हत्यारे दोस्त की मौसी की उस बात को मान लेती इंजीनियर अंजली तो शायद बच जाती उसकी जान
हत्या के वक्त पीजी के पास ही था अश्वनी
- हत्या के 30 मिनट बाद बंद हुआ अश्वनी का मोबाइल
- मौसी ने अश्वनी को अंजली से दूर रहने की दी थी हिदायत
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा, 31 मई
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अंजली की हत्या की वक्त उसके दोस्त और हत्यारोपी अश्वनी यादव के मोबाइल की लोकेशन सेक्टर-62 आसपास ही थी। अश्वनी ने अंजली की हत्या के 30 मिनट बाद मोबाइल बंद किया है। तब भी वह नोएडा में ही था।
प्राथमिक जांच में पुलिस को पता चला है कि अंजली की मौसी कामिनी भदौरिया ने अश्वनी को पूर्व में हिदायत दी थी कि वह अंजली से दूर रहे। एसपी सिटी अरूण कुमार सिंह ने बताया कि अश्वनी ने सुबह 6:05 बजे जब अश्वनी को फोन किया तो उसकी लोकेशन सेक्टर-62 के आसपास ही थी।
अंजली का पीजी भी सेक्टर-62 की शताब्दी रेल विहार सोसायटी में है। आशंका है कि उसने सोसायटी के बाहर से ही अंजली को फोन कर मिलने के लिए बोला होगा। उसके फोन पर अंजली नीचे गई और आरोपी ने उसे गोली मार दी।
दोस्ती खत्म करने को कहा था
हत्या के कुछ देर बाद तक अश्वनी के मोबाइल की लोकेशन सेक्टर-62 आसपास ही थी। लगभग सात बजे अश्वनी का मोबाइल फोन बंद हुआ है। उस वक्त तक उसकी लोकेशन नोएडा में ही थी। ऐसे में उस पर हत्या का संदेह गहरा गया है।
उधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि एलपीयू जालंधर में पढ़ाई के दौरान अंजली और अश्वनी की दोस्ती थी। उसकी मौसी कामिनी ने भी इसी विश्वविद्यालय से एमबीए की पढ़ाई की है। वह इन लोगों की सीनियर थी। कामिनी को इनकी दोस्ती बिल्कुल पसंद नहीं थी।
कामिनी भी मूल रूप से इटावा की रहने वाली है और अश्वनी भी मूल रूप से इटावा का रहने वाला है। लिहाजा कामिनी अश्वनी को पहले से जानती थी। उसकी नजर में अश्वनी अच्छा लड़का नहीं था। इसलिए उसने अश्वनी को चेतावन दी थी कि वह अंजली से दूर रहे। साथ ही उसने अंजली को भी अश्वनी से दोस्ती खत्म करने को कहा था।