फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   max hospital licence can be cancelled in delhi

दिल्ली सरकार ने दिए संकेत, रद्द हो सकता है मैक्स अस्पताल का लाइसेंस

Sun, 03 Dec 2017 01:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 03 Dec 2017 01:22 PM IST
सार

मैक्स अस्पताल में जिंदा मासूम को मृत बताकर सौंपने का मामला
दिल्ली सरकार ने दिए संकेत, स्वास्थ्य मंत्री बोले-चल रही है जांच
अस्पताल द्वारा ईडब्ल्यूएस मरीजों को इलाज न देने का भी खुलासा

विज्ञापन
max hospital licence can be cancelled in delhi

विस्तार

मैक्स अस्पताल का लाइसेंस रद्द हो सकता है। दिल्ली सरकार ने इस बात के संकेत दिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि पूरे मामले की जांच हो रही है। रिपोर्ट आने पर सख्त कार्रवाई होगी और लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।

विज्ञापन


अस्पताल द्वारा ईडब्ल्यूएस मरीजों को इलाज न देने का भी खुलासा हुआ है। सरकार इस मामले में उसे पहले ही नोटिस जारी कर जवाब मांग चुकी है। जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने इस मामले में सख्त कदम उठाने को कहा है।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि इसी अस्पताल को 22 नवंबर को भी एक मामले में कारण बताओ नोटिस सरकार ने जारी किया था। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों की जांच के मामले में अस्पताल नियमों का उल्लंघन कर रहा था। 25 प्रतिशत की जगह महज 10 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों का ही उपचार इस अस्पताल में किया जा रहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

मामले को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी भेजा

max hospital licence can be cancelled in delhi

जैन ने कहा कि नवजात वाले मामले को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी भेज दिया गया है। जो भी डॉक्टर इस मामले में लिप्त होगा, तो उस पर भी कार्रवाई होगी। प्राइवेट अस्पताल को विकास व स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए छूट दी जाती है, जबकि सरकारी अस्पताल इस स्थिति में दरकिनार होते जाते हैं।

उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पताल संचालन में कई नामी लोग रुचि दिखाते हैं। ऐसी स्थिति में सरकारी अस्पतालों का स्तर गिराने का भी काम प्राइवेट अस्पताल करते हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार सरकारी अस्पतालों को बेहतर करने में जुटी है।

अब सरकारी अस्पतालों में भी इलाज कराने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। नवजात मामले में दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोप साबित होने पर सात साल की कैद का इस मामले में प्रावधान है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed