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अब एक समान होगा DU के हॉस्टल में लड़के-लड़कियों के आने-जाने का समय

Fri, 04 Aug 2017 10:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 04 Aug 2017 10:13 AM IST
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girls boys entry exit time will be same in delhi university hostel
डेमो - फोटो : demo pic

 दिल्ली महिला आयोग के दखल से अब डीयू के हिंदू कॉलेज के हॉस्टल में लड़के और लड़कियों के आने-जाने का समय एक समान कर दिया गया है। वहीं, यूजीसी से ग्रांट न मिलने के चलते ही लड़के और लड़कियों की हॉस्टल फीस में असमानता है। हिंदू कॉलेज प्रबंधन द्वारा आयोग के समक्ष यह बात रखने के बाद अब आयोग अध्यक्ष ने मानव संसाधन विकास मंत्री और यूजीसी अध्यक्ष से मिलने का समय मांगा है। 

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आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के मुताबिक, हिंदू कॉलेज हॉस्टल में लड़के और लड़कियों के आने-जाने के समय और फीस में असमानता को लेकर छात्राओं ने आयोग को शिकायत दी थी। इसी आधार पर कॉलेज प्रबंधन को नोटिस दिया गया था। नोटिस पर हिंदू कॉलेज की ब्रर्शर (एडमिन ऑफिसर इन कॉलेज ) बुधवार को आयोग के समक्ष पेश हुई। 
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कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि लड़कों का हॉस्टल यूजीसी की ग्रांट से निर्मित हुआ था। जबकि नवनिर्मित गर्ल्स हॉस्टल के लिए यूजीसी से ग्रांट नहीं मिली है। इसके अलावा  लड़कों के हॉस्टल के रखरखाव के लिए कॉलेज को यूजीसी की ओर से हर वर्ष  60 लाख रुपए की ग्रांट मिलती हैं। 
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जबकि गर्ल्स हॉस्टल के रखरखाव के लिए कोई ग्रांट नहीं दी जाती है। ग्रांट न मिलने की वजह से लड़कियों से हॉस्टल की फीस 61 हजार रुपए ली जा रही है। जिसमें से 4 हजार रुपए रिफंडेबल है। जबकि लड़कों से 30,900 रुपए हॉस्टल फीस ली जा रही है। जिसमें 4 हजार रुपए रिफंडेबल है। 


यूजीसी से जो 60 लाख रुपए ग्रांट मिलती है। उस हिसाब से हॉस्टल में रहने वाले हर लड़के को हर साल 30 हजार रुपए हॉस्टल फीस पर सब्सिडी मिल जाती है। कॉलेज फीस में अंतर इसी के चलते है। इसके अलावा कॉलेज प्रबंधन ने दिल्ली महिला आयोग को बताया है कि लड़कों व लड़कियों के हॉस्टल की टाइमिंग अब एक समान कर दी गई है। 

 इस मामले को आयोग मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के समक्ष उठाएंगी, ताकि बेटियों को भी बेटों की तर्ज पर समान अधिकार मिल सकें।  

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