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पीएम मोदी की घोषणा के बावजूद इन ब्रांड पर नहीं लागू हुआ जीएसटी!

Mon, 03 Jul 2017 09:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Mon, 03 Jul 2017 09:43 AM IST
सार

-ग्राहक व दुकानों पर में उलझन, बाजारों में 95 फीसदी दुकानों पर नहीं की जा रही बिलिंग 
जीएसटी पैकेज:
कहीं जीएसटी लागू, तो कहीं पुराने दर पर ही बेच रहे है सामान 
-ग्राहक व दुकानों पर में उलझन, बाजारों में 95 फीसदी दुकानों पर नहीं की जा रही बिलिंग
-मैनुअल तरीके से ग्राहकों के मांगने पर दिया जा रहा है बिल 

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gst is not allowed on these places after roll out in gurugram

विस्तार

जीएसटी लागू होने से ग्राहक और कारोबारी पूरी तरह उलझन में नजर आए। आम जरूरत की अधिकांश दुकानों पर अभी भी पुरानी दर्रे पर ही सामान बेचा जा रहा था।

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बाजार में अभी भी काफी दुकानों पर पुराने दामों पर ही सामान बेचा जा रहा है। जिससे ग्राहकों के लिए यह कौतुहल का विषय बना रहा। ग्राहक दुकानदारों से सामान खरीदने से पहले जीएसटी के बारे में पूछताछ करते नजर आए।
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कुछ दुकानदार भी उलझन में हैं कि जीएसटी से उनका कारोबार चौपट हो सकता है। दूसरे दिन उनकी सेल भी कम हो रही है। वहीं तैयार कपड़ों और जूतों की कंपनियों द्वारा जीएसटी लागू से पहले से एक आइटम खरीदने पर एक मुफ्त की स्कीम चलाई जा रही थी।
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लेकिन रविवार  को बाजार में देखा गया कि यह स्कीम बंद कर 30 से 40 प्रतिशत में ऑफर देकर ग्राहकों को लुभाया जा रहा है। सजने-संवरने पर खर्च बढने से महिलाएं खासी नाराज दिख रही । पहले के मुकाबले उन्हें ज्यादा भुगतान करना पड़ रहा है। 

सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने से कीमतें नहीं बढ़ी

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एमजीएफ मॉल में वरमोडा के आउटलेट पर कपड़ों पर कोई फर्क नहीं पड़ा। पुराने रेट से सामान बेचा जा रहा थ। दरअसल  सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने की वजह से जीएसटी का फर्क नहीं पड़ा।

संचालक ने बताया कि जीएसटी के मुताबिक सामानों की कीमतें सॉफ्टवेयर पर अपडेट की जा रही हैं इसमें थोड़ा समय लगेगा। वहीं खरीदारी करने आई कुसुम माथुर ने बताया कि अभी तो पुरानी कीमतों पर ही खरीदारी की है। 

पूजा  सामग्री पर नहीं पड़ा असर
सदर बाजार में जीएसटी के बाद भी कीमतों पर कोई असर नहीं दिखा। दुकानदार विकास मलिक ने बताया कि अभी पुराना स्टॉक पड़ा है। इसे पुरानी कीमतों पर ही बेचा जा रहा है। जब नया स्टॉक लाएंगे तो उसकी कीमतों के मुताबिक आगे फर्क पड़ेगा।

जैसे कि जीएसटी में कपूर अगरबत्ती  कपड़ा महंगा हुआ है। इसका सीधा असर पूजन सामग्री पर पड़ेगा। खरीदारी करने आए  रेनू ने बताया कि पुराने दाम पर ही माल मिल रहा है। 

ब्यूटी पार्लर में सजना संवरना हुआ महंगा
आयशा ब्युटी पार्लर में जीएसटी का असर देखने को मिला। ब्यूटी प्रोडक्ट्स महंगे होने से पार्लर में सभी सुविधाएं बढ़े हुए दामों पर मिली। पार्लर संचालिका आशा ने बताया कि जीएसटी आने से संजना संवरना थोड़ा महंगा हो जाएगा।

सभी प्रोडक्ट्स महंगे दामों पर मिल रहे हैं इसलिए ग्राहकों को ही भुगतना पड़ेगा। मेकअप कराने आई  ज्योति ने कहा कि पार्लर में महंगाई बढने से महिलाओं की जेब कटेगी। इससे मैं खुश नहीं हूं।  

कपड़े की दुकान
रेडीमेड़ कपड़ों के युवा व्यापारी यादविद्रं ने कहा कि जीएसटी के बारे में उन्हें कोई खास जानकारी नहीं है। लगता है कि जीएसटी लागू होने के भय से शनिवार सुबह से एक.दो ग्राहक ही आए हैं।

हमनें अपनी दुकान का जीएसटी नंबर तो  ले लिया है बिल बुक भी छपवा ली है।  लेकिन ग्राहक नहीं हैं। यहीं हाल रहा तो आने वाले दिनों में परेशानी होगी। रविवार को ग्राहक नहीं होने चलते सेल्समैन भी बैठे हुए हैं। 

दवा
मेडिकल शॉप के दुकानदार विजय ने बताया कि  साफ्टवेयर अपलोड कर दिया गया है। लेकिन अभी पुराने दर पर ही दवा के बिल काटे जा रहे हैं। दवा के थोक विक्रेता की ओर से दर में बदलाव होते ही उपभोक्ताओं से भी उसी के अनुरूप दाम लिए जाएंगे। सोहना निवासी राजेंद्र ्रने बताया कि जीएसटी से अभी तक दवा के दर पर अभी तक असर नहीं पड़ा है। दवा बिल में भी जीएसटी के संबंध में जानकारी नहीं दी गई है। 

कोरियर
सिविल लाइन स्थित डीटीडीसी कोरियर के संचालक अमित कुमार ने बताया कि उनकी कंपनी ने उन्हें पहले ही जीएसटी के बारे में प्रशिक्षण दे दिया था। कोरियर पर जीएसटी मात्र 3 प्रतिशत बढ़ा है। जिससे ग्राहकों के लिए ज्यादा सिरदर्द नहीं है।

बिल बुक अभी तक नई नहीं छपी हैं। जिस कारण पुरानी बिल बुक से ही काम चलाना पड़ रहा है। ग्राहक राकेश देव ने बताया कि 3 प्रतिशत ज्यादा कर चुकाना पड़ रहा है। हालांकि यह बढ़ोतरी ज्यादा नहीं है। 

-जीएसटी से सभी को फायदा होगा। 20 लाख तक वार्षिक आय वाले व्यापारी जीएसटी के दायरे में आते ही नहीं हैं। कारोबारियों को जेल जाने का डर दिखाया जा रहा है। ऐसा कुछ नहीं होने वाला है। शुरूआत में थोड़ी बहुत बाधा आती है। नया कानून है इसलिए लोगों के लिए हौव्वा बना हुआ है। -मनीष चौहान, चार्टर्ड अकाउंटेंट

-नोटबंदी की तरह जीएसटी लागू होने से फिलहाल व्यापार बिल्कुल नहीं है। दुकानदार परेशान हैं। ग्राहक के दिल में भी जीएसटी का पूरा खौफ है। उसे लग रहा है कि कपड़ा ज्यादा महंगा हो गया है। -विवेक गुप्ता,कपड़ा व्यापारी
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