फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   New Delhi News ›   नरेला की पहचान ऐतिहासिक तालाब पर खतरा

नरेला की पहचान ऐतिहासिक तालाब पर खतरा

Fri, 19 Jul 2013 05:32 AM IST
New Delhi
New Delhi Updated Fri, 19 Jul 2013 05:32 AM IST
विज्ञापन
नरेला (नई दिल्ली)। ‘नरेला की पहचान कभी चार चीजों से थी। लाल मिर्च, बाग, तालाब और देवी का मेला। आज मिर्च और बाग रहा नहीं। तालाब खुद देख लो, एक छोर दूसरे से साफ नहीं दिख रहा। इसका फैलाव करीब 84 बीघे में है। फिर भी, आज इसमें एक बूंद पानी नहीं है। अगर तालाब लबालब रहता, तो नरेला सब सिटी की प्यास बुझ सकती है।’
विज्ञापन

बात करते-करते मास्टर त्रिलोकचंद भावुक हो गए। थोड़ी देर के लिए उन्होंने चुप्पी साध ली। उनका तालाब से दिली रिश्ता साफ दिख रहा था। थोड़ा संभलते हुए बोले, तालाब आज डीडीए के पास है। लेकिन उस एजेंसी से उम्मीद कोई नहीं बनती। नरेला गांव के बड़े-बुजुर्ग तालाब को करीब 1200 साल पहले का बताते हैं। सौ की उम्र पार कर चुके राम दर्शन शर्मा बगैर रुके इसका पूरा इतिहास बोल गए, ‘इसे महरौली के राजा चंद्र ने 990 ईसवी में खुदवाया था। पानी के लिए यमुना नदी से नहर बनाई गई थी। 24 पक्के चबूतरे और चार गऊघाट आज भी हैं। कहावत है कि तुर्क हमले के समय तालाब की देवी ने श्राप दे दिया था। इसके बाद इसमें पानी नहीं रूका। अपने जीवन काल में भी हमने इसमें कभी भी तीन दिन से ज्यादा जलभराव नहीं देखा।’
विज्ञापन

दूसरी तरफ खुदाई खिदमत के सलीम मोहम्मद मानते हैं कि कहावत अपनी जगह है, लेकिन जल संरक्षण का बड़ा-बड़ा दावा करने वाली सरकार की निगाह अगर इस तरफ जाती तो इसमें पानी लाया जा सकता है। इससे न सिर्फ भूजल स्तर बढ़ेगा, बल्कि इलाके की पानी की समस्या भी दूर हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

------

इतनी बड़ी जगह पर एक पार्क विकसित करने की योजना हमने तैयार की थी। सालों पहले इसका प्रस्ताव दिल्ली सरकार के साथ डीडीए को भी भेजा था, लेकिन माकूल जवाब आज तक नहीं मिल सका।
नील दमन खत्री, पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष, नरेला
------
जल संरक्षण के लिए यह जगह बेहतर हो सकती है। जमीनी हकीकत जानने के लिए जल्द ही इसकी पड़ताल कराई जाएगी। मिल तथ्यों के आधार पर सरकार हर संभव कदम उठाएगी।
एसडी सिंह, सीईओ, दिल्ली पार्क एंड गार्डन सोसायटी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed