दिल्ली सरकार ने दिए संकेत, रद्द हो सकता है मैक्स अस्पताल का लाइसेंस
मैक्स अस्पताल में जिंदा मासूम को मृत बताकर सौंपने का मामला
दिल्ली सरकार ने दिए संकेत, स्वास्थ्य मंत्री बोले-चल रही है जांच
अस्पताल द्वारा ईडब्ल्यूएस मरीजों को इलाज न देने का भी खुलासा
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मैक्स अस्पताल का लाइसेंस रद्द हो सकता है। दिल्ली सरकार ने इस बात के संकेत दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि पूरे मामले की जांच हो रही है। रिपोर्ट आने पर सख्त कार्रवाई होगी और लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।
अस्पताल द्वारा ईडब्ल्यूएस मरीजों को इलाज न देने का भी खुलासा हुआ है। सरकार इस मामले में उसे पहले ही नोटिस जारी कर जवाब मांग चुकी है। जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले में सख्त कदम उठाने को कहा है।
उन्होंने बताया कि इसी अस्पताल को 22 नवंबर को भी एक मामले में कारण बताओ नोटिस सरकार ने जारी किया था। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की जांच के मामले में अस्पताल नियमों का उल्लंघन कर रहा था। 25 प्रतिशत की जगह महज 10 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों का ही उपचार इस अस्पताल में किया जा रहा था।
मामले को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी भेजा
जैन ने कहा कि नवजात वाले मामले को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी भेज दिया गया है। जो भी डॉक्टर इस मामले में लिप्त होगा, तो उस पर भी कार्रवाई होगी। प्राइवेट अस्पताल को विकास व स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए छूट दी जाती है, जबकि सरकारी अस्पताल इस स्थिति में दरकिनार होते जाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पताल संचालन में कई नामी लोग रुचि दिखाते हैं। ऐसी स्थिति में सरकारी अस्पतालों का स्तर गिराने का भी काम प्राइवेट अस्पताल करते हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार सरकारी अस्पतालों को बेहतर करने में जुटी है।
अब सरकारी अस्पतालों में भी इलाज कराने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। नवजात मामले में दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोप साबित होने पर सात साल की कैद का इस मामले में प्रावधान है।