आईआईटी में बंद होंगे ये कोर्स, 20 अगस्त को होगा फैसला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईआईटी के जिन कोर्स में छात्र दाखिला लेना पसंद नहीं करते, उन कोर्स को बंद किया जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सहमति मिलने के बाद इस मामले पर अब ज्वाइंट एडमिशन बोर्ड की 20 अगस्त की बैठक में चर्चा होगी।
मालूम हो कि आईआईटी में 121 तो अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में सातवें राउंड की काउंसलिंग के बाद करीब छह हजार सीट खाली रह गयी है। आईआईटी से जुड़े अधिकारी के मुताबिक काउंसलिंग में सीट लेने के बाद भी दाखिला न लेने का ट्रेंड तीन सालों बढ़ गया है।
इसको लेकर मंत्रालय ने आईआईटी खड़गपुर के डायरेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी बनायी थी। इसी कमेटी ने पिछले साल मंत्रालय को सुझाव दिया कि पिछले तीन सालों में आईआईटी में सीट इसलिए खाली रह गईं, क्योंकि उन कोर्स की बाजार में मांग नहीं थी। छात्र ऐसे कोर्स में दाखिला लेना चाहते हैं, जो नौकरी देने वाला हो।
कड़े कदम उठाने पर हो सकता है विचार
पहली बार सात राउंड की काउंसलिंग की गयी, ताकि सीट खाली न रहे। लेकिन इस बार भी आईआईटी मुंबई, दिल्ली, खड़गपुर, बनारस जैसे संस्थान में 121 सीट खाली रह गई। आईआईटी की एक-एक सीट कीमती होती है, ऐसे में छात्रों का यह रवैया बेहद चौंकाने वाला है।
एडमिशन बोर्ड की बैठक में चलन से बाहर हो चुके कोर्स पर चर्चा होगी। वर्ष 2014 में तीन, 2015 में 50 तो वर्ष 2016 में 96 सीटें खाली रह गईं थीं। वहीं, एनआईटी समेत अन्य संस्थानों में भी हजारों सीटें खाली रह गई हैं।
इस बैठक में इस बात पर भी चर्चा हो सकती है कि यदि कोई छात्र काउंसलिंग में सीट रिजर्व करने के बाद दाखिला नहीं लेता है, तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए। इसके अलावा दाखिला लेने के बाद कोई सीट छोड़ता है तो कुल फीस में आधी काट ली जाए। इसके अलावा कोर्स बंद होने पर पापुलर कोर्स में सीट तब्दील करने पर भी सहमति बन सकती है।