पेंशन धारकों के लिए अच्छी खबर, जीवन प्रमाण पत्र के लिए घर आएगी मोबाइल वैन
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क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त नरेंद्र सिंह ने बताया कि कई ऐसे बुजुर्ग हैं, जो बीमारी या किन्हीं अन्य कारणों से विभाग में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के लिए नहीं पहुंच पा रहे हैं। मोबाइल वैन ऐसे ही बुजुर्गों के लिए शुरू की गई है।
वैन के जाने से पहले उस एरिए के जितने भी बुजुर्ग, जिनका डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनना है, उन्हें वहां पहले ही उस सेक्टर का आरडब्लूए एकत्रित करें, यह उनकी जिम्मेदारी है।
मोबाइल वैन में विभाग का दक्ष कर्मचारी, लैपटॉप, अंगूठे की छाप या आईरेज स्कैन करने की मशीन मौजूद होगी।
उन्होंने बताया कि पेंशन खाता धारक की आईरेज या अंगूठे की छाप स्कैन करके उसे आधार से लिंक किया जा रहा है। ऐसे में बैंक के पास विभाग से सीधे अपडेट रहेगी और पेंशन खाता धारक बैंक से पेंशन निकाल सकता है।
करीब 3500 पेंशन खाता धारकों ने कराया अपडेट
पहले की व्यवस्था में पेंशन चालू रहे तो इसके लिए जीवन प्रमाण पत्र हर साल अपडेट कराना होता था। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र व्यवस्था में भी हर साल अंगूठे की छाप या आईरेज स्कैन कराकर अपडेट कराना होगा लेकिन इसमें फर्जीवाड़े की संभावना खत्म हो जाएगी।
पहले पेंशन खाता धारक राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित कराकर बैंक में लिखित तौर पर देते थे, जिसमें फर्जीवाड़ा भी होता था।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने बताया कि जिले में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के अंतर्गत करीब 9000 पेंशन खाता धारक हैं, जिनमें से करीब 3500 ने डिजिटल प्रमाण पत्र बनवाया है।