तिकड़ी का हिस्सा हैं उन्होंने बताया कि, "हमारे प्रोडक्ट का प्रेजेंटेशन फेस्ट में जजों को इम्प्रेस नहीं कर पाया और हमें पहले ही राउंड में बाहर कर दिया गया। बावजूद इसके हमें करीब 150 फ्लेवर्ड पानी के बोतलों की डिलीवरी का ऑर्डर मिला।"  
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these class 10th students got funding of rs 3 crore for their start-up idea
जयपुर

तीनों ने मौके मिस नहीं किया और बोतलों की डिलीवरी कर दी। इस प्रोजेक्ट का मुख्य थीम ये था कि बिना किसी तरह के प्रीजर्वेटिव मिलाए अलग-अलग स्वाद में पानी की बोतलें तैयार करनी थीं। 

" हमने गूगल से लेकर और दूसरे जगहों से बहुत रिसर्च के बाद ये पता किया कि बिना सुगर या सोडा मिलाए भी फ्लेवर्ड पानी की बोतलें तैयार की जा सकती है। लेकिन बहुत जल्द ही ये बात समझ आ गई कि किसी आईडिया को जमीन पर लाना इतना आसान नहीं है। खास कर तब जब आप एक माइनर हो व्यस्क नहीं हो। अलग-अलग विभागों से परमीशन लेने का और लाइसेंस लेने का काम हमारे मम्मी-पापा ने किया।" मृगांक ने बताया।  

अपने आईडिया को थोड़ा और समझने के लिए इसे और तरासने के लिए इन तीनों ने आईआईटी-कानपुर और आईआईएम-इंदौर के अलग कंप्टीशन में भी हिस्सा लिया। जहां इन्हें खूब तारीफें मिली।

बड़ा प्रोत्साहन और हिम्मत तब मिली जब जयपुर के मालवीय नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी ने इनेक आईडिया को जमीन पर उतारने का फैसला लिया। इसके साथ ही इंस्टिट्यूट ने इनके इस आईडिया को पेटेंट करवाने में भी लगा है जो कि अभी एडवांस स्टेज में पहुंच चुका है।  

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