फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Income Tax Department Red Marie on Jewelery Showroom

आयकर विभाग ने ज्वैलरी शोरूम पर रेड मारी

Sat, 18 Mar 2017 11:36 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद Updated Sat, 18 Mar 2017 11:36 PM IST
विज्ञापन
Income Tax Department Red Marie on Jewelery Showroom
आयकर विभाग - फोटो : demo pic

विज्ञापन

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीम ने शनिवार को आरडीसी और अंबेडकर रोड स्थित ज्वैलरी शोरूम पर रेड की। इस दौरान सराफा व्यापारियों ने कड़ा विरोध किया। विरोध बढ़ता देख टीम वापस लौट गई।नोटबंदी के दौरान गड़बड़ी करने वाले व्यापारियों व प्रतिष्ठानों में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टीम सर्च कर रही है।

शनिवार को टीम आरडीसी स्थित मोहित कुमार के राधेलाल एंड संस और अंबेडकर रोड स्थित विजय गर्ग के स्वर्ण महल ज्वैलरी शोरूम में रेड की। टीम पूरे दलबल के साथ शोरूम पहुंची और कर्मचारियों से उनका फोन जब्त कर लिया। टीम ने वहां रखे कंप्यूटर पर नोटबंदी के दौरान हुई बिक्री का ब्योरा देखा।
विज्ञापन


अधिकारियों का कहना है कि डिपार्टमेंट उन व्यापारियाें पर सर्च अभियान चला रहा है, जो उन्हें संदिग्ध लगे हैं। इसकी लिस्ट भी बनाई गई है। लिस्ट के अनुसार ही कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, सराफा एसोसिएशन के संरक्षक राज किशोर गुप्ता का कहना है कि व्यापारी जब इनकम डिक्लेयरेशन स्कीम के तहत अपनी आय की घोषणा कर चुके हैं तो यह छापामारी क्यों की जा रही है। टीम के सदस्यों पर कर्मचारियों से अभद्रता का आरोप भी उन्होंने लगाया।  दोनों व्यापारियों ने स्कीम के तहत 50 लाख रुपये घोषित किए हैं।

उधर, आईटी टीम ने शनिवार को मोदी मंदिर के सामने स्थित हितकारी उपभोक्ता भंडार पर सर्वे अभियान चलाया। इस दौरान दस्तावेजों की जांच की गई। टीम के आने की सूचना पर शहर के व्यापारियों में हड़कंप मचा रहा। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि यह रूटीन सर्वे है। हाईवे पर राम विलास कुंज बिहारी लाल के नाम से हितकारी उपभोक्ता भंडार है।

टीम दोपहर करीब 12 बजे पहुंची। टीम ने दस्तावेज, मॉल के स्टॉक समेत अन्य बिंदुओं पर जांच की।

पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, मेडिकल स्टोर हैं आईटी के निशाने पर
 बिजली विभाग, नगर निगम, वाणिज्य कर विभाग के साथ शहर के पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, मेडिकल स्टोर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के निशाने पर हैं। डिपार्टमेंट मार्च तक व्यापक अभियान चलाकर संदिग्ध अकाउंट खंगाल रहा है। नोटबंदी के दौरान केंद्र सरकार ने चुनिंदा क्षेत्रों में ही पुराने 500 व 1000 के नोट बदलने की व्यवस्था की थी।

उस समय करोड़ों रुपये की अदला-बदली की गई। कई अकाउंट ऐसे भी थे, जिसमें अप्रत्याशित तरीके से कैश का फ्लो बढ़ गया। आईटी डिपार्टमेंट की टीमें शेड्यूल बनाकर पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी के साथ आने वाले कुछ दिनों में बिजली विभाग के अकाउंट की भी जांच करेंगी।

केंद्र सरकार ने 8 नवंबर को बाजार से 500 व 1000 के नोट का चलन बंद कर दिया था। आईटी डिपार्टमेंट के अधिकारियों के मुताबिक नोटबंदी के दौरान बैंकों में सिर्फ पुराने नोट जमा और बदले गए। अब उन सभी अकाउंट को देखा जा रहा हैं, जिसमें काफी मात्रा में कैश जमा या निकाला गया।

विभागीय टीमों ने बीते दिनों दो पेट्रोल पंपों की जांच की। इनके अलावा दो गैस एजेंसियों के रिकार्ड को भी देखा गया। टीमें मुख्य रूप से उस दौरान हुई सेल परेचज को देख रही हैं।

सरकारी विभाग के भी अकाउंट देखे जाएंगे

नोटबंदी के  समय अकेले बिजली विभाग में ही करीब215 करोड़ रुपये जमा हुए थे। यही हाल नगर निगम में भी रहा। नगर निगम में बकाया टैक्स जमा करने के लिए लोग उमड़े और करीब 6 करोड़ जमा किए। आईटी डिपार्टमेंट बिलों के जरिए उपभोक्ताओं के अकाउंट को चेक करेगा। मेडिकल स्टोर पर इसकी जद में रहेंगे।

सूत्रों का कहना है कि एक करोड़ से ऊपर रुपये जमा करने वाले 120 अकाउंट चेक करने के बाद 50 लाख व 10 लाख रुपये तक जमा करने वाले अकाउंट को देखा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed