मानहानि मामला: जेटली बनाम केजरीवाल मानहानि मामले की सुनवाई टली
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डीडीसीए मानहानि मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व अन्य पांच आप नेताओं के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। मामले की सुनवाई के लिये पांच अगस्त की तारीख तय की गई है। अदालत ने केजरीवाल व अन्य नेताओं पर 25 मार्च को आरोप तय किए थे।
पटियाला हाउस अदालत के सीएमएम सुमित दास शनिवार को ट्रेनिंग पर थे। इस कारण अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह, कुमार विश्वास, आशुतोष, दीपक वाजपेयी व राघव चड्ढा के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई नहीं हो सकी।
अदालत ने आरोप तय करते हुये कहा था कि प्रथम दृष्टया आरोपियों ने शिकायतकर्ता के खिलाफ बयान दिए, जिससे उसकी व उसके परिवार के सदस्यों की भारी बदनामी हुई। इस मामले में आरोपियों पर मानहानि की धाराओं में मुकदमा चलाने के लिये पर्याप्त साक्ष्य हैं।
भाजपा नेता जेटली ने केजरीवाल व अन्य आप नेताओं के खिलाफ 21 दिसंबर 2015 को मानहानि की शिकायत दायर कर मुकदमा चलाने की मांग की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि वह वर्ष 2000 से 2013 के बीच डीडीसीए के अध्यक्ष थे। इन आरोपियों ने उनके व उनके परिवार पर स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी 21 सेंचुरी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड से वित्तीय लाभ लेने के झूठे बयान दिये, जिससे उनकी व उनके परिवार की बदनामी हुई है।
इस मामले में पिछले तारीख पर वित्त मंत्री अरुण जेटली व केजरीवाल के बीच तीखी बहस व आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग काफी चर्चाओं में रहा।
जेटली-जेठमलानी में हुई थी तीखी नोंकझोंक
वित्त मंत्री अरुण जेटली और अरविंद केजरीवाल के डीडीसीए मानहानि मामले में बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी और जेटली के वकीलों के बीच काफी बहस हुई।
जेठमलानी ने जेटली को धूर्त तक कह दिया। इसपर आपत्ति जताते हुए जेटली ने कहा कि क्या अरविंद केजरीवाल ने आपको अनुमति दी है ये शब्द कहने के लिए। अगर दी है तो मैं 10 करोड़ की मानहानि की राशि बढ़ाने वाला हूं। जेटली ने कहा कि अपमान की एक सीमा होती है।